अपील-व्यापारियों के कंधे पर बंदूक रख न सेकी जाए राजनितिक रोटियां, व्यापारी का किसी राजनितिक पार्टी से कोई लेना देना नही, सच्चाई से करवाया प्रशासन को अवगत, पर्चा वापिस लें प्रशासन

पर्चा रद्द न होने पर कोरोना काल को देखते हुए नही होगा कोई रोष प्रर्दशन , बाद में बनाई जाएगी रणनिति

गुरदासपुर, 6 सितंबर (मनन सैनी)। गत दिवस दुकानदार एवं व्यापारी वर्ग की ओर से किए गए शनिवार दुकाने खोलने, बैकों के ब्याज माफ करने संबंधी किए गए रोष प्रर्दशन के उपरांत व्यापारी वर्ग के करीब 25-30 लोगों पर किए गए पर्चे दर्ज किया गया। जिसके उपरांत विभिन्न राजनितिक दलों की ओर से व्यापारी वर्ग का साथ देने की बात कही जा रही है तथा ब्यान दिए जा रहे है। जिस पर चैंबर आफ काॅमर्स एवं व्यापारियों ने सभी राजनेताओं के समर्थन के लिए धन्यवाद किया कि उन्होने व्यापारियों की मुश्किलों को समझा है। परन्तु उनकी अपील है कि व्यापारियों की कंधे पर बंधूक रख कर राजनितिक रोटियां न सेंकी जाए । व्यापारी वर्ग का किसी भी पार्टी से कोई लेना देना नही है। व्यापारियों ने सिर्फ प्रशासन को सच्चाई से रुबरु करवाया है।

व्यापारियों ने साफ कहा कि व्यापारी वर्ग कोरोना काल की शुरुआत से ही प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलता आया है और प्रशासन ने भी उनकी हर बात को माना है। परन्तु असलियत यह है कि व्यापारी की हालत इस समय बेहद खस्ता हो गई है, जिसके चलते उन्हे गत दिवस प्रर्दशन के लिए मजबूर होना पड़ा तथा अपनी मांगों संबंधी सरकार को जगाना पड़ा। व्यापारियों पर बिजले के बिलों का बोझ है, बैंकों के ब्याज का बोझ एकदम आ पड़ा है, व्यापार चलाना मुश्किल है, कर्मचारियोें का वेतन भर पाना मुश्किल है। परन्तु अब भी वह प्रशासन का साथ देने के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रशासन को भी चाहिए कि वह व्यापारियों की तकलीफ को समझते हुए उनकी वाजिब मांगे मानते हुए ब्याज माफ करें एवं परचा रद्द करें।

शिवाला मंदिर में मीटिंग करते हुए मनियारी यूनियन के सुरेन्द्र महाजन, होलसेल यूनियन के पवन शर्मा, हैंडलूम एसोसिएशन के यशपाल अबरोल, रेडीमेड यूनियन के भारत भूषण, बरतन यूनियन के मुकेश महाजन एवं अन्य व्यापारियों का कहना है कि बतौर व्यापारी उनका किसी भी राजनितिक पार्टी के साथ कोई लेना देना नही है और व्यापारी वर्ग को राजनितिक प्लेटफार्म के तौर पर इस्तेमाल किया जाए। व्यापारी वर्ग हमेशा से प्रशासन का सहयोग करता आया है एवं कोरोना काल के दौरान भी व्यापारियों ने सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। सभी ने कहा कि व्यापारी वर्ग कोई अपराधी नही जो उस पर पर्चो किए जाए, वह सिर्फ अपने बच्चों को भरपेट खाना खिलाना चाहता है।

उन्होने कहा कि कोरोना काल को देखते हुए व्यापारी वर्ग किसी भी प्रकार का कोई विरोध प्रर्दशन नही करेगा। जिससे आम लोगों का कोई नुक्सान हो। व्यापारी वर्ग शुरु से ही अमन एवं शांति प्रिय माहौल का समर्थक रहा है। इसलिए वह प्रशासन से मांग करता है कि व्यापारी वर्ग पर किए गए पर्चे वापिस लिए जाए एवं व्यापारियों की समस्याओं का निवारण किया जाए।

मीटिंग में फैसला लिया गया कि अगर प्रशासन फिर भी पर्चा रद्द नही करता तो भी व्यापारी कोरोना काल तक कोई भी रोष प्रर्दशन नही करेगा तथा काल के उपरांत रणनीति तैयार करेगा।

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