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पंजाब के मुख्यमंत्री ने अमित शाह को पत्र लिखकर कोविड-19 राष्ट्रीय आपदा के लिए अप्रैल महीने के लिए 3000 करोड़ रुपए के अंतरिम मुआवज़े की माँग की

पंजाब के मुख्यमंत्री ने अमित शाह को पत्र लिखकर कोविड-19 राष्ट्रीय आपदा के लिए अप्रैल महीने के लिए 3000 करोड़ रुपए के अंतरिम मुआवज़े की माँग की
  • PublishedApril 21, 2020

राज्य के संसाधनों के चिंताजनत अंतर की पूर्ति के लिए चार महीनों के जी.एस.टी. बकाए के 4400 करोड़ रुपए तुरंत जारी करने की भी माँग की

चंडीगढ़, 21 अप्रैल: राज्य में राजस्व की अनुमानित प्राप्तियाँ और प्रतिबद्ध व्यय के बीच चिंताजनक बढ़ते अंतर की तरफ इशारा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंगलवार को कोविड-19 राष्ट्रीय आपदा से निपटने के लिए केंद्र सरकार के पास अप्रैल महीने के लिए 3000 करोड़ रुपए के अंतरिम मुआवज़े की माँग की। इसके साथ ही 4400 करोड़ रुपए की बकाया पड़ी जी.एस.टी. की राशि भी तुरंत जारी करने की माँग की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पिछले चार महीनों का जी.एस.टी. का 4400 करोड़ रुपए बकाया राशि तुरंत जारी किया जाए, जिससे राज्य को संसाधनों में आई रुकावट दूर करने में मदद मिल सके।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के चलते सभी राज्य बड़े वित्तीय संकटों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि वह पंजाब को कोविड-19 के कारण हुए राजस्व घाटे की पूर्ति के लिए ज़रूरी मुआवज़ा राशि जारी करे। अप्रैल महीने में 3000 करोड़ रुपए के घाटे के अनुमान की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नुकसान का विस्तृत मुल्यांकन और राहत और पुनर्वास के लिए फंडों की माँग सही समय पर जमा करवा दी जाएगी।’’ उन्होंने ज़ोर देकर कहा, ‘‘भारत सरकार को अंतरिम राहत तुरंत जारी करनी चाहिए जिससे कोविड-19 के खि़लाफ़ चल रही जंग किसी भी हालत में कमज़ोर न पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं राहत कार्यों के उपायों के मद्देनजऱ पंजाब के खज़ाने पर इस समय पर काफ़ी बोझ पड़ रहा है जो निरंतर बढ़ता ही जाना है क्योंकि मुकम्मल लॉकडाउन के चलते व्यापार, कारोबार और उद्योग बंद होने के कारण राजस्व की कोई प्राप्ति नहीं हो रही है।

राज्य सरकार ने राज्य के 2020-21 बजट में अप्रैल महीने के लिए 3360 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति का अनुमान लगाया था, जिसमें जी.एस.टी. का 1322 करोड़ रुपया, पैट्रोलियम उत्पादों पर वैट का 465 करोड़ रुपया, प्रांतीय आबकारी राजस्व का 521 करोड़ रुपया, मोटर व्हीकल टैक्स का 198 करोड़ रुपया, बिजली कर का 243 करोड़ रुपया, स्टैंप ड्यूटी का 219 करोड़ रुपया और ग़ैर करों से राजस्व 392 करोड़ रुपया शामिल था। हालाँकि, कैप्टन अमरिन्दर सिंह का मानना है कि यह प्राप्तियाँ काफ़ी घटने की उम्मीद है क्योंकि लॉकडाउन के कारण राज्य में ज्य़ादातर आर्थिक गतिविधियां ठप्प पड़ी हैं। एस.जी.एस.टी., आई.जी.एस.टी., वैट, आबकारी, स्टैंप ड्यूटी और मोटर व्हीकल टैक्सों के रूप में राजस्व प्राप्ति कम हैं और बिजली के उपभोग में कमी आने से अप्रैल, 2020 के दौरान बिजली ड्यूटी के अनुमानित राजस्व में भी 60 प्रतिशत गिरावट आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा दिसंबर 2019 से लेकर मार्च 2020 तक बीते चार महीनों का राज्य का लगभग 4400 करोड़ रुपए का जी.एस.टी. मुआवज़ा भी केंद्र सरकार की तरफ बकाया पड़ा है। उन्होंने बताया कि दूसरी ओर कजऱ् व्यवस्था, पैंशनें, वेतन और कोविड -19 के लिए राहत कार्यों, स्वास्थ्य संभाल और बुनियादी ढांचे आदि के लिए अप्रैल 2020 महीने का 7301 करोड़ रुपए का बजट है जिसके नतीजे के तौर पर आने वाले राजस्व और प्रतिबद्ध खर्चों के दरमियान संसाधनों का बड़ा अंतर है। राज्य की नाजुक वित्तीय स्थिति का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने पड़ाववार ढंग से शराब की बिक्री की इजाज़त देने की माँग की, जिससे वैट और आबकारी राजस्व जुटाया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्रालय को कोविड -19 की रोकथाम के लिए देह से दूरी और अन्य कदमों की सख्ती से पालना को यकीनी बनाते हुए पड़ाववार ढंग के द्वारा कुछ इलाकों में शराब की बिक्री की आज्ञा देने के लिए राज्य को फ़ैसला लेने की इजाज़त दी जानी चाहिए।’’

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इससे राज्य को कोविड -19 पर काबू पाने के लिए राहत कार्यों और स्वास्थ्य संभाल कदमों में और तेज़ी लाने में मदद मिलेगी और इसके अलावा प्रतिबद्ध देनदारियां और रोज़मर्रा के अन्य खर्चे, सभी नहीं तो कम-से-कम कुछ तो निपटाएं जा सकें। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को इस संबंधी जल्द कार्यवाही करने की अपील की और उनको कोविड -19 पर काबू पाने और प्रभावी प्रबंधन के द्वारा मौजूदा संकट में से बाहर निकलने के लिए भारत सरकार के यत्नों को राज्य द्वारा पूर्ण और निरंतर सहयोग देने का आश्वासन दिया

Written By
The Punjab Wire