अकाली दल ने ननकाना साहिब पर हुए हमले संबधी नवजोत सिद्धू की चुप्पी पर सवाल उठाया

कहा कि सिद्धू ने साबित कर दिया कि वह अपने देश तथा सिखों के प्रति ईमानदार नही है

महेशइंदर ग्रेवाल ने प्रधानमंत्री से पाकिस्तान को कड़ा संदेश भेजने के लिए कहा

चंडीगढ़/05जनवरीः शिरोमणी अकाली दल ने आज पाकिस्तान में सिखों तथा ननकाना साहिब पर हुए नफरती हमले के बारे कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा धारी चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिद्धू सिर्फ पाकिस्तानी सेना तथा आईएसआई के लिए अपने प्यार का स्पष्टीकरण देने में ही नाकाम नही हुआ है, बल्कि उसने यह भी साबित कर दिया है कि वह अपने देश तथा सिखों के प्रति जरा सा भी ईमानदार नही है।

यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए पूर्व मंत्री महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि यह बात स्पष्ट है कि सिद्धू अपनी जमीर पाकिस्तानी सेना के पास बेच चुका है तथा आईएसआई द्वारा अपनी भारत विरोधी गतिविधियों के लिए उसे इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होने कहा कि यही कारण है कि वह आईएसआई का प्रवक्ता बन चुका है तथा उसने पाकिस्तान में रहते अपने सिख भाईचारे तथा उनकी परेशानियों की ओर से पीठ घुमा ली है।

पाकिस्तान में एक नाबालिग सिख लड़की का जबरदस्ती धर्मातरण तथा उसके बाद हुई घटनाएं जिनमें पीड़ित परिवार को मौत की धमकियां मिलना, गुरुद्वारा जन्म स्थान पर ईंटे-पत्थर मारना तथा पवित्र नगरी ननकाना साहिब का नाम बदलने की धमकियां देना आदि पर सिद्धू द्वारा धारी चुप्पी का जवाब मांगते हुए सरदार ग्रेवाल ने कहा कि इससे साबित होता है तुम्हारी वफादारी किसके साथ है। उन्होने कहा कि दुनिया का कोई भी सिख सिखों के जबरी धर्म परिवर्तन तथा पवित्र गुरुघामों पर हमले को बर्दाश्त नही कर सकता। उन्होने कहा कि इसी तरह सिख सिद्धू जैसों को कभी माफ नही करेंगे, जो पाकिस्तान में रहते अपने दोस्तों के इशारों पर नाचते हैं।

सिद्धू से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने यां परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने के लिए कहते हुए अकाली नेता ने कहा कि सिद्धू को पाकिस्तानी सरकार तथा अपने दोस्त तथा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तुरंत निंदा करनी चाहिए। उन्होने कहा कि सिद्धुू को अपने दोस्त जनरल कमर जावेद बाजवा से अपने घनिष्ठ संबंधों का इस्तेमाल करते हुए उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करवानी चाहिए, जिन्होने गुरुद्वारा जन्म स्थान पर पत्थरबाजी की है तथा जो एक नाबालिग सिख लड़की का जबरदस्ती धर्मातरण के लिए जिम्मेदार थे। उन्होने कहा कि सिद्धू को पाकिस्तान में जबदस्ती धर्मातरण तथा ननकाना साहिब पर हुए हमले के खिलाफ न बोलने के लिए सिखों से माफी मांगनी चाहिए।

यह कहते हुए कि पाकिस्तान के बुरे इरादों के बारे में सभी जानते है, अकाली नेता ने सिखों से एकजुट होकर पाकिस्तान में सिखों पर हो रहे अत्याचारों की निंदा करने का अनुरोध किया। उन्होने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी आग्रह करते हैं कि वह पाकिस्तान को कड़ा संदेश भेजें कि ऐसा घिनौना कृत्य किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होने कहा कि इसके साथ ही हम कांग्रेस पार्टी तथा गांधी परिवार से गुरुद्वारा जन्म स्थान पर हुए हमले के बारे चुप रहकर पाकिस्तानी खेल खेलने की प्रताड़ना करते हैं, जिन्होने केंद्रीय मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल के कहने के बाद ही अपना मुंह खोला है।

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