पंजाब में सोमवार से गैर-ज़रूरी सामान बेचने वाली सभी दुकानें/व्यापारिक संस्थान रहेंगे बंद

मुख्य सचिव द्वारा कोविड-19 की रोकथाम के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी

वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की तैनाती से स्टेट कोविड कंट्रोल रूम और हुआ मज़बूत


अन्य अधिकारियों सहित उपायुक्त हर दिन सुबह 10 बजे स्थिति का जायज़ा लेंगे जायज़ा, शाम 4-5 के बीच जानकारी करेंगे साझा

नवांशहर और होशियारपुर में संस्थानों को बंद करने के आदेश
जालंधर में रविवार से बुधवार तक आंशिक रूप से बंद रहेंगे संस्थान, कपूरथला में सोमवार से
हाल ही में विदेश यात्रा करने वालों का कड़ाई से होम कोरनटाइन सुनिश्चित करने पर ज़ोर
कोविड-19 के मद्देनज़र सरकार द्वारा ज़रूरी वस्तुओं एवं सेवाओं की सूची जारी

चंडीगढ़, 21 मार्च: पंजाब सरकार की ओर से कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए बेहद अहम कदम उठाए गए है। जिसके चलते सोमवार से गैर-जरूरी सामानों की बिक्री करने वाली दुकानों / व्यापारिक संस्थानों को बंद किया जाएगा। इस संबंधी पंजाब के मुख्य सचिव की ओर से जिला प्रशासन को एसोसिएशन आदि के साथ अग्रिम संपर्क करने के लिए कहा, जबकि दूध, भोजन, सब्जियों और फलों, दवाओं, आदि सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति लाइनों को सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, जिनकी नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी।

स्टेट कोविड कंट्रोल रूप को और मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार ने शनिवार को व्यापक रूप से बेहतर अंतर विभागीय समन्वय के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की तैनाती की है।

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ तैयारियों की योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव करण अवतार सिंह ने जिला नियंत्रण कक्ष को और मजबूत करने पर ज़ोर दिया और इनको सुबह 6 से रात 10 बजे तक 8 घंटों वाले दो शिफ्टों में चलाने का निर्देश जारी किया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उपयुक्त पाए जाने पर पुलिस नियंत्रण कक्ष का भी उपयोग इस उद्देश्य के लिए किया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने डीसी कार्यालय, स्वास्थ्य, पुलिस, नगर पालिका, जल आपूर्ति और स्वच्छता, पीएसपीसीएल, पशुपालन, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, लोकसंपर्क और जिला मंडी के अधिकारियों सहित सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों के अलावा गार्डियंस ऑफ गवर्नेंस के जिला प्रमुखों को भी जिला नियंत्रण कक्ष के प्रबंधन में सहायता के लिए कहा। इसी तरह 3-4 विशेष टेलीफोन लाइनों को चालू रखा जाए और 181 पुलिस हेल्पलाइन को भी इसमें शामिल किया जाए और इन सभी टेलीफोन नंबरों को व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए।

मुख्य सचिव ने डीसी, एसएसपी और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भी दिन में 10 बजे स्थिति का जायजा लेने को कहा। वर्तमान स्थिति पर एक निर्धारित चिकित्सक और पीआरओ लगभग शाम 4-5 बजे जानकारी देंगे। इसी तरह, किसी महत्वपूर्ण घटना के समय डीसी, एसएसपी और सीएमओ द्वारा ब्रीफिंग भी की जाएगी।

सभी डेटा, निर्देशों को सही तरीके से और इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जाए और रविवार को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को बिना किसी दबाव के लागू किया जाए और किसी भी उल्लंघन पर कोई आपराधिक कार्रवाई शुरू न की जाए। मुख्य सचिव ने बताया कि यह एक अच्छा उदाहरण हो सकता है क्योंकि आने वाले दिनों में और प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। करण अवतार सिंह ने उपायुक्तों को 20 से अधिक लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सरकार के ग्रुप बी, सी, डी के कर्मचारियों को एकांतर पखवाड़े में काम करने हेतु 2 सप्ताह की छुट्टी (रोस्टर द्वारा) के निर्देश का सही पालन किया जाए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ये निर्देश महत्वपूर्ण विभागों पर लागू नहीं होंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संविदा या आउटसोर्सिंग सहित कैज़ूयल कर्मचारियों को मजबूरन छुट्टि की अवधि में भी मुआवजा दिया जा सकता है जबकि सहायता के लिए डीसी किसी भी कर्मचारी की सेवाएं ले सकते हैं, यदि आवश्यक हो।

