कैप्टन अमरिन्दर सिंह के निर्देशों पर 2,50,000 से अधिक प्रवासी मज़दूरों को विशेष रेलगाडिय़ों के द्वारा उनके पैतृक राज्य वापस भेजा गया

इन प्रवासियों के लिए आज अमृतसर से 200वीं श्रमिक रेलगाड़ी की जा रही है रवाना

चंडीगढ़, 19 मई: आज अमृतसर से 200वीं श्रमिक रेलगाड़ी की रवानगी के साथ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने विशेष रेलगाडिय़ों के द्वारा 2,50,000 से अधिक प्रवासी मज़दूरों को उनके पैतृक राज्यों में वापस जाने की सुविधा मुहैया करवाई है। 

नोडल अधिकारी विकास प्रताप ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार प्रवासी मज़दूरों के लिए 15 और विशेष रेलगाडिय़ाँ चलाने के साथ अब 5 से 19 मई तक ऐसी रेलों की कुल संख्या 215 हो गई है और ऐसा करने वाला पंजाब अग्रणी राज्य बन गया है।  डी सी शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने अमृतसर से 200वीं ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर प्रवासियों को महाराष्ट्र (मज़दूरों के पैतृक राज्य) भेजने के लिए रवाना किया। उन्होंने कहा कि हम यह यकीनी बना रहे हैं कि वापस जाने की इच्छा रखने वाले प्रवासी जल्द से जल्द बिना किसी मुश्किल के अपने परिवारों के पास पहुँच सकें। मुख्यमंत्री के दिशा-निरदेशें के अनुसार राज्य सरकार हमारे प्रवासी कामगारों को हर तरह की राहत और सहायता प्रदान करने के लिए 24 घंटे काम कर रही है।

नोडल अफ़सर विकास प्रताप ने कहा कि डिप्टी कमिश्नरज़ और अम्बाला और फिऱोज़पुर डिवीजऩ के रेलवे अधिकारियों के सहयोग से यह काम पूरा किया जा रहा है।  कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस संकट के शुरू से ही राज्य में काम कर रहे सभी प्रवासियों, जो अपने पैतृक राज्यों को वापस जाना चाहते हैं, को हर तरह की सहायता और सहयोग देने का भरोसा दिया था।  प्रवासियों को देश के विभिन्न हिस्सों में पहुँचाने के लिए कुल 215 में से सबसे अधिक रेलगाडिय़ाँ (89) लुधियाना से और 61 रेलगाडिय़ाँ जालंधर से चलाईं गई हैं। अन्य स्थानों जहाँ से रेलगाडिय़ाँ प्रवासियों को लेकर रवाना हुई हैं, उनमें से अमृतसर से 19, पटियाला (16), मोहाली (15), बठिंडा(3), फिरोजपुर(6) और सरहिन्द से 5 गाड़ीयाँ शामिल हैं।  सबसे अधिक रेलगाडिय़ाँ यू.पी. और उसके बाद बिहार और झारखंड को जा रही हैं।

पंजाब सरकार छत्तीसगड़, मणीपुर, मध्य प्रदेश, महांराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश को भी रेलगाडिय़ाँ भेजी जा रही हैं।  प्रवासी मज़दूरों की मुश्किलें कम करने के लिए राज्य द्वारा हर संभव सहायता प्रदान करने की वचनबद्धता का भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि घर वापस जाने वाले सभी लोगों को उनके सफऱ के लिए भोजन, पानी और अन्य ज़रूरी चीजें भी प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा, इन सभी राज्यों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो प्रवासियों की उनके गृह राज्यों को सुरक्षित वापसी की सुविधा के लिए दूसरे राज्यों में अपने समकक्ष के साथ सक्रियता से संपर्क में हैं और प्रवासियों की ज़रूरी डॉक्टरी जांच के लिए डिप्टी कमिश्नरज़ स्तर पर टीमों का गठन किया गया है।

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