गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक और धारकलां समेत पंजाब में 7 और ग्राम न्यायालय स्थापित करने के मुख्यमंत्री ने दिए आदेश

गुरदासपुर, 13 सितम्बर (मनन सैनी)। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार गाँवों में आसानी और तेज़ी से न्याय दिलाने को यकीनी बनाने के लिए राज्य में 7 और ग्राम न्यायालय या ग्रामीण अदालतें स्थापित किए जाने के आदेश दिए हैं। यह नए न्यायालय पटियाला जि़ले में पातड़ां, बरनाला में तपा, फ़तेहगढ़ साहिब में बस्सी पठाना, गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक और धार कलाँ, लुधियाना में रायकोट और रूपनगर में चमकौर साहिब में स्थापित किए जाएंगे।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह जिनके पास गृह मामले और न्याय विभाग भी है, की तरफ से दी गई हरी झंडी के अनुसार यह ग्राम न्यायालय सब डिवीजऩों की ग्राम पंचायतों को ही कवर करेंगे और कस्बे इनसे बाहर होंगे।  इसके साथ ही राज्य में ऐसी अदालतों की संख्या 9 हो जाएगी, क्योंकि जनवरी 2013 की एक अधिसूचना के द्वारा मोगा जि़ले के कोट ईसे खान और रूपनगर में नंगल में 2 ग्राम न्यायालय पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। यह पहलकदमी संसद द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में तेज़ी से न्याय देने के लिए बनाए गए ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 की रौशनी में की गई है। यह अधिनियम 2 अक्तूबर, 2009 से लागू है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 1 जनवरी, 2016 से 31 दिसंबर, 2016 तक कोट ईसे खान के ग्राम न्यायालय द्वारा एक भी केस स्थानांतरित नंहीं किया गया, जबकि इस समय के दौरान शुरू किए गए मामलों की संख्या 2 है और इसके अलावा 13 मामलों का निपटारा हो चुका है। 31 दिसंबर, 2016 तक कोट ईसे खान अदालत में 18 मामले लम्बित थे। परन्तु उपरोक्त समय के दौरान नंगल ग्राम न्यायालय में कोई भी केस सामने नहीं आया।

1 जनवरी, 2017 से 31 दिसंबर, 2017 के दरमियान कोट ईसे खान ग्राम न्यायालय की तरफ से कोई भी केस स्थानांतरित नहीं किया गया और इस समय के दौरान 8 केस शुरू किए गए। जबकि 18 मामलों का निपटारा किया गया और 31 दिसंबर, 2017 तक 10 केस लम्बित थे। उपरोक्त समय के दौरान नंगल ग्राम न्यायालय में कोई भी केस सामने नहीं आया। प्रवक्ता ने आगे खुलासा किया कि 1 जनवरी, 2018 से 31 दिसंबर, 2018 तक के समय के दौरान कोट ईसे खान ग्राम न्यायालय की तरफ से कोई भी केस स्थानांतरित नहीं किया गया और 6 केस शुरू किए गए। इस समय के दौरान 7 मामलों का निपटारा हुआ और 31 दिसंबर, 2018 तक 9 केस लम्बित थे।

इस समय के दौरान नंगल ग्राम न्यायालय द्वारा 953 केस स्थानांतरित किए गए, 369 केस शुरू किए गए, 141 मामलों का निपटारा हुआ, जबकि 31 दिसंबर, 2018 तक लम्बित मामलों की संख्या 977 रही।  जहाँ तक 1 जनवरी, 2019 से लेकर 30 जून, 2019 तक के समय का सम्बन्ध है तो इस दौरान ग्राम न्यायालय कोट ईसे खान की तरफ से कोई भी केस स्थानांतरित नहीं किया गया, जबकि 2 केस शुरू किए गए। निपटाए गए मामलों की संख्या भी 2 ही रही और 30 जून, 2019 तक 9 केस लम्बित थे। इसी समय के दौरान, नंगल ग्राम न्यायालय द्वारा 2 केस स्थानांतरित किए गए, 62 केस शुरू किए गए और 89 मामलों का निपटारा हुआ है। 30 जून, 2019 तक 952 केस लम्बित थे।  

Thepunjabwire
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