पंजाब के मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को हॉटस्पॉट और सीमित ज़ोन वाले क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधि की आज्ञा न देने के निर्देश दिए

कहा, अन्य ज़ोनों में राज्य सरकार के पहले फैसले के अनुसार औद्योगिक गतिविधियां जारी रहेंगी

डी.सीज़ को गैर-सीमित ज़ोनों में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार यूनिट खुलवाने के लिए सहयोग देने के लिए कहा

चंडीगढ़, 20 अप्रैल: केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन में ढील की आज्ञा देने के बावजूद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्य स्तरीय कफ्र्यू में कोई ढील न देने के अपने फैसले के मद्देनजर सोमवार को स्पष्ट किया कि गैर-सीमित (नॉन कंटेनमेंट) ज़ोनों में औद्योगिक यूनिट चलाने की आज्ञा राज्य सरकार द्वारा पहले जारी आदेशों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश राज्य सरकार द्वारा मजदूरों को रिहायश की सुविधा देने वाली कुछ ईकाईयों को चलाने की आज्ञा देने के अनुकूल ही हैं।

उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र द्वारा पंजाब के सुझाव मान लिए गए हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह जिन्होंने रविवार को ऐलान किया था कि 3 मई तक राज्य में कफ्र्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी, आज डिप्टी कमिश्नरों को कहा कि सीमित ज़ोनों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार हॉटस्पॉट के तौर पर विकसित हो रहे इलाकों में ऐसी सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी जाए जिनसे कोविड-19 महामारी फैलने की संभावना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को कहा कि राज्य सरकार द्वारा 18 अप्रैल को जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों का बारीकी से पालन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में गैर सीमित ज़ोनों में औद्योगिक ईकाईयों को खुलवाने में सहयोग दिया जाए।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और शर्तों का सख्ती से पालन यकीनी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को बताया कि स्वास्थ्य सुरक्षा सम्बन्धी सभी परामर्शों का सावधानी से पालन सहित ठहरने, यातायात और भोजन के प्रबंधों के सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा तय की गई शर्तों को सख्ती से पूरा किया जाना चाहिए। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों समेत कामगारों की दुर्दशा के प्रति बहुत चिंतित है और पंजाब के उद्योगों में ज्यादातर सूक्ष्म और छोटी इकाईयाँ ही हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘हम यह यकीनी बनाने की जरूरत से भी पूरी तरह सचेत हैं कि राज्य में लगाए गए कफ्र्यू ने कोविड-19 के फैलाव को रोकने में मदद की है, इसलिए इसके कुछ और समय जारी रहने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल को जारी की गई विस्तृत हिदायतें भी इसी पृष्ठभूमि में थीं और इनका उद्देश्य औद्योगिक ईकाईयों को खोलने की सुविधा देना था, जिनको 15 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्रालय के नए निर्देशों के मुताबिक आज्ञा दी गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक औद्योगिक और अन्य सम्बन्धित संस्थानों / गतिविधियों के लिए काफी मात्रा में पास जारी किए जा सकते हैं जो 20 अप्रैल, 2020 से लागू होंगे। इन दिशा-निर्देशों के मुताबिक वर्करों के ठहरने और यातायात सम्बन्धी शर्तों के सख्ती से पालन के द्वारा कार्य आरंभ करने की इजाज़त दी गई है।

यह जिक्रयोग्य है कि औद्योगिक ईकाईयों की विभिन्न 11 श्रेणियों को काम करने की इजाज़त इस शर्त पर होगी कि यदि औद्योगिक यूनिट में 10 या इससे अधिक व्यक्ति काम करते हैं तो यूनिट के परिसर या नज़दीकी इमारत में कामगारों के ठहरने की व्यवस्था करनी होगी। वर्करों के आने-जाने के लिए यूनिट के मालिकों द्वारा विशेष तौर पर यातायात का प्रबंध किया जाएगा। इसी तरह कुछ शर्तों के साथ निर्माण प्रोजैक्टों की इजाज़त भी दी गई है, जिससे मतलब है रेत-बजरी के खनन और इसकी ढुलाई, सीमेंट और स्टील की बिक्री से सम्बन्धित गतिविधियों की भी आज्ञा है, हालाँकि इनके काम करने के नियमों को विनियमित किया जा सकता है।

Thepunjabwire
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