कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कोविड-19 के कारण ए.सी.पी. अनिल कोहली और कानूगो गुरमेल सिंह की हुई मौत पर गहरा दुख जताया

कोरोना जंग के दोनों योद्धाओं के वारिसों के लिए 50-50 लाख रुपए की एक्स-ग्रेशिया का किया एलान

चंडीगढ़, 18 अप्रैल: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शनिवार को ए.सी.पी. उत्तरी लुधियाना अनिल कोहली और कानूगो गुरमेल सिंह के देहांत पर गहरा दुख जताया। यह दोनों अधिकारी कोविड -19 से पीडि़त थे। मुख्यमंत्री ने दोनों अधिकारियों के वारिसों को 50-50 लाख रुपए की एक्स-ग्रेशिया देने का एलान किया है और साथ ही कहा कि कोरोनावायरस के कारण किसी भी अधिकारी की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर उसके पारिवारिक सदस्यों को इतनी राशि अदा की जाएगी। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, ‘‘कोविड -19 के कारण अपने दो अधिकारियों को गंवाने का गहरा दुख हुआ है।

इन अधिकारियों के वारिसों को 50 लाख रुपए की एक्स-ग्रेशिया देने का फ़ैसला किया है। मैं प्रार्थना करता हूँ कि ऐसी कोई घटना न घटे परन्तु अगर ऐसा होता है तो राज्य सरकार द्वारा कोविड -19 के कारण ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले अधिकारियों के वारिसों को 50 लाख रुपए दिए जाएंगे।’’ शौक संदेश में मुख्यमंत्री ने ए.सी.पी. को एक दिलेर अधिकारी के तौर पर याद किया, जिन्होंने हमेशा पूरी लगन, ईमानदारी और पेशेवर प्रतिबद्धता से अपना फज़ऱ् निभया। पंजाब पुलिस फोर्स में उनकी तरफ से निभाई गईं शानदार सेवाओं को याद करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि श्री कोहली नौजवान अधिकारियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। ए.सी.पी. अनिल कोहली ने लुधियाना के डी.एम.सी. अस्पताल में आखिऱी साँस ली, जिनकी आज दोपहर कोविड-19 के कारण मौत हो गई। वह अपने पीछे पत्नी और दो पुत्र छोड़ गए हैं।

इस दौरान एक ट्वीट में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, ‘‘यह बताते हुए दुख हो रहा है कि हमने कोविड-19 के कारण कल गुरमेल सिंह कानूगो और आज लुधियाना में ए.सी.पी. अनिल कोहली को गंवा दिया है। संकट की इस घड़ी में हमारे कोरोना जंग के योद्धाओं को गंवाना राज्य के लिए एक बड़ा नुकसान है। मैं इस दुख की घड़ी में उनके परिवारों के साथ खड़ा हुँ और भरोसा देता हुँ कि पंजाब भी उनके साथ खड़ा है।’’ ए.सी.पी. कोहली के दुखी परिवार के साथ हमदर्दी जताते हुए डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने कहा कि ए.सी.पी. अनिल कोहली के देहांत से पंजाब पुलिस ने एक दिलेर और जोशीला अधिकारी खो दिया है।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार श्री कोहली का अंतिम संस्कार उनके बेटे पारस कोहली ने लुधियाना के गैस शमशानघाट में पूरे सरकारी सम्मान के साथ किया गया। उनके संस्कार में लुधियाना के पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल के अलावा संसद मैंबर रवनीत सिंह बिट्टू और लुधियाना के अन्य कई चुने हुए नुमायंदे और आदरणीय सज्जन उपस्थित थे। जालंधर में जन्म लेने वाले अनिल कोहली (38/पीआर) साल 1989 में बी.ए. करने के बाद 19 फरवरी, 1990 को जि़ला पटियाला में पंजाब पुलिस में सहायक सब इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती हुए, जब आतंकवाद अपने शिखर पर था। उन्होंने अपना प्राथमिक प्रशिक्षण 1990-91 के दौरान पंजाब पुलिस अकैडमी फिल्लौर में पूरा किया।

अपने शुरुआती सेवा काल के दौरान उन्होंने आतंकवाद के विरुद्ध बहादुरी से जंग लड़ी। उन्होंने सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के तौर पर तरक्की मिलने के बाद राज्य भर के कई प्रमुख थानों में एस.एच.ओ. के तौर पर सेवा निभाई। श्री कोहली का 30 साल से अधिक का बेमिसाल पुलिस करियर रहा, जिसके दौरान उन्होंने अपनी सख्त मेहनत और जोष स्वरूप बहुत से प्रशंसा पत्र प्राप्त किये। उनको 29 अप्रैल, 2016 को डी.एस.पी. के तौर पर तरक्की मिली और उन्होंने जि़ला खन्ना, फिऱोज़पुर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, एस.बी.एस. नगर, होशियारपुर और लुधियाना शहर में डीएसपी के तौर पर सेवा निभाई।

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