इसी तरह, दोआबा नवांशहर और होशियारपुर जिलों में संस्थान बंद कर दिए गए हैं, जबकि जालंधर में आंशिक बंद का आदेश 22 मार्च (रविवार) सुबह 7 बजे से बुधवार की आधी रात तक यानी 25 मार्च को जिला मैजिस्ट्रेट द्वारा दिया गया है। इसी तरह, एहतियात के तौर पर सोमवार से जिला कपूरथला में संस्थानों को बंद करने की भी सलाह दी गई है। आटा मिलों, पशु चारा, खाद्य प्रसंस्करण, मैडिकल फार्मा आदि सहित आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में लगे कारखानों को श्रमिकों को छुट्टी पर भेजकर और अन्य निवारक सुरक्षा उपायों को लागू करके बंद नहीं किया जाए। अन्य उपायुक्तों द्वारा सक्रिय बंद के लिए तौर-तरीकों हेतु उद्योग संघों के साथ बातचीत की जानी चाहिए और उन्हें श्रमिकों को क्षतिपूर्ति प्रदान करने और यहां तक कि कैज़ूअल कर्मचारियों के मजदूरी में कटौती नहीं करने की अपील करनी चाहिए।

पंजाब में सभी पॉजि़टिव मामलों जो विदेश यात्रा से जुड़े हैं या उन लोगों से संक्रमित हुए हैं जो हाल ही में विदेश यात्रा कर चुके हैं, पर गहरी चिंता दिखाते हुए मुख्य सचिव ने होम क्वारंटाइन को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो कि कोविड-19 की रोकथाम की कुंजी है क्योंकि भारत सरकार ने 16 मार्च से सभी विदेशी यात्रियों के लिए क्वारंटाइन अनिवार्य कर दिया है। इसी तरह, सभी विदेशी यात्रियों की सूचियों को होम क्वारंटाइन के लिए फिर से जांचा जाना है। उन्होंने जिला प्रशासन से होटल, लॉज आदि की जांच करने के लिए कहा और आवश्यकता पडऩे पर क्वारंटाइन लागू करने को कहा। उन लोगों के लिए जो अनिवार्य क्वारंटाइन से पहले आए हैं, स्वास्थ्य टीमों द्वारा उनकी स्वास्थ्य स्थिति की दैनिक जांच की जाए और यदि आवश्यक हो तो क्वारंटाइन / आईसोलेशन लागू किया जाए। लापता मामलों सहित सभी मामलों को युद्धस्तर पर फिर से जांचा जाए। जिन लोगों को क्वारंटाइन अधीन रखा गया है, उनके घरों के बाहर आज रात स्टिकर चिपकाए जाएं ताकि उनके पड़ोसियों को इसकी जानकारी हो सके। सरपंच / नम्बरदार / वार्ड पार्षद / चौकीदार आदि द्वारा इस तरह के यात्रियों के बारे में नजदीकी पुलिस स्टेशन / चौकी को सूचित किया जाए और सख्ती से घरेलू क्वारंटाइन सुनिश्चित किया जाए – सूचना नहीं देना दंडनीय हो सकता है।

