बलबीर सिद्धू द्वारा सिविल सर्जनों को गाँवों में कोविड टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश

घरेलू एकांतवास वाले हर मरीज़ को दी जाये कोरोना फतेह किट

चंडीगढ़, 2 मईःकोविड-19 के लक्षणों वाले मरीज़ों का इलाज कर रहे प्राईवेट क्लीनिकों और आर.एमपीज़ की निगरानी करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज सिविल सर्जनों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की।मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने हिदायत की कि ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए टेस्टिंग को बढ़ाने की ज़रूरत है क्योंकि लोग अभी भी अपना टैस्ट करवाने से झिझक रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के प्रति ऐसी लापरवाही वाला व्यवहार उच्च जोखिम वाली आबादी के लिए घातक सिद्ध हुआ है।

मंत्री ने कहा कि यदि कोई संक्रमित व्यक्ति समय रहते ही अपने आप टैस्ट करवा लेता है तो पूरा इलाज घरेलू एकांतवास में ही हो सकता है। उन्होंने सिविल सर्जनों को प्राईवेट क्लीनिकों और आर.एम.पीज़ के साथ मीटिंग करने के लिए कहा जिससे कोविड के लक्षणों वाले व्यक्तियों की टेस्टिंग को यकीनी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन कोरोना फतह किटों का अपेक्षित भंडार बनाए रखें और न ही उनके सम्बन्धित जिलों में कोरोना किटों का कोई बैकलॉग हो। उन्होंने कहा कि हर मरीज़ जो घरेलू एकांतवास अधीन है, को हर रोज़ प्रोटोकॉल के अनुसार डॉक्टरी परामर्श किया जाये। इस समय 48,529 मरीज़ों को घरेलू एकांतवास में रखा गया है और ज़िला टीमों द्वारा उनको किटों की उपलब्धता यकीनी बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज़ों को खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग द्वारा फूड किटें भी बाँटी जाएँ। उन्होंने कहा कि अब तक मरीज़ों को 7,000 फूड किटें मुहैया करवाई जा चुकीं हैं।

स्वास्थ्य मंत्री को सरकार द्वारा कोविड केयर अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता बारे जवाब देते हुए सिविल सर्जनों ने बताया कि उनके पास इंज. रीमडेसिविर और इंज. डेकसाएथासोन जैसी दवाओं का अपेक्षित भंडार है। सिविल सर्जनों ने बताया कि उनके द्वारा कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन के प्रयोग का ऑडिट करने के बाद सकारात्मक नतीजे प्राप्त हुए हैं, जिससे ऑक्सीजन की अनावश्यक बर्बादी घटी है और यह ऑडिट ऑक्सीजन की माँग को नियंत्रित करने में मददगार भी साबित हुआ है।कोविड-19 के कारण जान गवांने वालों के अंतिम संस्कार के लिए एस.ओ.पी.ज़ का जिक्र करते हुए श्री सिद्धू ने कहा कि हमारी प्राथमिक ज़िम्मेदारी बनती है कि ऐसे अंतिम संस्कार हमारी स्वास्थ्य टीमों की निगरानी में ही करवाए जाएँ। उन्होंने कहा कि जो लोग संस्कार की रस्में निभाते हैं उनको अपनी सुरक्षा के लिए पी.पी.ई. किटें ज़रूर ईस्तेमाल करनीं चाहीएं और लाश को लाज़िमी तौर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुहैया करवा गए कवर में लपेट कर यकीनी तौर पर रखा जाना चाहिए।

मंत्री ने मीटिंग को बताया कि 26 मई को एस.आई.आई. के पास कोवीशील्ड की 30 लाख ख़ुराकों की खरीद सम्बन्धी ऑर्डर दे दिया गया था और एस.आई.आई के जवाब के अनुसार टीके की उपलब्धता बारे 4 हफ़्तों में पता चल जायेगा। उन्होंने कहा कि टीका न मिलने के कारण 18-44 उम्र वर्ग के लोगों के टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि कोवीशील्ड की 3,29,830 ख़ुराकों का ऑर्डर कर दिया गया था और ख़ुराक जल्दी ही मिलने की संभावना है।मंत्री ने बढ़ रहे मामलों की तरफ इशारा करते हुए आगे कहा कि ज़िला प्रशासन की सहायता से कोविड केयर अस्पतालों में एल-2 और एल-3 बैडों की संख्या बढाई जाये। सिविल सर्जनों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के डायरैक्टर के साथ तालमेल बनाया जाये जिससे प्रभावित मरीज़ों के समय रहते और तुरंत इलाज को यकीनी बनाया जा सके।

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