‘आप’ विधायक अमन अरोड़ा और प्रिंसीपल बुद्ध राम ने मोंटेक सिंह अहलूवालिया समिति की सिफारिशों को किया खारिज

कहा मोदी की पंजाब विरोधी नीतियों का समर्थन कर रही है अमरिन्दर सरकार की समिति -अमन अरोड़ा

चंडीगढ़, 12 अगस्त। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने प्रदेश को आर्थिक संकट से निकालने के लिए अमरिन्दर सिंह सरकार की तओर से नामवर आर्थिक माहिर मोंटेक सिंह अहलूवालिया के नेतृत्व वाली समिति की ओर से पेश की प्राथमिक सिफारिशों को पंजाब विरोधी करार देते पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

 बुधवार को यहां मीडिया के रूबरू हो कर पार्टी के सीनियर नेता और विधायक अमन अरोड़ा और प्रिंसीपल बुद्ध राम ने हैरानी प्रकट की है कि मोंटेक सिंह अहलूवालिया वाली समिति गठित तो अमरिन्दर सिंह सरकार ने की है, परंतु वकालत मोदी सरकार की पंजाब और किसान विरोधी नीतियों की कर रही है। इस लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह स्पष्ट करें कि वह किस मजबूरी के अधीन मोदी सरकार के समक्ष घुटने टेक रही है?

अमन अरोड़ा ने कहा कि मोंटेक सिंह अहलूवालिया समिति की प्राथमिक सिफारिशों को किसी भी पक्ष से पंजाब की जमीनी हकीकतों से मेल नहीं खाती। अमन अरोड़ा के मुताबिक, ‘‘मोदी सरकार के जो कृष्णी विरोधी अध्यादेशों और केंद्रीय बिजली संशोधन बिल-2020 के विरुद्ध आज पूरा पंजाब सडक़ों पर विरोध कर रहा है, अहलूवालिया समिति अपनी, सिफारिशों में उनकी शरेआम और स्पष्ट वकालत कर रही है। जिनमें किसानों के लिए खुली मंडी, बड़े शहरों में प्राईवेट बिजली सप्लाई, किसानों को मिल रही बिजली सब्सिडी का विरोध, मुलाजिमों को केंद्र सरकार के स्केल और शराब पर टैकस बढ़ाने जैसी सिफारिशें प्रमुख हैं।’’ इस लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह साफ करें कि पंजाब सरकार अहलूवालिया समिति की सिफारिशों पर क्या स्टैंड रखती है।’’

अमन अरोड़ा और प्रिंसीपल बुद्ध राम ने कहा कि अहलूवालिया समिति की प्राथमिक सिफारिशें यह प्रभाव दे रही हैं कि मोदी सरकार के किस दबाव में मुख्य मंत्री अमरिन्दर सिंह मोंटेक सिंह अहलूवालिया समिति के द्वारा मोदी सरकार की संघीय ढांचा विरोधी, पंजाब विरोधी और कृषि विरोधी अध्यादेशों और काले कानून लागू करने की जमीन तैयार करने लगी है।

 ‘आप’ विधायक ने कहा कि यदि अहलूवालिीया समिति पंजाब की जमीनी और कड़वी हकीकतों को समझ कर सिफारिशें करती तो सबसे पहली सिफारिश प्रदेश से बहुभांती माफिया की 25000 से 30000 करोड़ रुपए वार्षिक लूट को हर खतरे में डाले खत्म करने की सिफारिश करती, परंतु इसके उलट इस समिति ने निजी बिजली कंपनियों के साथ-साथ बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हितों की पूर्ति करते हुए अंधाधुन्ध निजीकरण और माफिया राज की वकालत की है।

प्रिंसीपल बुद्ध राम ने मोंटेक सिंह अहलूवालिया को निजी कंपनियां और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट घरानों का मोहरा बताया है। अमन अरोड़ा और प्रिंसीपल बुद्ध राम ने कहा कि यदि पंजाब सरकार ने मोदी के दबाव में मोंटेक सिंह अहलूवालिया समिति की सिफारिशों को लागू करने की गुस्ताखी की तो आम आदमी पार्टी इस का ओर तीखा विरोध करेगी।    
    

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