पंजाब सरकार 1377 और स्कूलों को करेगी स्मार्ट स्कूलों में तबदील: विजय इंदर सिंगला

इन स्कूलों के डिजीटाईजेशन पर खर्च किए जाएंगे 357.34 करोड़ रुपए – शिक्षा मंत्री

चंडीगढ़, 2 दिसंबर:पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने बुधवार को कहा कि जल्द ही पंजाब सरकार 1377 और स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तबदील करने जा रही है और इन स्कूलों के डिजीटाईजेशन पर 357.34 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस सम्बन्धी अधिक जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अब तक 7,823 स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तबदील किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में निरंतर सुधार करके मानक शिक्षा देने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के कुल 19130 सरकारी स्कूलों में से 41 प्रतिशत स्कूल पहले ही स्मार्ट स्कूलों में तबदील हो चुके हैं और उनकी सरकार ने अपने पाँच सालों के कार्यकाल में सभी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तबदील करने का लक्ष्य निश्चित किया है।श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि कुल 1377 स्कूलों में से 817 ग्रामीण क्षेत्रों और 560 राज्य के शहरी क्षेत्रों से सम्बन्धित हैं, जहाँ शिक्षा विभाग ने क्रमवार 209.77 करोड़ रुपए और 147.56 करोड़ रुपए ख़र्च करने की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में से 605 प्राथमिक स्कूल, 80 माध्यमिक, 159 हाई स्कूल और बाकी 533 सीनियर सेकंडरी स्कूल हैं। उन्होंने कहा कि इन 1377 स्कूलों की नवीनीकरण प्रक्रिया इस वित्त वर्ष में मुकम्मल कर ली जायेगी।

सिंगला ने बताया कि अपग्रेडेशन प्रक्रिया के दौरान इन स्कूलों में अतिरिक्त क्लासरूम, संगठित विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, ड्यूल डैस्क, लडक़ों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय, पीने योग्य पानी की सुविधा, ऊँची चारदिवारियां, ग्रीन बोर्ड, प्रोजैक्टर, मिड-डे-मील के लिए खाना खाने वाली जगह और कलर कोडिंग जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के लिए ज़रुरी कामों के लिए विशेष मरम्मत और रख-रखाव का बजट भी रखा जायेगा।कैबिनेट मंत्री ने कॉर्पोरेट कंपनियों, एन.जी.ओज़, कम्युनिटी नेताओं, पंचायतों, परोपकारी व्यक्तियों और स्कूल स्टाफ को भी अपील की कि वह स्कूलों के डिजीटाईजेशन के इस नेक कार्य के लिए योगदान दें और भावी पीढ़ीयों के बेहतर भविष्य के लिए खुले दिल से दान करें। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार अध्यापकों द्वारा तैयार की गई वीडीयोज़, $खान अकैडमी के लैक्चरों और टैलिविजऩ के द्वारा ई-बुक्स, एजूसेट लैक्चर, ई-कंटैंट और ऑनलाइन क्लासों के ज़रिये सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के ढांचे को मज़बूत कर रही है।

सिंगला ने कहा कि उनकी सरकार के यत्नों स्वरूप 2017 से सरकारी स्कूलों के नतीजों में निरंतर सुधार आया है और दाखि़ले बढ़े हैं। स्कूलों का डिजीटलीकरण सरकारी स्कूलों के मानक को और ऊँचा उठाने में सहायता करेगा। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान विशेष तौर पर दिए गए योगदान के लिए स्कूल के अध्यापकों और अन्य स्टाफ का धन्यवाद किया क्योंकि उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा, मिड-डे-मील और विद्यार्थियों को उनके घर जाकर किताबें बाँटने को यकीनी बनाया।

Thepunjabwire
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