पीएस गार्डन में मंत्री सोम प्रकाश के साथ वीडियों कांफ्रेंस कर रहे थे भाजपा कार्यकर्ताओं, भनक लगने पर किसानों ने घेरा

पैलेस से बाहर निकलने पर काली झंडियों से किया भाजपा का विरोध, मंत्री सोमप्रकाश ने कानून को ​किसानों की किस्मत बदलने वाला बताया  

गुरदासपुर, 18 अक्तूबर (मनन सैनी)। किसानों को कृषि कानून संबंधी जागरुक करने के लिए पीएस गार्डन पैलेस में केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश की ओर से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं से बैठक कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को उस समय भारी विरोध झेलना पड़ा जब भाजपा के कार्यक्रम की भनक लगते ही किसानों ने अचानक आकर उन्हे घेरने का प्रयास किया। हालाकि​ मौके पर तैनात पुलिस बल ने किसानों को रास्ते पर ही रोक दिया। परन्तु भाजपा के विरोध में मुखर हुए किसान पैलेस के बाहर वाले मेन गेट के बाहर हाइवे पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पैलेस से बाहर निकलने पर किसानों ने भाजपा के नेताओं का कालियां झंडियां दिखाकर विरोध करना शुरु कर दिया। किसानों ने भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। 

इस मौके पर किसान नेता बख्शीश सिंह ने कहा कि उनकी केंद्र सरकार को खुली चुनौती है कि वह अपने नेताओं को उनसे बिल संबंधी बहस पर बैठा दें। हम उन्हें बताएंगे कि कृषि कानून सीधे रुप से कैसे किसान विरोधी है। भाजपा चाहे जितने नाटक कर ले। वह बिल को रद्द करवाकर ही दम लेंगे। उनकी जमीनों को हड़पने की कोशिश करने वाली मोदी सरकार का वह विरोध करते रहेंगे। गौर रहे कि किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने बेरिकेड लगाकर किसानों को भाजपा नेताओं तक जाने से पहले रोक लिया। किसानों को पुलिस ने चारों तरफ से घेरा डाल रखा था। भाजपा नेताओं को सेफ तरीके से बाहर निकालने में पुलिस को आधे घंटे से भी अधिक समय लग गया। जबकि भाजपा नेताओं के जाने के बाद किसान शांत हो गए। इस मौके पर नेता मक्खन सिंह कोहाड़ ने कहा कि भाजपा की मीटिंग में किसान नही बल्कि उनके कुछ वर्कर पहुंचे थे।

वहीं वीडियों कांफ्रेस के दौरान केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने कार्यकर्ताओं तथा किसानों को संबोधित करते हुए कृषि बिल के फायदे समझाएं तथा कहा कि वे अपनी फसल को कहीं भी और किसी को भी बेच सकते हैं । बिना किसान की सहमति के कांट्रैक्ट फार्मिंग नहीं की जाएगी । कांट्रैक्ट फार्मिंग केवल फसल पर होगी, किसान की जमीन पर नहीं । उन्होने इस एक्ट किसान की किस्मत बदलने वाला एक्ट है ।सोम प्रकाश ने कहा कि एपीएमसी का एमएसपी से कोई लेना देना नहीं है। एमएसपी थी और रहेगी ।

वहीं  तरुण चुघ ने कहा कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी सरकार की नाकामियों को छुपाने के लिए अब किसानों के नाम पर षड्यंत्र के तहत गुमराहपूर्ण प्रचार कर जनता का ध्यान भटकाने में लगे हैं । प्रदेश में कानून-व्यवस्था का हाल बद से बदतर हो चुका है। रोज़ाना हो रही हत्याएं, बलात्कार, डकैती व लूट-पाट की घटनाओं ने प्रदेश की जनता के मन में डर का माहौल पैदा कर दिया है। प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री मोदी की जान-हितैषी नीतियों से प्रभावित है और पंजाब में भी भाजपा का शासन चाहती है। जनता अब कांग्रेस को वोट करने पर पछता रही है और चुनाव का इन्तजार कर रही है ताकि कांग्रेस को जड़ से उखाड़ फैंके।

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