सेवा,समर्पण,त्याग व बलिदान का दूसूरा नाम है देश का वीर सैनिक : अरूणा चौधरी

सैंकड़ों लोगों ने नम आंखों से किया पुलवामा के शहीद को नमन

गुरदासपुर, 14 फरवरी।  पुलवामा हमले की पहली बरसी पर उसी हमले में अपने 40 साथियों सहित शहादत का जाम पीने वाले सी.आर.पी.एफ की 75 बटालियन के शहीद कांस्टेबल मनिन्दर सिंह का प्रथम श्रद्धांजलि समारोह ए.डी.सी ज तेजिन्द्र पाल सिंह संधू की अध्यक्षता में शेरे पंजाब महाराज  रंजीत सिंह गुरूद्वारा में शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद की ओर से आयोजित किया गया। जिसमें कैबिनेट मंत्री अरूणा चौधरी बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुईं। इनके अलावा शहीद के पिता सतपाल अत्री, भाई लखवीश सिंह, बहने  शबनम, शीतल व गगनदीप, परिषद के महासचिव कुंवर रविन्द्र सिंह विक्की, पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी हरबंस लाल, भाजपा के जिलाध्यक्ष परमिन्द्र गिल, ब्लाक समिति के चेयरमैन हरविंद्र सिंह भट्टी, जिला प्लानिंग बोर्ड की पूर्व  चेयरपर्सन नीलम महन्त, सी.आर.पी.एफ ग्रुप सैंटर जालन्धर के सहायक कमांडेंट कुलवंत सिंह, एस.आई मुन्ना लाल, हिन्दु सुरक्षा समिति के प्रदेश उप प्रधान डा. हरिदेव अग्रिहोत्री, डी.एस.पी महेश सैनी, जिला रक्षा सेवाएं भलाई विभाग के फील्ड अफसर सूबेदार जगदीश सिंह,जिला लोक अदालत की मेंबर बाबा प्रवीण, एक ईंट शहीद के नाम संस्था के संयोजक संजीव राणा, शहीद ले. नवदीप सिंह अशोक चक्र के पिता कैप्टन जोगिन्द्र सिंह, शिव सेना हिन्दोस्तान के जिला प्रधान शिवम ठाकुर, भारत इन्दु ओहरी, प्रो. प्रबोध ग्रोवर, प्रो. प्रभजोत कौर, एक्स.ई.एन सुरेश कश्यप, डा. केवल कृष्ण आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। 

सर्वप्रथम सुखमणि साहिब का भोग डालते हुए रागी जत्थे द्वारा वैरागमयी कीर्तन कर शहीद को नमन किया। श्रद्धांजलि समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यातिथि कैबिनेट मंत्री अरूणा चौधरी ने कहा कि सेवा, समर्पण,ख्त्याग व बलिदान का दूसरा नाम है देश का वीर सैनिक, जो अपने परिवारिक सम्बंधों का परित्याग करते हुए राष्ट्रहित में अपने प्राणों की आहुति देकर देशवासियों को यह संदेश दे जाता है कि एक सैनिक के लिए राष्ट्रहित सर्वोपर्रि है। उन्होंने कहा कि जिन शहीदों ने  देश के आने वाले कल के लिए अपना आज कुर्बान कर दिया  उनके परिजनों का सम्मान करना सरकारों व देश वासियों का फर्ज है। क्योंकि उन शूरवीरों की आमूल्य शहादत व परिवार के त्याग का मौल चुकाया नहीं जा सकता। पंजाब सरकार इस दुख की घड़ी में इन परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शहीद कांस्टेबल मनिन्दर सिंह के भाई लखवीश सिंह की नौकरी को लेकर उन्होंने दो दिन पहले ही सी.एम कैप्टन अमरेन्द्र सिंह व डी.जी.पीे दिनकर गुप्ता से भेंट की है तथा सी.एम ने इस फाईल को तुरन्त प्रवानगी दे दी गई है। अगले ही कुछ दिनों में उसे पंजाब पुलिस में नौकरी का नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। ताकि वह पुलिस में डयूटी करने के साथ साथ अपने बुजुर्ग पिता की देखभाल भी कर सके। उन्होंने शहीदों के नाम पर स्कूलों का नाम रखने के लिए परिषद सदस्यों को कहा कि इस सम्बंधी फाईल तैयार करवा कर उनहें दी जाए, ताकि वह इस पर कारवाई कर सकें। 

किस्मत वालों को नसीब होता है तिरंगा रूपी कफन : ए.डी.सी संधू

ए.डी.सी तेजिन्द्र पाल सिंह संधू ने कहा कि आज देशवासी इस लिए चैन से सो रहे हैं शहीद मनिन्दर सिंह जैसे जांबाज सैनिक हमारे सीमा के प्रहरी बन दुश्मन की हर चुनौति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खुशकिस्मत होते हैं वो लोग जिन्हें तिरंगारूपी कफन नसीब होता है। उन्होंने शहीदों का मान सम्मान रखने वाली पंजाब की एकमात्र गैर राजनीतिक संस्था शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जो काम सरकारें नहीं कर पा रही, वह काम परिषद के सदस्य करते हुए इन शहीद परिवारों का मनोबल बढ़ा रहे हैं, समाज के बाकी लोगों के लिए भी ऐसी संस्थाओं से प्ररेणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सभी शहीद परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर  हल करने हेतु वचनबद्ध है। 

शहादत के एक वर्ष बाद भी हरे हैं पुलवामा हमले के शहीद परिवारों के जख्म : कुंवर विक्की

परिषद के महासचिव कुंवर रविन्द्र विक्की ने कहा कि आज सारा देश पुलवामा हमले के 40 रणबांकुरों की शहादत को एक सुर में याद कर रहा है। मगर इस हमले को एक वर्ष गुजर जाने के बाद भी इस हमले में शहीद हुए जवानों के परिवारों के जख्म आज भी हरे हैं। उन्होंने कहा कि शहीद मरते नहीं हमेशा अमर रहते हैं। मगर जिस दिन देशवासी उनकी शहादत को भुला देते हैं, सही मायनों में उस दिन एक शहीद की मौत होती है। जो राष्ट्र अपने शहीदों के बलिदानों को भूल जाते हैं, उनका अस्तित्व मिट जाता है। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि शहीद मनिन्दर की याद में  एक यादगीरी गेट का निमार्ण करवा कर इस परिवार की भावनाओं का सम्मान करें। इस अवसर पर मुख्यातिथि द्वारा शहीद के परिजनों सहित 30 अन्य शहीद परिवारों को स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। 

 यह रहे उपस्थित

जी.ओ.जी टीम के ब्लाक प्रधान सूबेदार मेजर मदन लाल शर्मा, अशोक सिंह, राजेन्द्र सिंह,संदीप सिंह, सूबेदार शक्ति पठानिया, सूबेदार मेजर शाम सिंह, कैप्टन रछपाल सिंह, कैप्टन काबुल सिंह, राजेश शर्मा, प्रेम भारत, थाना प्रभारी बलदेव राज, सरपंच स्वर्ण सिंह, अजीत सिंह, सूबेदार कर्ण सिंह, सुरिन्द्र गवास्कर, राजेश कुमार, हंस राज।

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