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तरन तारन पुलिस ने अनूप सिंह के फर्जी कत्ल से उठाया पर्दा

तरन तारन पुलिस ने अनूप सिंह के फर्जी कत्ल से उठाया पर्दा
  • PublishedDecember 7, 2019

कर्जा माफी और बीमों का लाभ लेने के लिए रची थी झूठी कहानी

असली पीडि़त की हुई पहचान, 3 अन्य मुख्य दोषी गिरफ्तार

अमृतसर, 7 दिसंबर। तरन तारन पुलिस ने अनूप सिंह के फर्जी कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। अनूप सिंह ने एक करोड़ रुपए से अधिक का कजऱ् माफ करवाने और जीवन बीमे के लाभ हासिल करने के मनोरथ से अपने कत्ल की झूठी कहानी बनाई थी।इस मामले में सीधे तौर पर शामिल तीन मुख्य दोषियों को भी पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है।पुलिस की तरफ से अनूप सिंह के पिता समेत अन्य पारिवारिक सदस्यों की इस मामले में भूमिका की जांच की जा रही है।5 दिसंबर की सुबह थाना हरीके के एसएचओ को सूचना मिली थी की कि हरीके-पट्टी रोड के किनारे एक सड़ी हुई लाश पड़ी है। पीबी 02 सीवी 9351 नंबर वाली एक शैवरले कार लाश के पास खड़ी मिली, और कार के चालक वाली तरफ़ का दरवाज़ा खुला हुआ था।लाश की जांच करने पर यह तथ्य सामने आए कि पीडि़त के शरीर पर तेल डालने के बाद इसको जलाया गया था। पीडि़त का पेट और पेट से नीचे वाले हिस्से के अंग शरीर से अलग हो गए थे। घटना वाली जगह से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ए.टी.एम कार्ड और कुछ फोटो बरामद हुर्ईं, जिसकी लाश नज़दीक पड़ी थी, जिस कारण इसकी पहचान अनूप सिंह पुत्र तरलोक सिंह निवासी 75, वाहेगुरू सिटी, चभाल रोड, अमृतसर के तौर पर की गई। पार्क की गई शैवरले कार में से तेल की एक बोतल भी बरामद की गई।अनूप सिंह के पिता को इस घटना की जानकारी दी गई। घटना वाली जगह पर पहुँच कर, उसके पिता तरलोक सिंह ने शव की पहचान उसके पुत्र अनूप सिंह के तौर पर की। यह भी पता चला कि अनूप सिंह का परिवार अमृतसर में होल-सेल कोल्ड ड्रिंक का कारोबार चलाता है।अमृतसर से एक फोरेंसिक टीम भी मंगवाई गई जिसने पीडि़त व्यक्ति के महत्वपूर्ण जैविक सबूत और अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक सबूत इकठ्ठा किये। इसके बाद लाश को पोस्ट मार्टम करवाने के लिए स्थानीय सिविल हस्पताल भेज दिया गया।इसके बाद तरलोक सिंह के बयान के आधार पर 5 दिसंबर, 2019 को एफआईआर नंबर 84 और आई.पी.सी की धारा 302 और 201 के अंतर्गत मामला दर्ज कि गया था।पंजाब पुलिस के एक प्रवक्ता के अनुसार इस मामले की पूरी छानबीन के दौरान अनूप सिंह के भाई करनदीप सिंह ने बताया कि यह अनूप सिंह और उनके घर एक घरेलू नौकर के तौर पर काम करते एक व्यक्ति करण उर्फ काका ने सडक़ के किनारे रहने वाले बब्बा नाम के एक बेघर, प्रवासी व्यक्ति को शैवरले कार में हरीके-पट्टी रोड पर अपने साथ ले गए थे। इसके बाद, अनूप सिंह और करण उर्फ काका दोनों ने असली पीडि़त बब्बा को तेजधार गंडासे से मार दिया और फिर उस पर तेल डाल कर लाश को जला दिया और शैवरले कार के पास उसे सडक़ पर पड़ा फैंक दिया।करनदीप सिंह ने आगे बताया कि कत्ल के बाद अनूप सिंह और उसके साथी करन उर्फ काका को मौके से भगाने में सहायता के लिए वह (करनदीप) एक महेन्दरा बोलेरो कैंपर कार में शैवरले कार का पीछा कर रहा था।आगे यह पता चला कि अनूप सिंह, करण उर्फ काका और करनदीप सिंह ने सक्रिय रूप से असली पीडि़त बब्बा की हत्या की योजना बनाकर उसे अंजाम दिया।करनदीप सिंह के इन खुलासों के आधार पर एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 182, 420, 120बी को जोड़ा गया है और करनदीप सिंह को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।जांच में आगे पता चला कि अनूप सिंह का एक व्यापारिक साथी, जो हरियाणा का रहने वाला है, ने उसे और उसके सहयोगी करण को शरण दी थी। अधिक जानकारी के लिए उससे पूछताछ की जा रही है। अनूप सिंह और करण उर्फ काका को भी तरनतारन पुलिस की एक पुलिस पार्टी ने टोहाना, जिला फतेहाबाद, हरियाणा से गिरफ्तार किया है। उन्होंने भी अपना अपराध कबूल लिया है।अनूप सिंह और करनदीप सिंह के पारिवारिक सदस्यों और उसके कारखाने के कर्मचारियों के बयानों में असंगति के साथ-साथ अनूप सिंह और शव के कंकाल की विशेषताओं में अंतर ने महत्वपूर्ण सुराग दिए जिससे पुलिस अधिकारियों को हत्या के मामले को सुलझाने में काफी मदद मिली।हत्या के पीछे की मंशा संबंधी जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि अनूप सिंह पर कई कर्ज थे और उसने कई बीमा पॉलिसियां ले रखी थीं, जो उसे अपने फर्जी मौत का ढोंग रचकर आर्थिक रूप से लाभ पहुंचा सकती थीं। उसने लगभग 75 लाख रुपए के कुल ऋण का बीमा करवाया हुआ था जो उसकी मौत के चलते माफ हो सकते थे। उसने एक 36 लाख रुपये के जीवन बीमा के साथ-साथ और भी बीमे करवाए हुए थे और यदि वह अपनी मौत को साबित करने में सफल हो जाता तो उसे कर्जमाफी और प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ से लेकर बीमा पॉलिसियों से कुल 1 करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय लाभ हो सकता था।पीडि़त का चयन और पीडि़त को जलाने की सचेत योजना को उसकी स्पष्ट पहचान के किसी भी खतरे को दूर करने के लिए बड़ी ही सावधानी से बनाया गया था।

Written By
The Punjab Wire