मुख्य सचिव ने विशिष्ट जिम्मेदारियों के लिए जिला स्तर पर विशिष्ट अधिकारियों को तैनात करने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। सार्वजनिक परिवहन को शनिवार की सुबह से पहले ही बंद कर दिया गया है, जिसे अगले आदेश तक अगले सप्ताह भी जारी रखा जाएगा, जबकि माल वाहक वाहनों पर कोई प्रतिबंध नहीं है, वास्तव में आपूर्ति लाइनों को सक्रिय रूप से चालू रखा जाना चाहिए, साथ ही सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को हमेशा की तरह जारी रखा जाएगा। 108 एम्बुलेंस सेवा सुरक्षात्मक मास्क पहने अपने कर्मचारियों के साथ पूरी तरह से क्रियाशली होगी। स्वास्थ्य कर्मियों को उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है क्योंकि वे उच्च जोखिम में हैं। सफाईकर्मियों को मास्क आदि उपलब्ध कराए जाने हैं – स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से या तो ट्रिपल लेयर या क्लॉथ मास्क और गांवों और कस्बों की सफाई पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पडऩा चाहिए। ऑटो रिक्शा या वाहनों के माध्यम से मजबूत मास मीडिया गतिविधियां चलाई जानी चाहिएं।

मुख्य सचिव ने यह भी उल्लेख किया कि डोर-टू-डोर जागरुकता अभियान रोक दिया गया है।

मुख्य सचिव ने परिवार के सदस्यों से भी विशेषकर बुजुर्ग लोगों से घर पर उचित दूरी बनाए रखने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। होम कोरनटीन और दैनिक रिपोर्ट कंट्रोल रूम को भेजने के लिए डीसी 8-10 गांवों के समूह पर एक सेक्टर अधिकारी (जैसा चुनाव के दौरान) नियुक्त करेंगे।

रोकथाम क्षेत्रों के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सेक्टर अधिकारी अपने चार्ज अधीन रोकथाम हेतु किसी भी निर्धारित क्षेत्र का प्रभारी होगा। उन्होंने स्थानीय राजस्व / पंचायत अधिकारियों की उपस्थिति में पुलिस के एनजीओ के प्रभार अधीन प्रभावी अमल के लिए पुलिस, होमगार्ड आदि के प्रयासों को पूरा करने के लिए एक रणनीति बनाने का सुझाव दिया। पुलिस की सहायता के लिए ठिकरी पैहरे के लिए समर्थ शरीर वाले युवाओं को शामिल किया जाना चाहिए।

इस दौरान पंजाब सरकार ने राज्य में लागू आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक वस्तुओं की एक सूची जारी की है जिसमें पांच आइटम समूह खाद्य अनाज, खाद्य तेल, सब्जियां और अन्य वस्तुएं शामिल हैं। इसके अलावा अन्य शामिल की गई वस्तुओं में मास्क और हैंड सैनिटाइटर हैं। इनके अलावा, कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इन सेवाओं को आवश्यक सेवाओं के रूप में घोषित किया गया है जिसमें किराने का सामान, पेय पदार्थ, ताजे फल और सब्जियां, पेयजल, चारा, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाली सभी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, नामित पेट्रोल / डीजल / सीएनजी पंप / डिस्पेंसिंग यूनिट्स में पेट्रोल, डीजल की आपूर्ति, राइस शेलर्स, दुग्ध संयंत्र, डेयरी इकाइयाँ, चारा बनाने वाली इकाइयाँ और मवेशी क्षेत्र, एलपीजी (घरेलू और व्यावसायिक) की आपूर्ति, दवाओं और मेडिकल स्टोरों से अन्य दवाइयों की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, मैडिकल और हैल्थ उपकरणों का निर्माण, दूरसंचार ऑपरेटरों और संचार सेवाएं सुनिश्वित करने हेतु उनके द्वारा नियुक्त एजेंसियों,  बीमा कंपनियों, बैंकों और एटीएम, डाकघरों, गोदामों में प्राप्ति के लिए गेहूं और चावल की लोडिंग और अनलोडिंग और/या केंद्रीय पूल / डीसीपी / ओएमएसएस के लिए प्रेषण, खाद्यान्नों की खरीद और भंडारण के लिए आवश्यक वस्तुओं / आवश्यक सेवा और स्टॉक लेखों का परिवहन, कंबानई मशीनों का संचालन, फसल कटाई का काम-काज, कृषि उपकरणों को बनाने वाली इकाइयां और कोई भी अन्य वस्तु जिसे जिला मजिस्ट्रेट / जिला आयुक्त द्वारा आवश्यक माना जाता है, शामिल हैं

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