अपनी किस्मत खुद अपने दम पर बुंलंध करने में जुटा जूडो खिलाड़ी जसलीन सैनी

पंजाब सरकार ने नही बल्कि कोच तथा खिलाड़ी दे रहे उबरते सितारे का साथ 

कोच का आरोप -मदद तो दूर जसलीन सैनी की खेल प्राप्ति के अनुसार बनती राशी नही दे रही पंजाब सरकार

मनन सैनी 

गुरदासपुर । जूड़ो खिलाड़ी जसलीन सैनी अपनी किस्मत खुद अपने दम पर बुलंद करने में जुटा है। उसकी पंजाब सरकार की ओर से कोई मदद नही की जा रही । परन्तु उसे अपने कोच तथा अपने दोस्त खिलाड़ियों का बेहद साथ मिल रहा है। हाल ही में टोकियो ओलंपिक-2020 के लिए क्वालीफाई होने के लिए मशक्कत कर रहे जूडो खिलाड़ी जसलीन सैनी के लिए जामिया व टोगो के अफरीकन खिलाड़ी उस समय मसीहा बनकर आए, जब उक्त खिलाड़ी पैरिस में 12 दिन प्रेक्टिस करने के लिए कोई ठिकाना तलाश कर रहा था। 

पेरिस में आठ फरवरी से 11 फरवरी तक विश्व प्रसिद्ध जूडो टूर्नामेंट खेलने के बाद जसलीन सैनी ने 21 से 23 फरवरी तक डसलटोफ (जर्मनी) में एक और विश्व स्तरीय जूडो टूर्नामेंट खेलने जाना है।पिछले टूर्नामेंट का पूरा खर्चा उसे खुद वहन करना पड़ता जिसमें वह अस्मर्थ था।  परन्तु मौके पर उसके कोच अमरजीत शास्त्री ने डेढ़ लाख रुपए उधार देकर इस टूर्नामेंट का प्रबंध किया । इस टूर्नामेंट खेलने के लिए खर्चा ज्यादा आने से उसके लिए मुसीबत के दौर में उसके अफरीकन दोस्त जूडो खिलाड़ी स्टीफ मुनगेनडू व एडीबायो फ्रैतिक ओलंपिया उसके लिए सहारा बने। उन्होने जसलीन को अपने साथ रहकर प्रेक्टिस करने व रहने के लिए कमरा शेयर करने के लिए कहकर इस संदेश को सत्य कर दिखाया है कि खिलाड़ी नसल व रंग से ऊपर होते है। 

इस संबंधी जसलीन सैनी के कोच अमरजीत शास्त्री ने कहा कि पंजाब सरकार के पास खिलाडिय़ों को ओलंपिक स्तर पर खेलने के लिए तैयार करने का कोई प्रोजेक्ट नहीं है। क्योंकि पंजाब सरकार के खेल विभाग की ओर से जसलीन सिंह सैनी की कोई आर्थिक मदद करने से साफ इंकार कर दिया। शास्त्री ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने पिछले तीन साल से खिलाडिय़ों को उनकी प्राप्तियों के अनुसार कोई ईनामी राशि नहीं दी। जबकि जसलीन सैनी की खेल प्राप्तियों के अनुसार उसे 15 लाख से अधिक राशि सरकार को देनी चाहिए। मीडिया में जसलीन सैनी की आर्थिक तंगी की खबर आने पर पंजाब जूडो एसोसिएशन व जूडो फेडरेशन आफ इंडिया के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने 50 हजार रुपए व जूडो यूनियन आफ एशिया के महासचिव मुकेश कुमार पूर्व प्रधान जूडो फैडरेशन आफ इंडिया ने तुरंत 50 हजार रुपए की सहायात भेजकर उसकी हौंसला अफजाई की है।

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