स्वयं सहायता ग्रुप के सदस्य कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सामुदायिक योद्धाओं के रूप में उभरे- तृप्त बाजवा

मास्क बनाने के अलावा स्वयं सहायता ग्रुपों द्वारा प्रशासन के लिए एप्रन और दस्ताने बनाने का काम शुरू

ग्रामीण विकास विभाग ने महिला स्वयं सहायता गु्रपों द्वारा बनाये 4 लाख मास्क प्रशासन को बांटे

ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा ग्रामीण विकास विभाग के डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की फ्रंटलाईन में कार्य करने के लिए की सराहाना

चंडीगढ़, 28 अप्रैल:गांवों में महिला स्वयं सहायता ग्रुप (एसएचजी) के सदस्य बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में योद्धा के रूप में उभरे हैं। पंजाब के ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से स्वयं सहायता ग्रुप सिविल प्रशासन, पुलिस और पंचायतों के लिए मास्क, एप्रन और दस्तानों को बनाने का काम कर रहे हैं।

आज जारी एक प्रेस बयान के द्वारा ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री, श्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि ग्रामीण विकास से संबंधित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता ग्रुपों के सदस्यों द्वारा बनाये गये लगभग 4 लाख मास्क पहले ही बांटे जा चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य के 22 जिलों के स्वयं सहायता ग्रुपों के 3711 सदस्य मास्क, एप्रन और दस्ताने बनाने में लगे हुए हैं। इन ग्रुपों को 50,000 मास्क बनाने का नया ऑर्डर मिला है। इन ऑर्डरों के द्वारा बिना किसी देरी के मास्क पहुंचाये जा रहे हैं।

बाजवा ने कहा कि इसके अलावा ग्रामीण विकास विभाग के डॉक्टर और फार्मासिस्ट कोरोना वायरस से लोगों के जीवन को बचाने के लिए फ्रंटलाईन में काम कर रहे हैं। वे आइसोलेशन सेंटरों, फ़्लू कॉर्नरों, रैपिड रिस्पांस टीमों और मेडिकल हेल्पलाइन-104 में ड्यूटी निभा रहे हैं। इसके अलावा वे आपातकालीन ड्यूटी भी कर रहे हैं।

मंत्री ने आपात काल में सरकार की मदद करने के लिए स्वयं सहायता ग्रुपों के द्वारा अपनी सेवाएं प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मानवता की सेवा के लिए विभाग के डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की भी सराहना की।

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Thepunjabwire
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