दुबई के सरदार ने हर बार की तरह अपने वचन पूरे किए,यूएई में फंसे 177 पंजाबियों को लेकर पहला चार्टर प्लेन पहुंचा वतन

फंसे लोगों को घरों तक पहुंचाने के लिए डा.ओबराये ने अपने खर्च पर 4 चार्टर प्लेन का किया प्रबंध

एक उड़ान पर 40 लाख से ज्यादा आएगा ख़र्च, रजिस्टर्ड हुए बाकी लोगों को भी जल्द ले आएंगे वापस: डा.ओबराय

अमृतसर, 8जुलाई । बिना पैसा इकट्ठा किए अपनी निजी कमाई का 98 प्रतिशत हिस्सा भाव करोड़ों रुपये खर्च कर अरब देशों में से सैंकड़ों माताओं के लाल को मौत दे मुंह बचा कर लाने वाले दुबई दे प्रसिद्ध कारोबारी और सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख डा.एसपी सिंह ओबराय ने एक बार फिर अपने वचन पूरे करते हुए यूएई में फंसे हज़ारों भारतीयों में से 177 लोग को अपने खर्च पर बुक किए पहले विशेष चार्टर प्लेन के माध्यम से वतन लाकर सेवा के क्षेत्र में एक बार फिर इतिहास रच दिया है।

इस सम्बन्धित जानकारी सांझा करते हुए सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक डा.एसपी सिंह ओबराय ने बताया कि कोरोना महामारी कारण पैदा हुए हालातों कारण अरब देशों अंदर हज़ारों ही ऐसे भारतीय फंसे हुए हैं जो अपने देश आने के लिए तड़प रहे हैँ। उन्होंने बताया कि वहां फंसे लोग चार अलग-अलग वर्गों के हैं, जिनमें से एक वह लोग हैं, जो दुबई में घूमने के लिए गए थे, परंतु वहाँ फंस गए। उन्होंने कहा कि यह वर्ग तो अपने के पास से सभी पैसे ख़र्च कर वापस आने के समर्थ है। दूसरा वर्ग वह है जो वहां बड़ी कंपनियों में काम करने वाले कामगार हैं, जिनको उनकी कंपनियां ही अपने ख़र्च पर वापस भेजने के लिए तैयार हैं और तीसरा वर्ग वह है जो वापस आने के लिए अपने के पास से भी 25 से 50 प्रतिशत खर्च कर सकता है। उन्होंने बताया कि जबकि चौथा वर्ग, जिनकी संख्या भाव हज़ारों में है, वह ऐसे कामगार हैं, जो कोरोना महामारी दौरान कंपनियां बंद होने के कारण सड़कों पर आ चुके हैं, उनकी हालत इतनी ख़राब है कि वह दो वक्त की रोटी को भी तरस रहे हैं। उन्होंने बताया कि दुबई में उनकी अपनी, निजी रिहायशी पनाहगाहों जितनी जगह खाली थी, उनमें तो वह सैंकड़े बेरोज़गार कामगारों को अपने स्तर पर मुफ़्त रिहायश और खाना दे रहे हैं, परंतु सब को वहां रखना असंभव है। उन्होंने यह भी कहा कि बेशक दुबई से भारत आने के लिए पंजीकृत (रजिस्टर्ड) हुए लोगों को विशेष जहाजों के द्वारा वापस लाया जा रहा है, परंतु सीमित उड़ानें होने के कारण बहुत समय लग रहा है,जिस कारण दिन ब-दिन वहां बेरोज़गार हुए लोगों की हालत ख़राब होती जा रही है।

उन्होंने बताया कि पहले पड़ाव के अंतर्गत उन्होंने अपने ख़र्च पर बुक्क करवाई 4 विशेष उड़ानें में से पहली चार्टर उड़ान जो बीती रात रास अल खेमा (यूएई) हवाई अड्डे से चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंची थी, उसके द्वारा 177 पंजाबियों को वापस लाने उपरांत उन सभी को अपनी -अपने जिलों अंदर भेज दिया गया है। इस उड़ान के द्वारा आए लोग अमृतसर, गुरदासपुर, फ़िरोज़पुर,फरीदकोट, श्री फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर, बरनाला और बठिंडा ज़िलों से संबंधित हैँ। उन्होंने बताया कि इस विशेष जहाज़ के द्वारा भारत आने वाले सभी लोगों के सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से अपने खर्च पर रास अल खेमा (यूएई) हवाई अड्डे पर ही कोरोना टेस्ट करवा दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि इस फ्लाइट के द्वारा उपरोक्त चारों वर्गों के लोग वापस आए हैं, परंतु इनमें सबसे अधिक वह लोग हैं, जिनकी समूची टिकट सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से ख़रीदी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका मुख्य मंतव्य वहां फंसे बेरोज़गार और बेबस लोगों को मुफ़्त उनके घरों तक पहुंचाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि ज़रूरत पड़ी तो ट्रस्ट की तरफ से अगले महीने भी अपने ख़र्च पर 4 और विशेष उड़ानों का प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की तरफ से बुक करवाए गए चार्टर्ड जहाजों में से आगे वाली भाव दूसरी फ्लाइट 13 जुलाई को अमृतसर, तीसरी 19 जुलाई को फिर चंडीगढ़ जबकि चौथी फ्लाइट 25 जुलाई को अमृतसर में पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि इन सभी फलाईटों के लिए वहाँ फंसे लोगों ने सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के दुबई स्थित दफ़्तर में अपने नाम रजिस्टर्ड करवा लिए हैं। डा.एसपी सिंह ओबराय की तरफ से चुके गए इस बड़े कदम कारण जहाँ सरकारें भी हैरान हो गई हैं, वहीं पूरी दुनिया अंदर बैठा हर पंजाबी इस बड़े दिल वाले सरदार पर मान महसूस कर रहा है। ज़िक्रयोग्य है कि बीती रात हवाई अड्डे पर डा.एसपी सिंह ओबराय के अलावा ट्रस्टी गुरजीत सिंह ओबराए भी विशेष तौर पर मौजूद थे

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