कोविड-19 से निपटने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री से वित्तीय पैकेज और प्राईवेट अस्पतालों और लैबोरेट्रियों में टैस्ट करने की आज्ञा देने की माँग

मुख्य मंत्रियों की वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी को एक हफ़्ते से बढ़ाकर दो हफ़्ते करने के लिए कहा

चंडीगढ़, 20 मार्च: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कोविड-19 के बढ़ रहे खतरे पर गंभीर चिंता ज़ाहिर करते हुए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संकट से निपटने के लिए वित्तीय पैकेज देने और राज्य के प्राईवेट अस्पतालों और लैबोरेट्रियों में टैस्ट करने की इजाज़त देने के लिए कहा। वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के द्वारा कोविड-19 संबंधी देश भर में मौजूदा हालात का जायज़ा लेने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता अधीन हुई मुख्य मंत्रियों की मीटिंग में हिस्सा लेते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कोरोनावायरस के लिए टैस्ट बढ़ाने की तत्काल ज़रूरत है जिसके लिए केंद्र सरकार को नामी मैडीकल कॉलेजों और सुपर स्पैशियालिटी अस्पतालों को तत्काल इजाज़त देनी चाहिए।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सुझाव दिया कि आई.सी.एम.आर. को पुष्टि हो चुके मामलों के नज़दीकी संपर्क वाले व्यक्तियों, चाहे वह बिना लक्षणों के ही हों, का टैस्ट करने की भी आज्ञा देनी चाहिए। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री को विदेशी उड़ानों पर एक हफ़्ते के लिए लगाई गई पाबंदी को तुरंत दो हफ़्ते तक बढ़ाने की अपील की जिससे पंजाब में एन.आर.आईज़ के लगातार प्रवेश को रोका जा सके और सरकार को पंजाब में आ चुके लोगों को ढूँढकर उनके टैस्ट करने का भी समय मिल सके।

मुख्यमंत्री ने श्री मोदी को कोविड-19 के मद्देनजऱ एहतियात के तौर पर काम पर न जा सकने वाले मनरेगा कामगारों को मेहनताना अदा करने की इजाज़त देने की भी अपील की। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सिफ़ारिश की कि खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत हरेक व्यक्ति को पाँच किलो अतिरिक्त गेहूँ मुहैया करवाई जानी चाहिए जिससे संकट की घड़ी में लोगों की मदद की जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि केंद्र सरकार को कोविड-19 से आर्थिक तौर पर पडऩे वाले बुरे प्रभावों को घटाने के लिए एक व्यापक प्रस्ताव लाना चाहिए। इसी दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री को भरोसा दिया कि राज्य सरकार कोविड-19 से पैदा होने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि समूची सरकारी मशीनरी ख़ास तौर पर स्वास्थ्य विभाग विभिन्न सरकारी अस्पतालों में उपचाराधीन लक्षणों से पीडि़त मरीज़ों को बेहतर और संभव इलाज मुहैया करवाने के लिए पुख्ता इंतज़ाम हैं। मौजूदा स्थिति बारे प्रधानमंत्री को जानकारी देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बताया कि अब तक तीन केस पौज़ेटिव पाए गए हैं और एक व्यक्ति की मौत हुई है जिसके मरने के उपरांत पौज़ेटिव होने की पुष्टि हुई है। 140 टैस्टों के नतीजों में से तीन केस पौज़ेटिव पाए गए जबकि 18 के नतीजों का इंतज़ार है।

मोहाली और अमृतसर हवाई अड्डों के अलावा अमृतसर में वाहगा /अटारी चैक पोस्ट और गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक चैक पोस्ट पर 96273 मुसाफिऱों की जांच की जा चुकी है। 1454 मुसाफिऱों को घरों में एकांत में रखा गया, 47 को सरकारी तौर पर और 18 को अस्पतालों में एकांतवास में रखा गया। इस ख़तरनाक वायरस के मद्देनजऱ किसी भी आपातकालीन घटना से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 मार्च, 2020 को पंजाब ऐपीडेमिक डिजीज़, कोविड-19 रैगूलेशनज़-2020 को ऐपीडेमिक डिजीज़ एक्ट-1897 अधीन नोटीफाई किया गया। इसी तरह रोज़ाना के आधार पर स्थिति का जायज़ा लेने के लिए उनकी अध्यक्षता अधीन मंत्री समूह का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर पर गठित कोविड-19 मैनेजमेंट ग्रुप और जि़ला स्तर पर भी कायम किये ऐसे ग्रुपों का जि़क्र किया जिससे हालात पर पास से नजऱ रखी जा सके क्योंकि इस वायरस का किसी भी तरह फैलाव न होने दिया जाये। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बताया कि भारत सरकार के आदेशों के अनुसार विदेशों से आए लोगों की खोज भी की जा रही है और ऐसे लोगों को निगरानी अधीन रखा जा रहा है जिससे एक जगह से दूसरी जगह पहुँचने की कड़ी को तोड़ा जा सके। संदिग्ध या लक्षणों वाले लोगों को अलग रखने के लिए किये गए इंतज़ामों संबंधी मुख्यमंत्री ने श्री मोदी को संक्षेप में बताया कि एकांत में रखने के लिए 16,890 बैड रखे गए हैं। इसके अलावा सरकारी और प्राईवेट संस्थाओं में अलग तौर पर रखने के लिए 2800 बैड रखे गए हैं। इसी तरह जि़ला स्तर पर 28 वैंटीलेटरों का बंदोबस्त किया गया है जिनमें 14 जि़ला अस्पतालों और 14 सरकारी मैडीकल कॉलेजों में हैं।

कोविड-19 से स्थिति और भयानक होने को टालने के लिए एहतियात के तौर पर उठाए कदमों के तौर पर सभी शैक्षिक संस्थाओं (सरकारी और प्राईवेट) को 31 मार्च, 2020 तक बंद किया गया और राज्य की बोर्ड की परीक्षाओं को भी अगले हुक्मों तक मुलतवी कर दिया है। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को जाने से रोकने के लिए सभी मॉल, रैस्टोरैंट, सिनेमा हॉल, जिम, स्विमिंग पुल, मैरिज पैलेस भी अगले हुक्मों तक बंद कर दिए गए हैं। इसी तरह खेल समागमों, कॉन्फ्ऱेंसों, सांस्कृतिक समागमों, मेलों और नुमाइशें लगाने पर भी अगले हुक्मों तक रोक लगा दी गई है। सामाजिक, धार्मिक और राजनैतिक जलसों में अधिक से अधिक 20 व्यक्तियों की उपस्थिति होने को सख्ती से लागू किया गया है। इसी तरह सीआर.पी.सी. की धारा 144 अधीन जारी हुक्मों में  मैक्सी कैब /मोटर कैब को छोडक़र ई-रिक्शे और ऑटो रिक्शे समेत सार्वजनिक सेवाओं वाले वाहन चलाने पर 31 मार्च, 2020 तक पाबंदी लगा दी है।

सरकारी दफ़्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक न आने के लिए एडवाइजऱी जारी की गई है। इसी तरह सरकार ने सभी धार्मिक प्रमुखों से अपील की कि वह अपने श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी बनाने और स्वास्थ्य सुरक्षा सम्बन्धी सरकार के आदेशों को अपनाने के लिए कहें।

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