कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा प्रधानमंत्री को कोविड संकट से राज्यों को बाहर निकालने के लिए तीन आयामी रणनीति का सुझाव

15 वें वित्त आयोग की अंतिम रिपोर्ट सौंपने का समय अक्तूबर 2021 तक बढ़ाने का प्रस्ताव पेश

राज्यों के लिए तीन महीने के विशेष वित्तीय सहायता पैकेज की माँगवित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए विशेष कोविड राजस्व अनुदान की भी माँग

चंडीगढ़, 21 अप्रैल: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्र सरकार को कोविड -19 के संकट से राज्यों को बाहर निकालने के लिए तीन आयामी रणनीति का सुझाव दिया, जिसमें तीन महीने का विशेष वित्तीय पैकेज और 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट सौंपने के समय में अक्तूबर 2021 तक विस्तार करना शामिल है। लॉकडाउन के नतीजे के तौर पर कारोबार और औद्योगिक गतिविधियां ठप्प होने के कारण राजस्व औंधे -मुँह गिरने और स्वास्थ्य एवं राहत कार्यों के खर्च बढऩे का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर 15वें वित्त आयोग को पिछले साल के अनुमानों की गई उम्मीद जिसमें घरेलू विकास दर का 7 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया था, के मुकाबले राज्यों के लिए बहुत कम राजस्व मिलने के संदर्भ में 2020-21 के लिए इसकी अंतरिम रिपोर्ट पर फिर समीक्षा करने के लिए आग्रह किया है।

घरेलू विकास दर में शुन्य विकास की संभावना न होने का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ तक कि कुछ विश्लेषक नकारात्मक विकास की बात कर रहे हैं। बहुत कम विकास की संभावना के मद्देनजऱ जिससे पूरे वर्ष राजस्व कम प्राप्त होने की उम्मीद जताई जा रही थी, कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह 15वें वित्त आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के समय को अक्तूबर 2021 तक मुलतवी करने की हिदायत करें, जिससे राज्य अगले पाँच सालों में अर्थव्यवस्था के संभावित विकास का सही मुल्यांकन लगाने के योग्य हो जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हकीकत से दूर असली वृद्धि के अनुमानों पर आधारित पाँच वर्षीय राजस्व को साझे किए जाने के वायदे के लिए वचनबद्ध होना, राज्यों के लिए इससे बुरा और कुछ नहीं होगा।’’

उन्होंने सुझाव दिया कि वित्त आयोग 2020-21 के लिए एक और अंतरिम रिपोर्ट बना सकता है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि हालाँकि 3 मई 2020 तक 40 दिनों का लॉकडाउन कोविड -19 के फैलाव को रोकने के लिए ज़रूरी था, परन्तु इसके नतीजे के तौर पर बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और सभी राज्य बहुत गंभीर वित्तीय मुश्किलों में से गुजऱ रहे हैं। पंजाब के खज़ाने को बड़ा बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार, कारोबार और उद्योगों के करीब-करीब बंद होने के निष्कर्ष के तौर पर राजस्व कम हो गया है और इस समय अत्यधिक ज़रूरी स्वास्थ्य एवं राहत कार्यों के खर्चों के लिए बड़े स्तर पर ज़रूरत है।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आगे कहा, ‘‘राज्यों को अपने ज़रूरी खर्चों को पूरा करने और राहत, स्वास्थ्य ढांचे आदि के खर्चों की नई माँगों का सामना करने के लिए यही सिफऱ् ज़रूरी और सही है कि 15वें वित्त आयोग को साल 2020-21 के लिए विशेष कोविड -19 राजस्व अनुदान की सिफ़ारिश करने की विनती की जाए।’’ मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में राज्यों को स्वास्थ्य से जुड़े अतिरिक्त खर्चों और मूलभूत राहत खर्चों से निपटने के लिए सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत 3 महीने का विशेष वित्तीय सहायता पैकेज देने की माँग की और सुझाव दिया कि राज्यों को ज़रूरत के अनुसार स्थानीय समस्याओं और ज़रूरतों के लिए इसका प्रयोग करने की छूट दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव के अनुसार 3 महीने के पैकेज को विशेष कोविड -19 राजस्व अनुदान के विरुद्ध एडजस्ट किया जा सकता है। उन्होंने प्रस्ताव किया कि मौजूदा वर्ष के अंत तक हालातों के अनुसार वित्त आयोग अगले साल के लिए कोविड अनुदान को कुछ संशोधनों के साथ जारी रख सकता है और फिर अपनी पाँच वर्षीय योजना अक्तूबर 2022 तक जमा करवा सकता है। यह कहना कि यह अनुदान केंद्र सरकार के वित्तीय घाटे को बढ़ाएगी जिसके लिए मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि इसका वित्तीय प्रबंध एफ.आर.बी.एम. की शर्त विधान के दायरे से बाहर एक विशेष उधार प्रोग्राम के ज़रिये किया जाना चाहिए।

तीन आयामी रणनीति के दूसरे स्तंभ के तीसरे स्तंभ के तौर पर उन्होंने राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए घाटे को बढ़ाने का प्रस्ताव भी किया जैसे कि अन्य देशों द्वारा किया जा रहा था। कोविड -19 से पैदा हुई स्थिति के मुकाबले के लिए भारत सरकार की कोशिशों में राज्य के पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री को विनती की कि प्रस्तावित किए अनुसार जल्द से जल्द फ़ैसला लिया जाए।

Coronavirus Update (Live)

Coronavirus Update

error: Content is protected !!