अमरिंदर सिंह अपनी सरकार का नाम बदलकर ‘क्लीन चिट’ सरकार रख ले- अकाली दल

ग्रेवाल ने कहा सुखी-जग्गू जोड़ी को पुलिस द्वारा क्लीन चिट देने से राज्य के लोग हैरान नहीः ग्रेवाल

चंडीगढ़/26दिसंबरः शिरोमणी अकाली दल ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा है कि वह अपनी सरकार का नाम बदलकर ‘क्लीन चिट सरकार’ रख ले तथा पार्टी से कहा कि पुलिस द्वारा सुखी-जग्गू की जोड़ी को क्लीन चिट देने से राज्य के लोग हैरान नही हैं क्योंकि पहले से ऐसा होने की आशा थी।

यहां जारी किए एक प्रेस बयान में पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा प्रवक्ता महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि सरकार बार बार क्लीन चिट देकर अपने मंत्रियों को बचाने में लगी हुई है।

उन्होने कहा कि पिछले तीन सालों के दौरान लोगों ने देखा है कि सरकार ने कैसे जोड़ा फाटक त्रासदी, बटाला ब्लास्ट मामले तथा अन्य सभी मामलों जिनमें मंत्री सीधे तौर पर फंसे थे, में क्लीन चिट दी। उन्होने कहा कि वर्तमान मामले में सिर्फ मंत्री सुखजिंदर रंधावा ही नही बल्कि कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया को भी पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है तथा पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जिस किसी ने भी जग्गू भगवानपुरिया का विरोध किया, उसका हश्र भ्ी डीएसपी सेखों जैसा होगा जिसने मंत्री आशु के पोल खोले थे।

उन्होने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने स्वयं जांच के आदेश देने के साथ ही मंत्री सुखजिंदर रंधावा को क्लीन चिट दे दी थी तो कोई किसी अधिकारी यां पुलिस अधिकारी से इस हिम्मत की आशा कैसे कर सकता है कि वह मुख्यमंत्री द्वारा दी क्लीन चिट के विरूद्ध मंत्री को दोषी ठहराए?

सरदार ग्रेवाल ने कहा कि हर कोई जानता है कि जग्गू भगवानपुीिया का गांव मंत्री रंधावा के गांव से कुछ ही दूरी पर है तथा उसकी माता सुखजिंदर रंधावा की कार्यकर्ता है तथा मंत्री रंधावा ने ही पंचायती चुनावों के दौरान गांव में उसका बिना वोटों से चुना जाना सुनिश्चित किया था। उन्होने कहा कि लोग जानते हैं कि जग्गू भगवानपुरिया का भाई मनू तथा ब्लाॅक समिति मैंबर बब्बू जोकि सुखाराजू सिंह का रहने वाला है तथा उसके भतीजे कंवल तथा मनजीत विश्व भर में कबड्डी के नाम पर 1500 करोड़ रूपए के अवैध घौटाले में शामिल थे तथा यह सभी ही सुखजिंदर रंधावा के नजदीकी हैं पर इस मामले में इन्हे ‘क्लीन चिट’ दे दी गई।

उन्होने कहा कि इस बात का पुख्ता सुबूत है कि जग्गू ने जेल में अपना जन्मदिन मनाया, जेल के अंदर ही वीडियो काॅल की तथा उसे जेल में पांच सितारा सुविधाएं मिल रही हैं पर इस मामले में भी सरकार ने सूबुतों को पूरी तरह नाकारा तथा जेलमंत्री तथा स्टाफ को क्लीन चिट दे दी।

अकाली नेता ने कहा कि जग्गू भगवानपुरिया की पत्नी की मौत होने के समय उसकी माता तथा उसपर उंगलियां उठी थी तथा पुलिस अफसरों को मामले का पूरा पता था, पर इस मामले में भी क्लीन चिट दे दी गई। उन्होने कहा कि एक अन्य कुख्यात आतंकवादी मनिंदर खैहरा जोकि गांव खैहरा सुलतान सिंह का रहने वाला है, जिसके मुख्यिा की रंधावा के साथ अनगिनत तस्वीरें हैं तथा वह जग्गू भगवानपुरिया गैंग का अन्य टीम मैंबर है, सरेआम जग्गू के लिए काम कर रहा है पर सरकार ने इस मामले में भी क्लीन चिट दे दी है।

श्री ग्रेवाल ने कहा कि लोग यह देखकर हैरान हैं कि संबधित जिलों के एसएसपी बार बार यह चेतावनियां दे रहे हैं कि जग्गू भगवानपुरिया के संरक्षण में अवैघ नशों का व्यापार, कान्ट्रेक्ट हत्याएं तथा कबड्डी की अवैध खेल दिन ब दिन फल फूल रहे हैं तथा जग्गू राज्य में सबसे ज्यादा गैंगस्टर पैदा करने की कोशिश कर रहा है पर यह सभी सुबूत कुड़ेदान में फैंकने के मामले में सुखजिंदर रंधावा को फिर से क्लीन चिट दे दी गई।

उन्होने कहा कि यह सभी मामले तथा इनमें क्लीन चिट देना इस बात का संकेत है कि सरकार जेल मंत्री को बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है जबकि सुखजिंदर रंधावा ने जेलों को गैंगस्टरों के लिए स्वर्ग में तबदील कर दिया है।

अकाली नेता ने कहा कि सरकार ने अपने मंत्रियों के गलत कामों पर पर्दा डालकर उन्हे बेकसूर करार देते हुए क्लीन चिट देकर जांच प्रक्रिया का मजाक बना कर रख दिया है। उन्होने कहा कि चाहे सरकार बार बार क्लीन चिट दे रही है पर इसे भूलना नही चाहिए कि राज्य में होने वाले आम चुनावों के समय लोग कांग्रेस सरकार को क्लीन चिट नही देंगे बल्कि इसके सभी गलत किए गलत कार्यो की लोकतांत्रिक ढंग से सजा मिलेगी।

error: Content is protected !!