शिरोमणी अकाली दल ने कहा है कि किसानों के हितों के बारे सौदेबाजी करने के कारण किसान राहुल गांधी को माफ नही करेंगेः शिरोमणी अकाली दल

प्रोफेसर चंदूमाजरा ने राहुल को सस्ते तमाशे रोकने को कहा तथा अपने मुख्यमंत्री को किसानों से किए गए वादों को पूरा करने का निर्देश दें

कहा कि राहुल ने जब कृषि बिल पास होने थे तो देश से भागकर कायरों की तरह व्यवहार किया

शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष द्वारा पूछे गए पांच सवालों में से एक का भी जवाब देने से ही इंकार कर दिया गया

चंडीगढ़/04अक्टूबर : शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा कि पंजाब के किसान कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को कृषि अधिनियमों के पारित होने की सुविधा देकर किसानों के हितों को बेचने के लिए सौदा करने के लिए कभी माफ नही करेंगे तथा उन्हे सस्ते ‘तमाशों’ को रोकने और पंजाब में अपनी पार्टी की सरकार को अन्नदाता से किए गए वादों को पूरा करने का निर्देश देने के लिए कहा है।

राहुल के पंजाब दौरे को ‘नौ सो चुहे खाकर बिल्ली हज को चली’ को क्लासिक मामला बताते हुए वरिष्ठ सांसद नेता प्रोफेसर प्रेम सिंह चदूमाजरा ने कहा कि आप राहुल गांधी ने कृषि बिलों को संसद में सबसे कायर तरीके से पेश किया था, तब आप न केवल देश से भाग गए,बल्कि उनके खिलाफ मतदान करने के लिए अपने सांसदों को व्हिप जारी करने से मना करके पारित होने में सहायता की है। उन्होने कहा कि लेकिन कायरता को छोड़कार विधेयकों को रोका जा सकता था, लेकिन आने देश के किसानों के साथ खड़े होने के बजाय भाजपा सरकार की मदद करने का फैसला किया ।

यह बताते हुए कि राहुल को पंजाब दिखावटी प्रदर्शन के लिए लाया गया था जिसके बाद कांग्रेस पार्टी को अहसास हुआ कि किसान अब इसके खिलाफ हो जाएंगे। प्रोफेसर चंदूमाजरा ने कांग्रेसी नेता से पूछा कि उन्होने पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल द्वारा उनसके पूछे गए पांच सवालों में से एक का भी जवाब देने से इंकार कर दिया है। उन्होने कहा कि यूथ अकाली दल(वाइएर्डी) ने भी राज्य भर में इन पांच सवालों को चिपका दिया ताकि राहुल इन सवालों को स्पष्ट तौर पर पढ़ सके। ‘आपने किसी भी सवाल का जवाब नही दिया क्योंकि आप अपने दिल में जानते हैं कि न केवल आप कायर हैं बल्कि आप अपने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का समर्थन् करने आए हैं जिन्होने पवित्र गुटका साहिब और दशम पिता के नाम पर झूठी सौगंध खाने में जरा सा भी संकोच नही किया। आपकी स्थिति दयनीय है। आपमें इतने हिम्मत भी नही है कि आप अपने मुख्यमंत्री से लोगों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए कहें चाहे वह खेतीबाड़ी का लोन माफ करने की बात हो, चाहे धान की पराली न जलाने के लिए किसानों को 2500 रूपये प्रति एकड़ मुआवजा सुनिश्चित करें और राज्य के गन्ना उत्पादकों का 450 करोड़ का भुगतान सुनिश्चित करना हो।

आज की यात्रा के समय पर सवाल उठाते हुए अकाली दल नेता ने कहा कि यह बेहद अजीब बात है कि राहुल गांधी ने पंजाब और उसके किसानों को वर्षों के बाद ही याद किया क्योंकि उनकी पार्टी चुनाव होने से साल पहले ही उदासी में थी। आप किसानों को तभी याद करते हैं जब राज्य में विशेष चुनाव आता है जैसा कि मध्यप्रदेश की आपकी चुनाव यात्रा के दौरान हुआ था। आपने कभी पंजाब का दौरा नही किया जब आपकी सरकार द्वारा कृषि कर्जों को माफ करने से इंकार करने के बाद सैंकड़ों किसानों ने आत्महत्या कर ली थी। आपने पीड़ित परिवारों के लिए कुछ नही किया और उनके आसूं पोंछने के लिए राज्य में आने से मना कर दिया था। आपने प्रदेश का दौरा नही किया जब आपके करीबी विश्वासपात्र और मुख्यमंत्री के धार्मिक सलाहकार परमजीत सिंह सरना सहित कांग्रेस के शराब माफिया के कारण 325 लोगों की मौत हो गई थी। जब आपने किसानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए पंजाब का दौरा किया था तब भी आज भी आपको मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा से कोई परहेज नही था जो नकली बीज घोटाले के माध्यम से किसानों को लूटने के लिए जिम्मेदार थे।

प्रोफेसर चंदूमाजरा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूण है कि राहुल गांधी ने दलितों के साथ किए गए भेदभाव से जुड़़े मुद्दों पर दोहरी नीति अपनाई। उन्होने कहा कि राहुल ने दलितों के साथ बोलकर सहानुभूति दिखाई लेकिन अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री साधु सिंह धर्मसोत द्वारा 69 करोड़ रूपये की अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति गबन के खिलाफ एक शब्द भी नही बोला। उन्होने कहा कि राहुल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को धर्मसोत को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश देने से इंकार कर दिया था, केवल यह दावा करने पर जोर दिया कि अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति घोटाले के दोषियों ने कांग्रेस हाईकमान से समझौता भी किया था।

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