​​डीसी इश्फाक के तोहफे ने बढ़ाया बच्चों में उत्साह, वॉल ऑफ फेम में स्थान पाने के लिए कड़ी मेहनत का लिया प्रण

दिवाली पर जिला निवासियों को तोहफा देते हुए डीसी ने जिला प्रंबधकीय कंप्लैक्स में वॉल ऑफ फेम का किया था उद्धाटन

मनन सैनी। 
गुरदासपुर, 16 नवंबर। पापा मैं भी कड़ी मेहनत करुंगा और जिला प्रंबंधीय कंप्लैक्स में लगे वॉल ऑफ फेंम में अपना नाम दर्ज करवाऊंगा। यह कहना है कनवा सैनी का जो स्थानीय लिटिल फ्लावर स्कूल में कक्षा छह का विद्यार्थी है। कनवा शनिवार को गुरदासपुर के डिप्टी कमिशनर मोहम्मद इश्फाक की ओर से शुरु किए गए ऑन लॉइन एचिवर्ज प्रोग्राम स्टोरीज ऑफ दी चैपिंयन ऑफ गुरदासपुर का निरंतर फॅालोअर है तथा सफल व्यक्तियों के जीवन के अनुभव सुन काफी प्रोत्साहित हो रहा है। वह भी दूसरे अन्य बच्चों की तरह हाल ही में डीसी इश्फाक की ओर से जिला निवासियों को दिए गए दिवाली के तोहफे (वॉल ऑफ फेम) में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत का प्रण ले चुका है। 

गौर रहे कि जिला प्रंबंधकीय कंप्लैक्स में चार एल.ई.डी लगा कर वाॅल ऑफ फेम बनाया गया है और डिप्टी कमिशनर की ओर से दिवाली से एक दिन पहले इसका उद्धाटन किया गया। कंप्लैक्स में लगाई गई पहली एल.ई.डी में गुरदासपुर के शहीदों को नमन करते हुए उनकी याद को ​सदा ताजा रखने तथा नौजवान वर्ग को प्रेरित करने हेतू उनकी तस्वीरे तथा संक्षेप जीवनी शामिल की गई है। वहीं तीसरी एल.ई.डी में नौजवान वर्ग को ​जिले के गौरवपूर्ण इतिहास से जानकर करवाने के लिए तथा जिले में पड़ते धार्मिक स्थानों एवं इतिहासिक स्थानों को जगह दी गई। जबकि चौथी में​ जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेशों को दर्शाया गया है। 

उक्त सभी में बच्चों में सबसे ज्यादा क्रेज फ्रेम में लगी दूसरी एल.ई.डी के लिए देखने को ​मिल रहा है। जिसमें गुरदासपुर जिले से संबंधित हस्तियों, जिन्होनें विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम कमाया है की तस्वीरे तथा जीवनी को शामिल किया गया है। जिन्हे एचिवर्ज प्रोग्राम स्टोरीज ऑफ दी चैपिंयन ऑफ गुरदासपुर प्रोग्राम के तहत रुबरु करवाया गया तथा इसमें शामिल किया गया है। इसमें उन बच्चों को भी जगह मिली है जिन्होने अच्छे अंक लेकर टॉप किया, उन खिलाड़ियों को भी जगह मिली है जिन्होने नैशनल खेल कर गुरदासपुर का नाम रौशन किया। इसमें गुरदासपुर के सांइसदान, आईएएस, पीसीएस, डाक्टर इत्यादि शामिल किए गए जो अपने अपने क्षेत्र में सफल हुए। 

16 एडिशन तक पहुंचे इस प्रोग्राम में राजनितिज्ञों से लेकर पंजाब की अतिरिक्त मुख्य निर्वाचण अधिकारी माधवी कटारिया, पांडिचेरी के सचिव कुमार महेश, भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) चंडिगढ़ की डिप्टी डायरेक्टर भावना गर्ग, स्थानीय सरकारों के सचिव अजोय शर्मा इत्यादि आईएएस मुख्यतिथी रह चुके है तथा अपना अनुभव बच्चों के साथ सांझा कर उन्हे प्रेरित कर चुके है। उक्त 16 एडिशन से कुल 48 एचिवर्ज को गुरदासपुर के जिला प्रंबंधकीय कंप्लैक्स में बने वॉल ऑफ फेम में जगह मिली है। जिसमें शामिल होने के लिए बच्चों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है तथा वह भी मेहनत तथा लग्न से कामयाबी हासिल कर इसमें शामिल होने की जज्बा पाले बैठे है। 

जिले में की गई इस नई पहल संबंधी डिप्टी कमिशनर मोहम्मद इश्फाक ने बताया कि वॉल ऑफ फेम का मुख्य मकसद जिला गुरदासपुर के लोगों तथा विशेश रुप से नौजवानों को अपने इतिहास तथा यहां की हस्तियों संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाना है। जिन्होने गुरदासपुर का नाम देश तथा विदेश में उंचा किया है। उन्होने बताया कि गुरदासपुर में आने से पहले उन्हे बताया गया था कि गुरदासपुर एक पिछड़ा हुआ जिला है। परन्तु इस प्रोग्राम के जरिए उन्हे भी पता चला कि गुरदासपुर में बेहद प्रतिभा है। गुरदासपुर पर केवल मात्र पिछड़े पन का टैग लगा है जिसे बस उतारने की जरुरत है। ​गुरदासपुर में नैशनल लेवल के खिलाड़ियों से लेकर विदेशों में नाम कमाने वाले लोग भी शामिल है। देश में सेवा प्रदान कर रहे साइंसदान, आईपीएस, पीसीएस अधिकारी, डाक्टर इत्यादि बड़ी तादात में शुमार है जिन्हे बस लोगों के समक्ष लाना उनका लक्ष्य है।  

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