मुख्यमंत्री ने जीरकपुर अपनी धर्मपत्नी परनीत कौर का हलका होने के बावजूद भी चार साल में एक बार भी जाने तक की परवाह नही की: सुखबीर बादल

पंजाबियों को आश्वासन दिया कि शिरोमणी अकाली दल शराब रेत माफिया सहित कांग्रेसी विधायकों के सभी गलत कार्यों की जांच करेगा

एन के शर्मा द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि शिरोमणी अकाली दल की सरकार बनते ही उन्हे कैबिनेट के पद से पुरस्कृत किया जाएगा

जीरकपुर/04अप्रैल: शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार भी इस हलके का दौरा करने की परवाह तक नही की, बावजूद इसके कि यह संसदीय क्षत्र पत्नी परनीत कौर का है। उन्होने जोर देकर कहा कि पहले शिरोमणी अकाली दल के नेतृत्व वाली सरकार ने इस हलके पर 1256 करोड़ रूपये खर्च किए थे।

यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि पंजाबियों को उस मुख्यमंत्री से क्या उम्मीद हो सकती है जो एक निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करने के लिए अपने फार्म हाउस तक को छोड़ने के लिए तैयार नही हैं। ‘ कैप्टन अमरिंदर सिंह 4 साल में सिर्फ 11 बार अपने कार्यालय गए बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल द्वारा दी गई सभी सुविधाएं भी वापिस ले ली। लोग परेशान हो रहे हैं क्योंकि आटा दाल तथा बुढ़ापा पेंशन योजना तथा सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाईयों बांटी जाने वाली योजना तथा सेवा केंद्र जो लोगों की सुविधा के लिए खोले गए थे सब बंद कर दिए गए हैं।

सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री को सिर्फ अपने भ्रष्ट मंत्रियों को क्लीन चिट देने की चिंता है ,लेकिन इस तथ्य के बावजूद समाज कल्याण मंत्री को उनके ही विभाग के प्रमुख सचिव ने उनपर 64 करोड़ का गबन करने का आरोप लगाया था, जिसे भी क्लीन चिट दे दी गई। उन्होने कहा कि इसी तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के तीन विधायकों मदन लाल जलालपुर, हरदयाल सिंह कंबोज तथा गुरकीरत सिंह कोटली के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की जो अपने विश्वासपात्रों के जरिए अवैध शराब के कारखाने चला रहे थे। उन्होने कहा कि इसी तरह राजस्थान तथा जम्मू के बाहरी लोगों ने कांग्रेसी विधायकों के साथ मिलकर राज्य में रेत माफिया का काम किया था, जो अवैध रूप से खनन कर राज्य के खजाने को लूट रहा है। उन्होने कहा कि जहां राज्य को उत्पाद शुल्क राजस्व में लगभग 6500 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ था, वही राज्य खेत खनन से कांग्रेस सरकार द्वारा अनुमानित 1400 करोड़ रूपये के राजस्व में से 100 करोड़ भी एकत्र नही कर सका।

सरदार बादल ने कहा कि हम मनरेगा फंड में हेराफेरी की समयबद्ध जांच के आदेश देंगे। कांग्रेस के विधायकों ने इंटरलाॅकिंग टाइलों के कारखाने खोलकर राज्य के खजाने को लूट रहे हैं तथा राज्य प्रशासन को मनरेगा कार्यों के लिए उनका उपयोग करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

सरदार बादल ने डेराबस्सी के विधायक एन के शर्मा द्वारा चुनाव क्षेत्र में की गई सेवा की भी सराहना की। उन्होने कहा कि शर्मा हर गली की समस्याओं को अच्छी तरह जानते हैं तथा उन्हे जल्द से जल्द हल करने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं। ‘ एक बार सरकार बनते ही उन्हे राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करके लोगों की सेवा करने के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।

लोगों को यह आश्वासन देते हुए कि अकाली दल लोेगों के हितों की रक्षा करता रहेगा, सरदार बादल ने घोषणा की कि एक बार शिरोमणी अकाली दल की सरकार बनते ही तीनों खेती कानूनों को लागू नही होने देगा। उन्होने यह भी घोषणा की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज की खरीद सुनिश्चित करने के अलावा अकाली दल सरकार सब्जियों, फलों तथा दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की भी घोषणा करेगा। ‘ घरेलू खपत के लिए बिजली की दर आधी हो जाएगी तथा अनुसूचित जाति तथा कमजोर वर्गों के छात्रों को मुफ्त शिक्षा सुविधा दी जाएगी।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री सरदारनी हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य का इस हद तक कुप्रबंधन किया कि चार साल के छोटे समय में कर्जा एक लाख करोड़ रूपये बढ़ गया। उन्होने कहा कि सरकार ने लोगों से किए गए किसी भी वादे को पूरा नही किया है, चाहे वह आटा दाल, शगुन स्कीम यां बुढ़ापा पेंशन योजना हो। ‘ हालांकि इसके विपरीत पंजाब में झूठे केस दर्ज किए गए। उन्होने कहा कि एक बार अकाली दल की सरकार बनने के बाद वह महिलाओं की भलाई के लिए विशेष योजनाएं लाने पर केंद्रित करेंगी।

डेरा बस्सी के विधायक एन के शर्मा ने अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में इस हलके के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होने कहा कि इस हलके को पिछले चार साल में कांग्रेस सांसद परनीत कौर से 25 लाख का एक ही चेक मिला था जो बाउंस हो गया था। उन्होने अकाली दल अध्यक्ष से आग्रह किया जीरकपुर को काॅरपोरेशन बनाया जाए। इसके अलावा सरकार बनने पर जीरकपुर में 200 बिस्तर का अस्पताल तथा लालड़ू में एक लड़कियों का काॅलेज खोलने की अपील की।

इस अवसर पर वरिष्ठ नेता सिकंदर सिंह मलूका तथा डाॅक्टर दलजीत सिंह चीमा भी उपस्थित थे।

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