87 मौतों के लिए पंजाब सरकार व मंत्री जिम्मेदार, सीबीआई या हाईकोर्ट के जज करे जांच- राणीके

साढ़े तीन साल से सोई है पंजाब सरकार, कोई वायदा नही किया जा रहा पूरा

गुरदासपुर, 2 अगस्त (मनन सैनी)। पंजाब की सीमावर्तीय क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई 87 मौतों के लिए पंजाब सरकार व इसके मंत्री जिम्मेदार है। इस पूरे मामले की जांच सीबीआई या फिर किसी हाईकोर्ट के जज से करवाई जानी चाहिए। ये विचार पूर्व मंत्री गुलजार सिंह रणीके ने रविवार को अकाली वर्करों की बैठक के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहे। इससे पहले समूह अकाली वर्करों ने जिला प्रधान गुरबचन सिंह बब्बेहाली के नेतृत्व में दो मिनट का मौण धारण कर जहरीली शराब पीकर मरने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

पूर्व मंत्री रणीके ने कहा कि यह हादसा शायद ही पंजाब में पहले कभी नहीं हुआ। जब शराब पीकर 100 के करीब जानें गई हों। इसके लिए सिर्फ अफसर नहीं, बल्कि पंजाब सरकार व उनके मंत्री व विधायक भी जिम्मेदार है। सभी आरोपितों को सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख देना मजाक है। यह राशी 25 लाख होनी चाहिए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जानी चाहिए।

रणीके ने कहा कि पंजाब सरकार को साढ़े तीन साल हो चुके है। मगर यह अभी तक सोई हुई है। पंजाब की जनता बेहाल है। कोई वादा पूरा नहीं किया जा रहा है। सबसे अधिक एससी व पिछड़े वर्ग के भाईचारे को परेशान किया जा रहा है। एससी, एसटी विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए केंद्र से 309 करोड़ रुपए आए, मगर किसी अन्य पर खर्च कर दिए। उनका भविष्य तबाह किया जा रहा है। नीले कार्ड रद्द किए जा रहे है। शगुन स्कीम के 5100 रुपए नहीं दिए जा रहे। मुफ्त बिजली के 200 युनिट खत्म कर दिए है। पेंशनें नहीं दी जा रही है। इसके विरोध में अकाली दल द्वारा पूरे पंजाब में जिला बार प्रदर्शन किया जाएगा। छह अगस्त को जिला गुरदासपुर में और बाद शेष जिलों में किया जाएगा। यह सिलसिला 25 अगस्त तक चलेगा। जिला प्रधान गुरबचन सिंह बब्बेहाली ने बताया कि शिअद (ब) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल द्वारा किए गए आहवान पर जिला गुरदासपुर में छह अगस्त को सभी गांवों, शहरों के वार्डों, गलियों-मोहल्लों में प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान कोरोना से बचाव के लिए हिदायतों का भी पूरा पालना किया जाएगा।

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