पंजाब शूरवीरों की धरती, जिसके डीएनए में कुर्बानी का जज्बा-जाखड़

शहीद नायब सूबेदार सतनाम सिंह की शहादत को नम आंखों से किया गया नमन

गुरदासपुर 25 जून (मनन सैनी)। दस दिन पहले जम्मू कश्मीर के लद्दाख सेक्टर की गलवान घाटी में चीनी सेना से लड़ते हुए अपने 20 साथियों सहित शहादत का जाम पीने वाले सेना की 3 मीडियम रैजीमेंट के नायब सूबेदार सतनाम सिंह निवासी भोजराज की अंतिम अरदास व श्रद्धांजलि समारोह वडाला बांगर के भंगू फार्म में कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। जिसमें पंजाब कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए। इसके अलावा शहीद की माता कश्मीर कौर, पिता जगीर सिंह, पत्नी जसविंदर कौर, बेटी संदीप कौर, बेटा प्रभजोत सिंह, भाई सूबेदार सुखचैन सिंह, कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, जिलाधीश मोहम्मद इशफाक, एसएसपी डा. रजिंदर सिंह सोहल, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की, गढ़शंकर के विधायक जय किशन रोड़ी, जिला रक्षा सेवाएं भलाई विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल जीएस गिल, पूर्व मंत्री मास्टर मोहन लाल, पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर, एसडीएम कलानौर गुरसिमरन सिंह ढिल्लों आदि ने विशेष तौर पर शामिल होकर शहीद के श्रद्धासुमन अर्पित किए। सर्वप्रथम श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के रखे गए सहज पाठ के भोग डालते हुए रागी जत्थे ने वैरागमयी कीर्तन कर शहीद को नमन किया।

इसके बाद श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि कांग्रेस कमेटी पंजाब के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब शूरवीरों की धरती है। जिसके डीएनए में ही कुर्बानी का जज्बा है तथा दस दिन पहले नायब सूबेदार सतनाम सिंह ने चीनी सैनिकों से लड़ते हुए अपनी वीरता के जौहर दिखाकर शहादत का जाम पिया। उनके शौर्य अदम्य साहस के समक्ष समुचा राष्ट्र नतमस्तक है तथा सतनाम सिंह का नाम यादगिरी गेट के साथ-साथ लोगों के दिलों में भी लिखा जाएगा।

सतनाम की शहादत के परिवार का कद किया ऊंचा-रंधावा

कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि मैं शहीद नायब सूबेदार सतनाम सिंह के परिवार के समक्ष नतमस्तक हूं, जिन्होंने उसने घर का चिराग देशवासियों के घर रोशन करने के लिए वतन पर कुर्बान कर दिया तथा अपना बलिदान देकर सतनाम ने इस परिवार का कद ऊंचा कर दिया है। शहादत के बाद सतनाम केवल इस परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का बेटा बन गया है। ऐसे रणबांकुरों की शहादत का मोल पैसे से नहीं चुकाया जा सकता, बल्कि इनके परिजनों को उचित मान-सम्मान देकर हम इनके लाडलों की शहादत की गरिमा को बहाल रख सकते है। इस दौरान मंत्री रंधावा व सुनील जाखड़ ने सरकार की ओर से शहीद परिवार को 5 लाख रुपए की राशि का चैक भेंट करते हुए कहा कि शीघ्र ही सरकार की ओर से शहीद के बेटे प्रभजोत सिंह को नौकरी प्रदान की जाएगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने शहीद की याद में यादगिरी गेट बनाने के लिए दस लाख रुपए की ग्रांट देने की घोषणा की। इस अवसर पर सांसद सुखबीर सिंह बादल, सांसद सन्नी देओल व पंजाब भाजपा के प्रधान अश्विनी शर्मा द्वारा भेजे गए शोक प्रस्तावों को भी पढ़ा गया।

शौर्य त्याग व बलिदान का दूसरा नाम सैनिक-कुंवर विक्की

कुंवर रविंदर विक्की ने कहा कि शौर्य, त्याग व बलिदान का दूसरा नाम है देश का वीर सैनिक जो 137 करोड़ हिंदोस्तानियों की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देकर अपना सैन्य धर्म निभा जाता है। उन्होंने कहा कि उनकी परिषद इस दुख की घड़ी में शहीद परिवार के साथ चट्टान की भांति खड़ी है। इस मौके पर जिला प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन डा. सतनाम सिंह निज्जर, पठानकोट जिला प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन अनिल दारा, सरपंच जागीर सिंह, सुखदेव सिंह भोजराज, जसबीर सिंह, शहीद के युनिट के सूबेदार हरजीत सिंह व रिटा. कैप्टन नरिंदर सिंह, सूबेदार मेजर एसपी घोसल, शहीद सिपाही जतिंदर कुमार के पिता राजेश कुमार, पुलवामा हमले के शहीद मनिंदर सिंह के पिता सतपाल अत्तरी, शौर्य चक्र विजेता नायक संदीप सिंह के पिता जगतार सिंह, शहीद नायक राजिंदर सिंह की माता पलविंदर कौर आदि उपस्थित थे।

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