हैलों, डीसी साहिब आह की लंगर भेज दित्ता,आह तां मैं खांदी नही, मैनू सुक्का राशन भेजों

जरुरतमंद लोगो तक जरुरत का सामान पहुंचाने में खुद लोग डाल रहे खलल

प्रशासन, पुलिस तथा समाज सेवी संस्थाएं पहुंचा रही लोगो तक जरुरी मदद, शिकायते हुई बेहद कम

मनन सैनी

गुरदासपुर। कर्फ्यू के दौरान आम लोगो तक दवाएं, राशन इत्यादि रोजमर्रा की चीजें पहुंचाई जा रही है।​ जिसके लिए प्रशासन, पुलिस तथा समाज सेवी संस्थाएं कर्फ्यू के अगले दिन से ही जी जान से जुटे है। प्रशासन की ओर से ​शिकायत संबंधी हेल्पलाईन जारी किए गए है ताकि किसी को भी कोई परेशानी पेश न आए। परन्तु इस आपातकाल में भी कुछ लोग जरुरी सामान की बजाए, पेट भरने की बजाए स्वाद लगाने में जुटे है। बिना वजह उच्च अधिकारियों को छोटी छोटी चीज के लिए फोन कर कर सही जरुरतमंद तक राशन पहुंचाने में खलल डाल रहे है।  

ऐसा ही एक फोन डिप्टी कमिशनर गुरदासपुर मोहम्मद इश्फाक को आया। जिसमें बटाला के नजदीक एक गांव से एक औरत ने डीसी गुरदासपुर को फोन किया कि वह भूखी है तथा उसे खाने की जरुरत है। डिप्टी कमिशनर ने तुरंत अधिकारियों को फोन कर उक्त औरत को खाना पहुंचाने के लिए कहा। अधिकारियों ने पास स्थित राधा स्वामी डेरे से तैयार खाने के पैक बना कर उक्त औरत को आढ़े घंटे में थाना पहुंचाया। 

परन्तु तभी अधिकारियों का फोन डीसी गुरदासपुर को खाना पहुंचाने संबंधी आया ही थी कि उक्त औरत का दोबारा डीसी गुरदासपुर को फोन आया डीसी साहिब “आह की भेजिया, आह तां मैं खांदी नही, मैनू सुक्का राशन भेजे”। डीसी ने फिल्हाल उसे खाने के लिए कहा तथा एक दो दिन में राशन पहुंचाने की बात कही और प्रशासन तथा सरकार का निर्देश मानने के लिए तथा ओर भी कोई शिकायत हो तो बताने के लिए कहा। 

डीसी गुरदासपुर ने बताया कि अब हेल्पलाईन नंबंरों पर भी शिकायते बहुत कम हुई है। जिससे पता चलता है कि लोगो का काफी हद तक परेशानियां कम हुई है। डीसी इश्फाक ने लंगर बांटने तथा राशन बांटने वालों संबंधी निर्देश भी जारी किए जिसमें राशन बांटते समय पुलिस, बीएलओ, या संबंधित मैजिस्ट्रेट ले जाने के लिए कहा।

वहीं एसएसपी गुरदासपुर स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि ऐसे कुछ फोन पहले पुलिस कंट्रोल रुम में बहुत आते थे। जिसके चलते जरुरतमंदों को परेशानी पेश आती थी। परन्तु सभी काल का हल किया जाता तथा वालंटियों अथवा समाजसेवी संस्थानों, पुलिस कर्मचारियों के जरिए उन तक मदद पहुंचाई जाती । जिसमें कुछ फेक भी होते थे। परन्तु अब शिकायते बेहद कम हो गई है। कुछ लोग प्रशासन तथा पुलिस को फेक काल करते थे जिन पर मामले भी दर्ज किए गए है।  

वहीं हलके के विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा ने बताया कि शुरुआती दिनों में काफी फोन आते थे।  यहां तक कि उनके उनके पिछले मोहल्ले में रहते कुछ अप्रवासी उनके घर आ गए। जिनके लिए बाबा टहल सिंह गुरुद्वारा में  पहले लंगर दिया जाता था तथा बाद में उन्हे सुक्का राशन दे दिया गया। उन्होने कहा कि वह अपने हलके की गली गली जानते है तथा कल तक सारा हलका कवर कर लेगें। 

हालाकि बुधवार को हलका दीनानगर के गांव पनियाड़ में राशन बांटने संबंधी लोगो ने सवाल जरुर उठाए और कुछ महिलाओं की ओर से बांटने वालों पर भेदभाव के आरोप लगाए गए ।

जिस पर डीसी इश्फाक ने बताया कि उन्होने निर्देश जारी कर दिए है कि राशन बांटने वालों को साथ में बीएलओ, पुलिस या ड्यूटी मैजिस्ट्रेट को साथ लेकर जाएगें। ताकि लोगो को कोई परेशानी पेश न आए और कोई भी जरुरतमंद राशन से वंचित न रहें।

वहीं समाज सेवी संस्थाओं के कुछ लोगो ने कहा कि अब लोग स्वाद लगाना शुरु हो गए है। कोई कह रहा है कि राजमा लेकर नही आए, कोई कहता है कि आलू छोले लेकर आओं, उन्होने कहा कि हम यह कौशिश कर रहे है कि इस आपातकाल में लोग भूखे न सोएं परन्तु जब लोग स्वाद लगाते है तो दुख होता है।

Thepunjabwire
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