मुख्यमंत्री द्वारा पटियाला, बठिंडा, फाजिल्का और मोगा के 2816 झुग्गी-झोंपड़ी निवासियों को मालिकाना हक देने के लिए हरी झंडी

समूह जिलों में बसेरा स्कीम के अंतर्गत 1 लाख झुग्गी-झोंपड़ी निवासियों को लाभ पहुंचेगा

चंडीगढ़, 6 जनवरी:मुख्यमंत्री झुग्गी-झोंपड़ी विकास प्रोग्राम बसेरा के अंतर्गत पटियाला, बठिंडा और फाजिल्का के झुग्गी -झोंपड़ी निवासियों को मालिकाना हक दिए जाएंगे। मोगा में झुग्गी-झोंपड़ी में रहने वालों को उनके मालिकाना हक मोगाजीत सिंह में अलग तौर पर म्यूंसिपल सीमा के अंदर आती जमीन में तबदील कर दिए जाएंगे।मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को एक उच्च स्तरीय वर्चुअल मीटिंग के दौरान इन फैसलों को मंजूरी दी जिससे 10 झुग्गी-झौंपडिय़ां- एम.सी. पटियाला के 364, एम.सी. बठिंडा के 200, एम.सी. अबोहर (फाजिल्का) के 2000 और एम.सी. मोगा के 252 (मोगा की तीन झुग्गी-झौंपडिय़ों के निवासियों को तबदील किया जायेगा), के 2816 व्यक्तियों/इकायों को लाभ पहुँचेगा। इससे राज्य के समूह जिलों में 1 लाख से अधिक झुग्गी-झोंपड़ी वालों को ऐसे मालिकाना हक मिलेंगे।

बसेरा स्कीम जोकि पंजाब प्रोपराईटरी राइट्स टू स्लम डिवैलरज एक्ट, 2020 समेत सम्बन्धित नियमों के अंतर्गत आती है, राज्य सरकार की तरफ से एकीकृत शहरी विकास और योजनाबंदी की दिशा में एक बड़ा कदम है। बसेरा, जिसको कि राज्य की कैबिनेट की तरफ से पहले मंजूरी दी जा चुकी है, शहरों की झुग्गी -झौंपडिय़ों को शहर के बाकी हिस्से के साथ मौजूदा समूची शहरी योजनाबंदी की मदद से विलय की नींव रखेगी और यह प्रक्रिया राज्य के सभी जिलों में पूरी की जायेगी।द पंजाब स्लम डिवैलरज (प्रोपराईटरी राइट्स) एक्ट, 2020 की नोटिफिकेशन की तारीख भाव 1 अप्रैल, 2020 को किसी भी शहरी क्षेत्र के झुग्गी -झोंपड़ी वाले हिस्से के बीच की जमीन वाले घर इस स्कीम के लिए पात्र होंगे। परन्तु, लाभपार्थियों को तबादला की जमीन 30 वर्षों तक किसी दूसरे के नाम करने की इजाजत नहीं होगी।

मौजूदा समय के दौरान शहरी स्थानीय सरकारों में तकरीबन 243 झुग्गी -झौंपडिय़ाँ हैं जिनमें 1 लाख निवासी रह रहे हैं। अन्य जिलों जैसे कि पटियाला, बठिंडा, फाजिल्का और मोगा में मौजूदा समय के दौरान झुग्गी -झोंपड़ी वाले घरों के सर्वेक्षण के साथ-साथ ही झुग्गी -झौंपडिय़ों की पहचान और इनकी हदों की रूप-रेखा तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही झुग्गी -झोंपड़ी निवासियों के कब्जे अधीन जमीन के सुरक्षित होने सम्बन्धी अध्ययन भी किया जा रहा है।आज दी गई मंजूरी के अनुसार एम.सी. पटियाला में 156 लाभार्थियों को रोहतकुट्ट (लकडी़ मंडी) के बीच वाले 1.052 हेक्टेयर (अंदरूनी सडक़ों सहित) झुग्गी-झोंपड़ी क्षेत्र में मालिकाना हक मिलेंगे जबकि 180 लाभार्थियों को रंगे शाह कालोनी (1.591 हेक्टेयर) और 28 लाभार्थियों को दीन दयाल उपाध्याय नगर (0.6962 हेक्टेयर) में मालिकाना हक हासिल होंगे। एम.सी. बठिंडा में उड़ीया कालोनी (6.25 एकड़) के 200 लाभार्थियों, एम.सी. अबोहर में इंद्रा कालोनी (25.86 एकड़) के 1500 और संत नगर (7.02 एकड़) के 500 लाभार्थियों को मालिकाना हक दिए जाएंगे। एम.सी. मोगा के लाभार्थी जिनको मोगाजीत सिंह में तबदील किया जा रहा है, की संख्या 130 (निहारी बस्ती और सूरज नगर उत्तर), 104 (नयी दाना मंडी) और 18 (प्रीत नगर नजदीक कोटकपूरा बायपास) है।

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