धारीवाल फायिरंग कांड के तार केएलएफ के हरप्रीत सिंह एवं हरमीत सिंह हैप्पी पीएचडी से जुड़े

धारीवाल फायरिंग कांड में लिप्त चौथा आरोपी गिरफ्तार

2.40 लाख रुपए की हुई विदेशों से फंडिग, विदेशों से मिले निर्देश

मनन सैनी
गुरदासपुर। धारीवाल फायरिंग एवं हत्याकांड के तार विदेशों में बैठे खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स से संबंधित हरप्रीत सिंह एवं हरमीत सिंह उर्फ हैपी पीएचडी से जुड़ रहे है। ​इस हत्याकांड के पीछे का मास्टरमाईड विदेश में बैठा हरप्रीत सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी खोखर (गुरदासपुर) बताया जा रहा है जो हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पीएचडी का साथी है। धारीवाल कांड में कारतूस एवं हथियारों खरीदने के लिए 2.40 लाख की फंडिग एवं दिशा निर्देश हरप्रीत सिंह निवासी खोखर की ओर से ही की गई है। पुलिस की ओर से इस मामले को बेंहद संजिदगी से लिया जा रहा है। जिसके चलते धारीवाल कांड में मंगलवार देर रात पुलिस ने चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।

धारीवाल के बस स्टैड़ के पास से गिरफ्तार किए गए चौथे आरोपी की पहचान राजकंवर सिंह उर्फ राजन उर्फ अरबी घोड़ा पुत्र परमजीत सिंह निवासी भगत राम देव ऐविन्यू (अजनाला) के रुप में हुई। पुलिस के अनुसार राजन ने बताया कि कारतूस और असले के लिए हरप्रीत सिंह ने 2.40 लाख रुपए की फंडिग की थी।

गुरदासपुर के एसपी (डी) हरविंदर सिंह संधू ने बताया कि धारीवाल के डडवां रोड़ पर की गई फायरिंग के केस में चौथे उक्त आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। राजकंवर सिंह को कारतूस तथा हथियार लेने के लिए हरप्रीत सिंह ने  2.40 लाख रुपए से भेजे थे। राजकंवर सिंह ने ​सिमरजीत ​सिंह पुत्र कपूर सिंह निवासी कंडियाला (बटाला) से कारतूस मांगे थे। ​जिसके चलते सिमरजीत सिंह ने सेकेंड कमांड में सिपाही प्रिंस कुमार पुत्र रवि कुमार निवासी तिब्बड़ से कारतूस मांगे थे। प्रिंस ने तरनतारन गन हाउस से 20 कारतूस दिलाए। जो सनी पुत्र नरिंदर ​निवासी औजला कलोनी ने धारीवाल नहर के पास छिपा कर रखे थे। जिसे पुलिस ने ​बरामद कर लिया थ। पुलिस को प्रिंस कुमार से भी 5 कारतूस बरामद किए थे। 

एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि प्राथिमक जांच में आया है कि उक्त चारों के संबंध हरप्रीत सिंह से जुड रहे है। जिसने दिशा निर्देश दिए तथा फंडिग की। जिसका पुलिस गहनता से जांच कर रही है। हरप्रीत सिंह का संबंधी गर्मख्यालियों से है। यह गुरदासपुर के ही खोखर गांव का है तथा पहले भी इस पर पुराना शाला थाने में अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) एक्ट के तहत मामला दर्ज है। उन्होने कहा कि अभी पुलिस की जांच जारी है और इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है। हालाकि इस संबंधी पुलिस की पड़ताल लगातार जारी है।

2013 में स्लीपर सैल को एक्टिव करने की फिराक में थे हैप्पी पीएचडी एवं हरप्रीत, यूएपीए के तहत हुआ था मामला दर्ज, हथियार हुए थे बरामद

गौर रहे कि हरप्रीत सिंह तथा हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पीएचडी जोकि खालिस्तानी लिब्रेशन फोर्स (केएलएफ) से संबंधित है 2103 में पहले भी गुरदासपुर में केएलएफ के स्लीपर सैल को एक्टिव करने की फिराक में थे। जिसके चलते 2013 में गुरदासपुर पुलिस के तत्कालीन एसएसपी सुखवंत सिंह गिल ने केएलएफ से संबंधित तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके उनसे ए-के-47 समेत अन्य छोटे हथियार बरामद किए थे। पुलिस ने सुखजिंदर निवासी गांव गुरिया थाना पुराना शाला, नरेन्द्रपाल सिंह पुत्र सुरजीत सिंह निवासी नगर सुधार ट्रस्ट कालोनी गुरदासपुर तथा सुरेन्द्र सिंह छीना निवासी गांव कीड़ी अफगाना को गिरफ्तार किया था। उक्त तीनों से मैगजीन समेत एक ए.के 47, 20 जिंदा कारतूस, 5 अन्य कारतूसों समेत एक.38 बोर स्मिथ एंड वैसन रिवालवर (मेड इन अमेरिका) तथा 3 अन्य कारतूस समेत एक .45 बोर का ट्रोरस पिस्तोल (मेड इन ब्राजील) बरामद किए गए थे । उक्त तीनों तथा हरप्रीत सिंह तथा हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पीएचडी पर अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिसमें हरप्रीत सिंह एवं हरमीत सिंह हैप्पी भगौड़े घोषित है। 

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