लाभपात्रियों के घर तक पहुँचाया जा रहा है पौष्टिक आहार

चंडीगढ़, 31 मार्च: पंजाब सरकार ने कोविड-19 के चल रहे संकट के विरुद्ध यत्न और तेज़ करते हुए राज्य के सभी लाभपात्रियों जैसे कि 6 महीने से 6 साल तक की उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाओं और माताओं को पौष्टिक आहार सप्लाई करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह सप्लाई आंगनवाड़ी वर्करों के द्वारा लाभपात्रियों के घर-घर जाकर की जाएगी। इस पहलकदमी संबंधी जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने बताया कि लोगों की परेशानियों को दूर करने के मनोरथ से बाल विकास और प्रोजैक्ट अफसरों की निगरानी में पौष्टिक आहार का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए सभी जि़लों के प्रशासन के साथ मिलकर तनदेही से काम कर रहा है।

श्रीमती चौधरी ने आगे बताया कि 24.69 लाख लाभपात्री बुज़ुर्गों, दिव्यांग व्यक्तियों, विधवाओं, बेसहारा -महिलाओं और आश्रित बच्चों के बचत खातों में पैंशनें डालने का काम भी पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि मार्च 2020, महीने के लिए पैंशनों का वितरण, जिसकी कुल राशि 185.23 करोड़ रुपए बनती है, अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी। कोरोना वायरस से निपटने की अन्य कोशिशों संबंधी जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की जुवेनाईल जस्टिस मोनिटरिंग कमेटी ने उन सज़ायाफ्ता और दोषी बच्चों को 21 दिनों तक छुट्टी (लीव ऑफ ऐबसैंस) देने की हिदायतें जारी की है, जिन्होंने संगीन अपराध नहीं किये हैं। इसकी पालना करते हुए पंजाब के सम्बन्धित जि़लों के जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी), बाल सुधार घर और विशेष घरों में रखे गए उन बच्चों की रिहाई के लिए काम कर रहे हैं, जो इस शर्त के मुताबिक योग्य हैं। जि़क्रयोग्य है कि पंजाब में लडक़ों के लिए लुधियाना, फऱीदकोट और होशियारपुर में तीन और जालंधर में लड़कियों के लिए एक बाल सुधार घर है। होशियारपुर में लडक़ों के लिए एक विशेष घर और सुरक्षा की एक जगह मौजूद है। कुल 300 की सामथ्र्य वाले इन स्थानों में कुल 174 बच्चे मौजूद हैं।

कैबिनेट मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने आगे बताया कि सभी बाल घरों और वृद्ध आश्रमों के निवासियों को वायरस को फैलने को रोकने के उपायों के प्रति जागरूक किया गया है। उनको खाने-पीने और दवाओं सम्बन्धी सभी ज़रूरी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा पंजाब राज्य के सखी-वन स्टॉप सैंटरों (ओएससी) में जरूरतमंद महिलाओं को वन स्टाप सैंटर स्कीम के अधीन अस्थाई पनाह और अन्य ज़रूरी सेवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। बिना किसी रुकावट के इन ओ.एस.सी को चलाने और सेवाएं प्रदान करने के लिए ड्यूटी रोस्टर बनाए गए हैं। ओ.एस.सी. का सारा स्टाफ फ़ोन और संचार के अन्य इलैक्ट्रॉनिक साधनों पर 24 घंटे उपलब्ध हैं।

Thepunjabwire
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