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हिंसा प्रभावित महिलाओं की सहायता के लिए पंजाब के सभी जि़लों में ‘सखी सैंटर’ शुरू-अरुणा चौधरी

हिंसा प्रभावित महिलाओं की सहायता के लिए पंजाब के सभी जि़लों में ‘सखी सैंटर’ शुरू-अरुणा चौधरी
  • PublishedFebruary 3, 2020

प्रभावित महिलाओं को डॉक्टरी, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता होगी मुहैया

चंडीगढ़, 3 फरवरी । पंजाब सरकार ने हिंसा प्रभावित महिलाओं को हर तरह की सहायता एक छत के नीचे मुहैया करने के मंतव्य से राज्य के सभी जि़लों में ‘वन स्टॉप सखी सैंटर’ (ओ.एस.सी.) स्थापित किये हैं। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की इस विलक्षण पहल के अंतर्गत राज्य भर में 22 सखी सैंटर सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जिनमें समर्पित स्टाफ तैनात किया गया है, जो हिंसा प्रभावित महिलाओं को अपेक्षित सहायता मुहैया करवा रहा है।

इस नवीन पहलकदमी संबंधी अवगत करवाते हुए पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने कहा कि हिंसा प्रभावित महिलाओं को एक छत के नीचे सभी ज़रूरी सुविधाएं जिनमें डॉक्टरी, कानूनी सुविधा के अलावा मानसिक तौर पर सहारा देना शामिल है, मुहैया करने के लिए विभाग द्वारा यह सैंटर चलाए जा रहे हैं।इन सैंटरों को हेल्पलाईन नंबर 181 समेत अन्य सभी मौजूदा हेल्पलाईनों के साथ जोड़ा गया है जिससे इनके द्वारा प्रभावित महिलाएं ‘सखी सेंटरों’ में पहुंच सकें।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि हिंसा प्रभावित महिलाओं को एफ.आई.आर. दर्ज करवाने से लेकर हर तरह की एमरजैंसी डॉक्टरी सुविधा मुहैया की जाती है। इसके अलावा उनकी कानूनी सहायता और रिहायश का प्रबंध करने संबंधी काऊंसलिंग भी की जाती है। पीडि़त महिलाओं के कल्याण सम्बन्धी अपनी वचनबद्धता दोहराते हुए श्रीमती चौधरी ने आगे कहा कि सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं की सुरक्षा और संभाल के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए कई जागरूकता प्रोग्राम चला रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘सखी सैंटर’ इनमें से एक है, जिनके द्वारा महिलाएं किसी भी समय सहायता हासिल कर सकतीं हैं।कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन सैंटरों में से हरेक में 14 पेशेवर कर्मचारी तैनात हैं, जिनमें एक केंद्रीय प्रशासक के अलावा दो मनोवैज्ञानिक और सामाजिक काऊंसलर, 2 केस वर्कर, 2 पैरा मैडीकल वर्कर, एक लीगल काऊंसलर, डेटा एनालिस्ट, वित्त और प्रशासनिक सहायक, दो बहु उद्देश्यीय हैल्पर और दो सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। मुश्किल में फंसी कोई भी महिला 181 नंबर हेल्पलाईन पर फ़ोन कर सकती है, जिसके बाद एक वैन के द्वारा उसे ‘सखी सैंटर’ लाया जायेगा और ज़रूरत पडऩे पर शरण मुहैया की जायेगी। उसे लाजि़मी वस्तुएँ भी सैंटरों के द्वारा दी जाएंगी।

उन्होंने आगे बताया कि इसके लिए जि़ला स्तर पर भी हेल्पलाइन नंबर कायम किये गए हैं, जिनमें अमृतसर का 01832-545955, बठिंडा 0164-2212480, बरनाला 01679-230181, फरीदकोट 01639-501280, फतेहगढ़ साहिब 84277-87115, फाजि़ल्का 01638-260181, फिऱोज़पुर 01632-243068, गुरदासपुर 01874-240165, होशियारपुर 01882-254112, जालंधर 0181-2230181, कपूरथला 98765-02631, लुधियाना 0161-5020700, मानसा 01652-233100, मोगा 01636-224216, पठानकोट 0186-2230197, पटियाला 0175-2358713, रूपनगर 01881-500070, एस.ए.एस. नगर 99144-00406, संगरूर 01672-240760, शहीद भगत सिंह नगर 01823-298522, श्री मुक्तसर साहिब 01633-261421 और तरन तारन का हेल्पलाईन नंबर 01852-222181 है।

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The Punjab Wire