अकाली दल ने राहुल गांधी से कहा कि यदि उसे कर्मचारियों की सचमुच चिंता है तो वह मुख्यमंत्री तथा वित्तमंत्री से पंजाब सरकार के कर्मचारियों का डीए जारी करने के लिए कहे

कहा कि पंजाब में तीन साल से 5 हजार करोड़ के डीए बकाया जारी नही किए गए हैं

चंडीगढ़/25अप्रैलः शिरोमणी अकाली दल ने आज कांग्रेसी सांसद राहुल गांधी से कहा कि यदि उसे सचमुच कर्मचारियों की चिंता है तो वह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से पंजाब सरकार के कर्मचारियों के 5000 करोड़ के डीए बकाया जारी करने की सिफारिश करे, जोकि 2018 से नही दिए गए हैं।

यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि राहुल गांधी ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में फंड जुटाने के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी पर लगाई रोक को अमानवीय तथा कठोर कार्रवाई करार दिया है। उन्होने कहा कि कांग्रेसी सांसद को बताना चाहिए कि वह इस संबधी पंजाब सरकार के कर्मचारियों के साथ हुए भेदभाव को कैसे देखते हैं, जिन्हे तीन सालों से अपने डीए का 22 से लेकर 26 फीसदी अभी तक नही मिला है। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार ने डीए में बढ़ोतरी रोकने के लिए कदम उठाया हैं, पर पंजाब सरकार तीन साल से अपने कर्मचारियों को डीए बकाया नही दे रही है। क्या तुम्हारी कथनी और करनी एक नही होनी चाहिए तथा जो सलाह तुम केंद्र सरकार को दे रहे हो, उसे पहले पंजाब में नही लागू करवाना चाहिए? उन्होने कहा कि अच्छा होगा कि केंद्र द्वारा डीए बढ़ोतरी पर लगाई रोक के बारे बोलने से पहले तुम मुख्यमंत्री तथा वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल को पंजाब के कर्मचारियों के डीए बकाया जारी करने की सिफारिश करो।

सरदार मजीठिया ने कहा कि अकाली दल लगातार पंजाब के कर्मचारियों के डीए बकाया जारी किए जाने की मांग करता आ रहा है। इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया गया था। मुझे विश्वास है कि तुमने इसकी रिपोर्टें पढ़ी होंगी। उन्होने कहा कि अगर तुम सचमुच में पंजाब के लोगों की चिंता करते हो तो तुम्हे इस मामले में हस्तक्षेप देने संबधी बिल्कूल देरी नही करनी चाहिए। उन्होने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र तथा राज्य सरकार के लिए अलग अलग नियम नही होने चाहिए।

अकाली नेता ने राहुल गांधी से यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को उन सभी नर्सों की सेवाएं नियमित करने का मशवरा दें, जो एडहॉक कर्मियों के तौर पर कोविड के खिलाफ लड़ाई में भाग ले रही हैं। उन्होने कहा कि इसी तरह कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में डॉक्टरों का सार्मथ्य बढ़ाने के लिए मेडिकल इंटर्न को सरकारी मेडिकल सेवा में लिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि तुम पंजाब सरकार को हरियाणा की तर्ज पर मेडिकल वर्करों के वेतन दोगुने करने की सलाह देनी चाहिए तथा अग्रिम कतार के सभी स्वास्थ्य कर्मियों का बीमा करने के लिए कहना चाहिए।

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