चिंता का विषय- सीटी स्कैन में ए-टिपिकल निमोनया संक्रमित मरीजों की गिनती बढ़ी, एक दिन में पाए गए 42 मरीज

स्वस्थ्य विभाग संदिग्ध के रुप में कर रहा डील, नहीं हो रही कोरोना मरीज के रुप में पुष्टी,

संदिग्ध को भी गंभीर लेने की जरुरत, कोविड़ वार्ड से अलग वार्ड में किया जाएगा उपचार, संदिग्धों के कॉटेक्ट ट्रेस करना जरुरी- डॉ तलवार

गुरदासपुर, 10 मई (मनन सैनी)। पंजाब में कोरोना की दूसरी लहर बेहद खतरनाक बनी हुई है। दूसरे स्ट्रेन के चलते अब कोरोना वायरस सीधा फेफड़ों पर असर कर रहा है​ तथा ए-टिपिकल निमोनिया के मरीजों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। संक्रमण सीधा फेफड़ो में होने के कारण, कई केसों में मरीजों के आरटी-पीसीआर, एंटिजन टैस्ट नैगेटिव आ रहे है। परन्तु अभी तक स्वस्थ्य​ विभाग की ओर से उन्हें संदिग्ध मरीजों के रुप में लिया जा रहा है और उनकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट संक्रमित पाए जाने पर ही उनकी पुष्टी कोरोना मरीज के तौर पर की जा रही है। संदिग्ध मरीज की मृत्यु होने पर भी उसे अभी कोरोना से मरने वालों की लिस्ट में शामिल नही किया गया।

पूरे पंजाब में ऐसे संदिग्ध मरीजों की स्थिती का अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि जिला गुरदासपुर में ही रविवार को 42 संदिग्ध मरीज सामने आए। हालांकि विभाग के अधिकारी कुल संदिग्धों में कितनों की मौत हुई अभी तक इस संबंधी आंकड़े नही जुटा पाए है। विभाग की ओर से इस बात पर भी अभी अंदाजे लगाए जा रहे है कि कितने संंदिग्धों के कॉटेक्ट ट्रेस कर उनके टैस्ट लिए गए है। वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार इन संदिग्ध केसों का डाटा तैयार करने संबंधी अभी कोई प्रोटोकोल नही बना और न ही नोड़ल अधिकारी ही निुयक्त​ नही किया गया है।

गौर रहे कि मरीज के स्कैन करवाने पर उनका स्कोर काफी ज्यादा आ रहा है। विशेशज्ञ डाक्टरों के अनुसार सीटी स्कैन में 8 से कम स्कोर वालों को माईड, 8 से 15 स्कोर वालों को मोडरेट एवं 16 से 25+ ज्यादा स्कोर वालों को गंभीर मरीज के तौर पर देखा जाता है। परन्तु सीटी स्कैन के स्कोर वालों को भी अभी तक कोविड़ मरीज न मान कर संदिग्ध मरीज के तौर पर माना जाता है।

इस संबंधी पंजाब सरकार के विशेषज्ञ समूह के प्रमुख डाॅ के के तलवार का कहना है कि कुछ केसों में देखा गया है कि मरीज में सभी लक्ष्ण होते है परन्तु उनका आरटी-पीसीआर भी नैगेटिव आता है। जिसके चलते माहिर डाक्टरों की ओर से सीटी स्कैन करवाने की सलाह दी जाती है।​ जिसमें सीटी स्कोर देखा गया जाता और उन्हे संदिग्ध कोविड़ मरीज के तौर पर देखा जाता है। ऐसे संदिग्ध मरीजों का 24 घंटों बाद फिर दोबारा टैस्ट करने की जरुरत है। उन्होने साफ तौर पर कहा कि सीटी स्कैन बहुत सैंसेटिव है परन्तु हम सीटी स्कैन पर ही निर्भर नही रह सकते, क्योंकि पूरे विश्व में ऐसा कोई मापदंड नही है। आरटी-पीसीआर टैस्ट कैसे लिया जाता है और कहां तक लिया जाता है इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है।

उन्होनें बताया कि उक्त संदिग्ध मरीजों के संपर्क में आने वालों को ट्रेक और ट्रेस करना जरुरी है और इसके लिए सिवल सर्जनों को हिदायत की गई है। उन्होने बताया कि पंजाब में सिवल सर्जनों को हिदायत दी गई है कि अलग से संदिग्ध कोविड़ वार्ड बनाए जाए और जरुरत पड़ने पर वहां उपचार दिया जाए। डॉ तलवार ने बताया कि अभी भारत सरकार की ओर निर्धारित मांपदंड के चलते ही कोविड़-19 संक्रमित मरीजों की गिनती हो रही है।

वहीं ​गुरदासपुर के सिवल सर्जन डॉ हरभजन ​राम मांडी से जब पूछा गया कि क्या स्वस्थ्य विभाग की ओर से संदिग्ध मरीजों की गिनती संबंधी आंकड़े एकत्र कर रहे है तो उन्होने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से जारी की गई प्रोटोकोल के तहत सभी नोडल अफसर लगाए गए तथा लगाए जाएगें। स्कैन वाले मरीजों की ​मौत संबंधी आंकड़े पर असमरता जताते हुए उन्होने कहा कि इस संबंधी वह पता लगाएगें।

Print Friendly, PDF & Email
Thepunjabwire
  •  
  • 70
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    70
    Shares
error: Content is protected !!