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पंजाब के मुख्यमंत्री ने शराब के नाजायज कारोबार पर और नकेल कसते हुये आबकारी सुधार ग्रुप बनाया

पंजाब के मुख्यमंत्री ने शराब के नाजायज कारोबार पर और नकेल कसते हुये आबकारी सुधार ग्रुप बनाया
  • PublishedJune 6, 2020

ग्रुप 60 दिनों के अंदर नापाक गठजोड़ को तोडऩे के लिए अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, आबकारी राजस्व बढ़ाने के लिए भी देगा सुझाव

चंडीगढ़, 6 जून: नाजायज़ शराब के कारोबार के मामले में विशेष जांच टीम बनाने के ऐलान से एक दिन बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शनिवार को राज्य में इस ग़ैर-कानूनी गतिविधियों पर और नकेल कसते हुये उत्पादकों, थोक और परचून विक्रेता के बीच चल रहे नापाक गठजोड़ को तोडऩे के लिए आबकारी सुधार ग्रुप बनाने का ऐलान किया।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस 5 सदस्यीय ग्रुप को इस कारोबार के नापाक गठजोड़ को तोडऩे के लिए 60 दिनों के अंदर अपनी शिफारिशें सौंपने के लिए कहा गया है जिससे शराब की नाजायज बिक्री बंद हो सके और राज्य का आबकारी राजस्व बढ़ सके।

ग्रुप में आवास निर्माण और शहरी विकास मंत्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, लोक निर्माण मंत्री विजय इंद्र सिंगला, सेवा मुक्त आई.ए.एस. अधिकारी डी.एस.कल्ला, सलाहकार वित्तीय स्रोत वी.के.गर्ग और सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुमार को शामिल किया गया है।

विशेष जांच टीम (सिट) जिसको राज्य में शराब के नाजायज व्यापार से जुड़े सभी पहलूओं की जांच का काम सौंपा गया है जिसमें आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभुगत भी शामिल है, के बराबर काम करते ग्रुप की तरफ से ऐसी मिलीभुगत के कारण राज्य को आय पक्ष से हो रहे नुकसान पिछले अंतरालों की निशानदेही की जायेगी।

मुख्यमंत्री की तरफ से इस ग्रुप को बाकी सभी पक्षों के साथ विस्तार में विचार-विमर्श के बाद लंबे समय के कानूनी और प्रशासनिक सुधारों सम्बन्धी सुझाव देने के लिए आदेश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया में सुधारों के लिए बनाऐ इस ग्रुप की तरफ से वित्त मंत्री के पश्चिमी बंगाल के दौरे समय और पहले स्थानीय निकाय मंत्री द्वारा पहले ही प्राप्त हुए सुझावों /रिपोर्टों को विचारा जा सकता है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि आबकारी और कर विभाग द्वारा इस ग्रुप के कामकाज के लिए अपेक्षित सूचना और अन्य हर प्रकार का सहयोग मुहैया करवाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आबकारी और कर विभाग की तरफ से उठाए गए कदमों और नीति में की गई विभिन्न तबदीलियों के बावजूद आबकारी राजस्व में उचित विस्तार न होने और शराब का नाजायज व्यापार चिंता के मुद्दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कदमों के नतीजे उम्मीद के अनुसार नहीं रहे जिस कारण लंबे समय के आबकारी सुधार तैयार करने और अमल में लाने के लिए इन मसलों की गहरी समीक्षा की ज़रूरत है।

Written By
The Punjab Wire