उम्मीद- मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद दुबई में बिमार लावारिस बेटे की वापिसी को लेकर बूढ़े मां बाप में जगी आशा की किरण

मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री व यूएई के एबैसेडर को जल्द वापिसी के लिए तत्काल कदम उठाने के लिए ट्वीट किया

दुबई के अजमान-एल-जाहरा में फंसे है गुरदासपुर एवं फगवाड़ा के दो युवक, पाकिस्तान के शख्स ने वीड़ियों बना की मदद 

मनन सैनी
गुरदासपुर, 8 सितंबर। दुबई में बिमार लावारिस बेटे की घर वापिसी को लेकर बूढ़ी मां तथा बिमार बाप की फरियाद रंग लाई है और उन्हे मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की ओर से किए गए ट्वीट के बाद बेटे की वापिसी संबंधी आशा  की किरण दिखने लगी है। मुख्यमंत्री ने भी उक्त वीड़ियों को अपलोड़ कर केंद्रीय ​विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर एवं दुबई के एंबैसेडर को ट्वीट कर वापिसी संबंधी तत्काल कदम उठाने का निवेदन किया है।

गौर रहे कि गुरदासपुर के कादियां के गांव ठीकरीवाल दारोगा के गुरदीप सिंह गोराया और फगवाड़ा के रानीपुर के गांव जगपालपुर का चरणजीत सिंह दुबई के अजमान-एल-जाहरा में बेहद बुरी​ जिंदगी बसर कर रहे है। जिसकी विडियों पाकिस्तान के एक युवक की ओर से बना कर अपलोड़ की गई थी जो बेहद वायरल हुई है। इस वीडियों के जरिए ही गांव ठीकरीवाल दारोगा में मां बाप को इकलौते बेटे की हालत का पता चला। 

गांव ठीकरीवाल दारोगा के गुरदीप सिंह गोराया (33) के पिता स्वर्ण सिंह की हालत भी अच्छी नही है तथा वह बेहद बिमार चल रहे है और बिस्तर पर है। गुरदीप ​सिंह अविवाहित है तथा उसने बीएड़ की है तथा अपने मां बाप का इकलौता बेटा है। एक बहन की शादी हो चुकी है।  जबकि परिवार का गुजर बसर ठेके पर दी गई जमीन के किराए से हो रहा है। 

मां लखविंदर कौर ने बताया कि गुरदीप सिंह 2016-17 में दुबई गया था बीच इस दौरान वह गांव में भी कुछ समय रहा ।मार्च 2019 में दोबारा दुबई चला गया। अब तक वह करीब तीन साल दुबई में गुजार चुका है। परन्तु उसके बाद से उसके हालातों संबंधी या उसका पता उन्हे मालूम ही नही था। गुरदीप बाप की बिमारी को लेकर बेहद चिंतित रहता था तथा अंदर ही अंदर घुटता रहता था।  अभी हाल में ही उन्हे अपने बेटे का पता वीड़ियों के जरिए लगा जो उन्हे गांव के ही कुछ लड़कों ने दिखाई। उक्त वीड़ियों को किसी ​पाकिस्तानी मूल के लड़के ने डाला था, जिनके साथ फगवाड़ा का एक अन्य व्यक्ति भी था।  

नम आंखों से मां ने कहा कि वीडियों देख कर उन पर कहर बरस गया है और अपने बेटे की हालत उनसे नही देखी जा रही । गुरदीप अपने उज्जवल भविष्य तथा रोजगार के लिए  दुबई गया था परन्तु उसकी यह हालात कैसे बन गई उन्हे कुछ भी नही पता। उन्हे बस एक बार फोन आया था कि वह दुर्घटना ग्रस्त हो गया था तथा गंभीर चोटिल हो गया था तथा उसकी नौकरी चली गई।  परन्तु दोबारा यह नही बताया कि उसकी नौकरी नही मिली। 

उन्होने बताया कि फिलहाल गुरदीप सिंह को उसके गांव ठीकरीवाल के गुरविंदर सिंह, मनजोत सिंह आदि ने सहारा देकर अपने घर रखा हुआ है। परन्तु उसके पास पासपोर्ट न होने के कारण वह अभी घर नही लौट सकता। जिस संबंधी उन्होने पंजाब सरकार एंव केंद्र सरकार तथा दुबई सरकार से अपील की थी कि गुरदीप सिंह को जल्द वापिस भेजने का प्रंबध किया जाए। इस संबंधी गुरदासपुर के डिप्टी कमिशनर मोहम्मद इश्फाक ने बताया कि उक्त मामला उनके ध्यान में आ चुका  है तथा इस मसलें को उठाया गया है। 

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