मुख्यमंत्री द्वारा नकली शराब के मामले में 7 आबकारी एवं कर अधिकारियों और 6 पुलिस अफसरों को निलंबित करके जांच के आदेश

तीन जिलों में घटी दुखद घटना में अब तक 86 मौतें, मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए ऐक्स -ग्रेशिया का ऐलान

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा सरकारी कर्मचारी और अन्य की मिलीभगत के सामने आने पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी

सुखबीर को दुखद घटना पर राजनीति न करने के लिए कहा, साल 2012 और 2016 में अकाली-भाजपा शासनकाल के दौरान भी घटीं ऐसीं घटनाओं का जिक्र किया

चंडीगढ़, 1 अगस्तः पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने नकली शराब के कारण घटी दुखद घटना में आज 7 आबकारी एवं कर अधिकारी और इंस्पेक्टर और पंजाब पुलिस के दो डी.एस.पीज. और चार एस.एच.ओज. को निलंबित करके इनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना में तीन जिलों तरन तारन, अमृतसर ग्रामीण और गुरदासपुर में अब तक 82 व्यक्तियों की जान चली गई।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए ऐक्स-ग्रेशिया मुआवजा देने का ऐलान किया। इनमें बहुत से तरन तारन से सम्बन्धित हैं जहाँ 63 मौतें हुई हैं जबकि अमृतसर ग्रामीण में 12 और गुरदासपुर (बटाला) में 11 मौतें हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी सरकारी कर्मचारी या अन्य की मिलीभगत के सामने आने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने नकली शराब बनाने और बेचने को रोकने में पुलिस और आबकारी विभाग की नाकामी को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी को भी हमारे लोगों को जहर पिलाने की हरगिज इजाजत नहीं दी जायेगी।

इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का संकल्प करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी नकली शराब बेचने के धंधे में शामिल है, वह इसको तुरंत बंद कर दे या फिर गंभीर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस को दोषियों की खोज करने और इस केस में शामिल सभी व्यक्तियों पर आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। इस केस में उन्होंने बीते दिन ही डिवीजन कमिश्नर को मैजिस्ट्रियल जांच करने के आदेश दिए हैं जिनको एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि एसी गैर-कानूनी कार्यवाहियों को सहन नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हर पंजाबी की जिंदगी बेशकीमती है और कुछ अपराधियों की लालसा की भूख मिटाने के लिए वह लोगों को मौत के मुँह में नहीं जाने देंगे।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को इस दुखद घटना, जिसमें बहुत से परिवार बर्बाद हो गए हैं, का सियासीकरन न करने की अपील करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अकाली-भाजपा के शासनकाल सहित पहले भी ऐसे मामले घट चुके हैं। साल 2012 और साल 2016 में क्रमवार गुरदासपुर और बटाला में भी एसी ही घटनाएँ घटी हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में भी कई जानें गई थीं और बटाला केस में तो एफ.आई.आर. भी दर्ज नहीं हुई थी और न ही मुख्य दोषी के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई थी।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कोविड या नाजायज शराब पीने से एक भी पंजाबी की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए हर पंजाबी की जिंदगी महत्वपूर्ण है।’’

फेसबुक पर ‘कैप्टन को सवाल’ प्रोग्राम की 13वीं कड़ी के दौरान मुख्यमंत्री ने आबकारी एवं कर अधिकारी (ई.टी.ओज) के निलंबन का ऐलान किया जिनमें गुरदासपुर से लवजिन्दर बराड़, अमृतसर से बी.एस. चाहल और तरन तारन से मधुर भाटिया शामिल हैं। इसी तरह आबकारी एवं कर इंस्पेक्टरों जिनको तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है, में रवि कुमार (गुरदासपुर), गुरदीप सिंह (अमृतसर) और फतेहबाद से पुखराज और तरन तारन जिले में तरन तारन सीटी से हितेश प्रभाकर शामिल हैं।

ड्यूटी में कोताही बरतने के दोष में निलंबित किये पुलिस अधिकारियों में डी.एस.पी. जंडियाला (अमृतसर ग्रामीण) और डी.एस.पी. सब-डिवीजन तरन तारन के अलावा थाना तरसिक्का (अमृतसर ग्रामीण), सीटी बटाला (बटाला पुलिस जिला), थाना सदर तरन तारन और थाना सीटी तरन तारन के एस.एच.ओज शामिल हैं।

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