मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस को शराब की तस्करी, नाजायज़ शराब बनाने और कारोबार करने वालों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही करने के आदेश

डी.जी.पी. को आदेश-जहाँ भी एसी गतिविधि घटे, सम्बन्धित डी.एस.पी. और एस.एच.ओ. के खि़लाफ़ कड़ी कार्यवाही की जाए

ऐसी ग़ैर-कानूनी गतिविधियों का पक्ष धरने वाले सरकारी अधिकारियों / कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्यवाही की चेतावनी

चंडीगढ़, 16 मई: मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज पुलिस विभाग को शराब की हर तरह की तस्करी, नाजायज़ शराब बनाने और बेचने वालों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही करने के आदेश दिए, जिससे ऐसी गतिविधियों से राज्य को राजस्व के नुकसान से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने ऐसे सब-डिविजऩ के डी.एस.पी. और एस.एच.ओज़ के विरुद्ध तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिए, जिनके इलाकों में ऐसी गतिविधियां सामने आती हैं।

उन्होंने कहा कि नाजायज़ शराब बनाने / तस्करी करने / बेचने आदि से सम्बन्धित किसी भी तरीके की ग़ैर-कानूनी गतिविधि का समर्थन करने या लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों / कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख़्त कार्यवाही के आदेश दिए। मुख्यमंत्री के आदेशों पर डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने सभी पुलिस कमिश्नरों और जि़ला पुलिस प्रमुखों को 23 मई तक जि़ला और पुलिस थानों के स्तर पर शराब के तस्करों / सप्लाई करने वालों / नाजायज़ शराब बनाने वालों की पहचान करने के लिए ज़रूरी हिदायतें जारी की हैं। अधिकारियों को ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन और महामारी अधिनियम से सम्बन्धित धाराओं समेत कानूनी कार्यवाही करने के लिए कहा।

डी.जी.पी. ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोविड के फैलाव को रोकने के लिए कफ्र्य़ू / लॉकडाउन के कारण विश्व और भारत में आर्थिक और वित्तीय दबाव के कारण राज्य सरकार को हर संभव राजस्व जुटाने की ज़रूरत है। इस कारण सरकार राज्य से बाहर से शराब की तस्करी करने या नाजायज़ शराब बनाने की सूरत में राजस्व का कमी सहन नहीं कर सकती। मुख्यमंत्री के निर्देशों की पैरवी के तौर पर पुलिस कमिश्नरों और जि़ला पुलिस प्रमुखों को सभी थानों ख़ासकर सरहदों के नज़दीकी क्षेत्रों के थानों के प्रमुखों (एस.एच.ओज़) को हर समय चौकस रहने और पंजाब के अंदर शराब की तस्करी को रोकने को यकीनी बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। पंजाब पुलिस प्रमुख द्वारा चेतावनी दी गई है कि इस उद्देश्य में असफल होने की सूरत में सम्बन्धित थाना प्रमुख का अन्य जगह तबादला किया जाएगा और कसूरवार मानते हुए उसके खि़लाफ़ अपेक्षित विभागीय कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी अधिकारी / कर्मचारी शराब आदि की तस्करी / नाजायज़ शराब बनाने और सप्लाई करने की ग़ैर-कानूनी गतिविधियों का समर्थन करता पाया गया तो उसके खि़लाफ़ मुख्यमंत्री के आदेशों के अनुसार सख़्त कार्यवाही होगी। 

राज्य के पुलिस प्रमुख ने कहा कि पुलिस कमिशनरों और जि़ला पुलिस प्रमुखों को सब-डिवीजऩों के उप -पुलिस कप्तानों (डी.एस.पीज़) और थाना प्रमुखों के साथ वीडियो कॉन्फ्ऱेंस करके उनको यह स्पष्ट करने के लिए निर्देश दिए हैं कि यदि उनके अधिकार क्षेत्र में शराब की कोई भी ग़ैर-कानूनी फैक्ट्री चलती पाई गई, जैसे कि हाल ही में खन्ना और राजपुरा में हुआ, तो सम्बन्धित अधिकारी का अन्य क्षेत्र में तबादला करके उसके खि़लाफ़ कानूनी / विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा ऐसा अधिकारी भविष्य में एस.एच.ओ बनने और सार्वजनिक डिलिंग की नियुक्ति के लिए अयोग्य होगा। डी.जी.पी ने बताया कि सभी पुलिस कमिश्नरों और जि़ला पुलिस प्रमुखों को कहा गया है कि वह अंतरराज्यीय तस्करी को मुकम्मल रूप में रोकने के लिए रोज़ाना हर स्तर पर निगरानी करें।

इसके अलावा सभी पुलिस कमिश्नर और आई.जी. और डी.आई.जी. द्वारा उनके क्षेत्रों के अधीन आने वाले जि़लों की इस बाबत प्राप्तियों सम्बन्धित महीनावार रिपोर्ट समेत अर्ध सरकारी पत्र लगाकर बिना देरी हर महीने की 5 तारीक से पहले-पहले अतिरिक्त डायरैक्टर जनरल पुलिस ( ए.डी.जी.पी. कानून और व्यवस्था) को भेजी जाएगी।  पंजाब पुलिस के प्रमुख ने सभी पुलिस कमिश्नरों और जि़ला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए कि वह आबकारी विभाग के अधिकारियों और ठेका लाइसेंसधारकों के साथ लगातार संपर्क में रह कर फीडबैक लेने और नशा-तस्करों / सप्लाई करने वालों / नाजायज़ शराब बनाने वालों पर नकेल कसने के लिए पूरी मुस्तैदी और संजीदगी से यत्न करें। डी.जी.पी. ने चेतावनी दी कि इसमें किसी प्रकार की असफलता को गंभीरता से लिया जाएगा।

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