जिला गुरदासपुर में अब डेंगू ने पसारे पैर, जिले में डेंगू से हुई पहली मौत

लोगो का कहना प्रंबंध नाकाफी, गंभीरता दिखाएं स्वस्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन

गुरदासपुर, 17 अगस्त (मनन सैनी)।  जिला गुरदासपुर में कोरोना के बाद अब डेंगू अपने पैर पसारते जा रहा  है। जिसके चलते शनिवार को जिले में डेंगू संक्रमित पहले व्यक्ति की मौत दर्ज की गई। उक्त मृतक थाना डेरा बाबा नानक अधीन पड़ते गांव घुम्मन का निवासी था तथा इन दिनों करतारपुर कोरिडोर पर ​तैनात था। मृतक की पहचान मलकीत सिंह पुत्र कशमीर सिंह के रुप में हुई। मलकीत इंटिलिजैंस में बतौर हवलदार तैनात था।

इस संबंधी पुष्टी करते हुए डेरा बाबा नानक के एसएमओं डा हरपाल सिंह ने बताया कि मलकीत सिंह पिछले दिनों डेंगू संक्रमित पाया गया था तथा वह कलानौर से ही ओरल दवाएं ले रहा था। तबीयत ज्यादा खराब होने के चलते मलकीत सिंह शुक्रवार को अमृतसर दाखिल हुआ जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। 

वहीं मलकीत के भाई जसविंदर ने बताया कि मलकीत सिंह खुफिया विभाग में करतारपुर कॉरिडोर में ड्यूटी कर रहे थे । करतारपुर कारिडोर बंद होने उपरांत डेरा बाबा नानक ऑफिस में  ड्यूटी कर रहे थे । उन्होंने बताया कि अमृतसर में डॉक्टरों द्वारा उसकी डेंगू की पुष्टि की गई थी। पिछले एक सप्ताह पहले ही उसकी रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई थी।

इस संबंधी जिला एपिडिमोलोजिस्ट डॉ प्रभजोत कलसी ने बताया कि स्वस्थ्य विभाग की ओर से सभी नगर कौंसिलों को हिदायत दी गई है कि वह हर वार्ड में 15-15 दिन बाद फॉगिंग करें। इसी के साथ स्वस्थ्य विभाग की ओर से आर्डर भी जारी किए गए है ​कि निजी लैब में डेंगू कार्ड के जरिए संक्रमित पाए जाने वालों के दोबारा एनएस-1 टैस्ट सरकारी अस्पताल से करवाए जाए। क्योंकि भारत सरकार डेंगू कार्ड टैस्ट को प्रमाणित नही करता।  

गौर रहे कि जिले में अभी तक सरकारी अस्पतालों में 60 डेंगू मरीजों की पुष्टी हो चुकी है जबकि ज्यादा तर लोग निजी लैब या अस्पतालों में जाकर डेंगू कार्ड के जरिए टैस्ट करवा रहे है जिसका पूरा डाटा फिलहाल प्रशासन के पास उपलब्ध नही है। परन्तु अनुमान लगाया जाए तो यह निजी लैब वालों की संख्या भी करीब 100 से 150 मरीज संक्रमित होगें।  पिछले साल सितंबर तक आए थे 160 मरीज पाॅजिटिव, नही हुई थी किसी की मौत।

वहीं आम लोगो का कहना है कि बेशक स्वस्थ्य विभाग की ओर से डेंगू के प्रति गंभीर कदम उठाए जाने के लाख दावें किए जा रहे हो परन्तु यह कदम ना काफी है तथा प्रशासन को चाहिए कि वह डेंगू से भी कोरोना की भांति गंभीरता से लड़े। 

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