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शराब की फैक्ट्रियों की सप्लाई पर नजर रखने के लिए अध्यापकों को लगाया स्पेशल कार्यकारी मैजिस्ट्रेट,विरोध होने तथा शिक्षा मंत्री के ध्यान में फैसला आने पर फैसला लिया वापिस

शराब की फैक्ट्रियों की सप्लाई पर नजर रखने के लिए अध्यापकों को लगाया स्पेशल कार्यकारी मैजिस्ट्रेट,विरोध होने तथा शिक्षा मंत्री के ध्यान में फैसला आने पर फैसला लिया वापिस
  • PublishedMay 21, 2020

डीसी गुरदासपुर का कहना कंप्यूटर ने निधारित डाटा से किया चुनाव, पता चलने पर फैसला लिया वापिस
मनन सैनी

गुरदासपुर। जिला प्रशासन की ओर जिला गुरदासपुर में पडती शराब की फैक्ट्रियों  में सप्लाई पर नजर रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बतौर स्पेशल कार्यकारी मैजिस्ट्रेट लगाने के आदेशों गुरुवार को जारी किए गए। अध्यापक वर्ग की शराब की फैक्ट्रियों में निगरानी के आदेशों से उनमें बेहद रोष फैल गया। इस संबंधी डेमोक्रेटिक टीचर्ज फ्रंट की ओर से रोष के चलते डीसी को मांग पत्र भी सौंपा गया। वहीं यह मामला शिक्षा मंत्री पंजाब विजय इंद्र सिंगला के ध्यान में भी लाया गया। जिसके चलते जिला प्रशासन की मामले की गंभीरता पर विचार कर फैसला वापिस ले लिया गया। हालाकि इस संबंधी डीसी गुरदासपुर मोहम्मद इश्फाक  का कहना था कि उनकी ओर से स्पेशल ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाने के आदेश जारी किए गए जो कंप्यूटर डाटा में नाम आए उन्हे नियुक्त कर दिया गया। जब इस बात का पता चला तो आदेशों को वापिस ले लिया गया। 

  गौर रहे कि शराब की फैक्टियों में अलकोहल की सप्लाई पर निगरानी रखने के लिए ए.बी ग्रेन्स स्पिरिट प्राईवेट लिम (कीड़ी अफगाना), चड्डा शूगर एंड इंडस्ट्रीज प्राईवेट लिम यूनिट-1 तथा चड्डा शूगर एंड इंस्डट्रीज प्राईवेट लिम यूनिट-2 (कीड़ी अफगाना) तथा एडी बासवान ब्रिवेरी (कीड़ी अफगाना) सभी तहसील बटाला में गुरुवार को आदेश जारी कर स्पेशल ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाने के आर्डर जारी हुए। जिसमें अध्यापकों का नाम शामिल था।  

अध्यापकों का नाम आने के बाद डेमोक्रेटिक टीचर्ज फ्रंट ने इसका कड़ा नोटिस लिया और अमरजीत शास्त्री के नेतृत्व में डीसी को मांग पत्र सौंपा।शास्त्री ने कहा कि राज्य सरकार को सबसे ज्यादा कमाई शराब के ठेकों से होती है। ऐसे में सरकार का स्तर इतना गिर गया है कि वे अब टीचरों की ड्यूटी शराब की फेक्ट्रियों में लगा रही है। वे इस बात को कतई स्वीकार नहीं करेंगे। टीचर फ्रंट इस बात का विरोध करता है। उन्होंने कहा कि उन पर जो मर्जी धारा के तहत पर्चा दर्ज कर लिया जाए। लेकिन वे सरकार की इस बात को स्वीकार नहीं करेंगे।

वहीं यह मुद्दा पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंद्र सिंगला के भी ध्यान में आने के बाद गुरदासपुर के डिप्टी कमिशनर मोहम्मद इश्फाक की ओर से बाद में आदेश वापिस ले लिए गए है। 

Written By
The Punjab Wire