अकाली दल ने की सर्दियों की स्कूल वर्दियां समय पर वितरित न करने के लिए शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग

डाॅ. चीमा ने कहा कि इस कड़ाके की सर्दी में छात्रों को परेशान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए

चंडीगढ़/26दिसंबरः शिरोमणी अकाली दल ने गुरुवार को लगातार दूसरे साल सर्दियों की स्कूल वर्दियां समय पर वितरित न करके हजारों छात्राओं के अलावा दलित तथा गरीबी रेखा से निचले परिवारों के बच्चो को कड़ाके की सर्दी में परेशान करने के लिए कांग्रेस सरकार की निंदा की है। पार्टी ने इस गैरजिम्मेदाराना भरी हरकत के लिए शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है तथा उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है, जिनके लापरवाह तथा सुस्त रवैये के कारण वर्दियों के लिए फंड जारी करने तथा वर्दियों की खरीद शुरू करने में अनुचित देरी हुई है।

यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री तथा वरिष्ठ अकाली नेता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि शिक्षा मंत्री द्वारा छात्रों तथा अध्यापकों की शिकायतों का समाधान करने में कोई दिलचस्पी नही दिखाई जा रही है, इसके विपरित वह शिक्षा विभाग के हर संकट को दमनकारी तथा गालीगलौच से समाधान करने में विश्वास करते हैं। उन्होने कहा कि हाल ही में शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे अध्यापकों पर न सिर्फ पुलिस लाठीचार्ज का आदेश दिया था, बल्कि अध्यापकों के लिए बेहद घटिया तथा अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। उन्होने कहा कि इस अत्यधिक कड़ाके की सर्दी में गरीब बच्चों को वर्दियां न देना साबित करता है कि विजय इंदर सिंगला में न तो कर्तव्य की भावना है तथा न ही कोई मानवीय हमदर्दी की भावना है। ऐसे मंत्री की तत्काल छुट्टी करनी चाहिए।

डाॅ. चीमा ने कहा कि कांग्रेस सरकार की सरकारी स्कूलों में समय पर सर्दियों की वर्दियां पहुंचाने में विफलता ने करीब 65 हजार बच्चों को इस कड़ाके की सर्दी में ठिठुरने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होने कहा कि सर्दियां शुरू होने से पहले जरूरतमंद बच्चों को वर्दियां देेने के लिए खरीद की प्रक्रिया मार्च में शुरू की जानी चाहिए थी। परंतु यह काम सितंबर में किया गया, जिसके कारण समय पर वर्दियां देना असंभव हो गया। उन्होने कहा कि इस बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

यह टिप्पणी करते हुए कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार स्कूली वर्दियां तथा दलित छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति देने समेत सभी समाज कल्याण योजनाओं को लागू करने संबधी सुस्त तथा लापरवाह रवैये के लिए जानी जाती है, अकाली नेता ने कहा कि पिछले साल भी 1.25 लाख छात्रों को सर्दियों की वर्दियां समय पर उपलब्ध नही करवाई गई। उन्होने कहा कि सर्दी में तंग हो रहे इन गरीब बच्चों की सहायता अकाली दल तथा यूथ अकाली दल ने स्कूलों में वर्दियां वितरित करके की थी।

डाॅ. चीमा ने कांग्रेस सरकार को पिछले साल की तरह बच्चों को घटिया क्वालिटी की वर्दियां देने के खिलाफ भी चेतावनी दी। उन्होने कहा कि पिछले साल सर्दियों के सीजन के अंत में राज्य सरकार द्वारा बच्चों को दी वर्दियां न सिर्फ खराब गुणवत्ता की थी, बल्कि उनका आकार भी सही नही था। उन्होने कहा कि मानसा जिले में बहुत सारे अभिभावकों ने यह वर्दियां यह शिकायत करते हुए स्कूलों को वापिस कर दी थी कि उन्होने पहली बार इतनी खराब गुणवत्ता वाली वर्दियां दी गई हैं जबकि अकाली-भाजपा कार्यकाल के दौरान ऐसा कभी नही हुआ था। डाॅ. चीमा ने कहा कि राज्य सरकार को इन बच्चों को अच्छी क्वालिटी की वर्दियां देनी चाहिए, क्योंकि निःशुल्क वर्दियां लेना उनका सवैंधानिक अधिकार है।

राज्य सरकार को स्कूली वर्दियों के लिए केंद्रीकृत टैंडरिंग की विधि त्याग कर यह काम स्कूल प्रबंधकों को सौंपने के लिए कहते हुए डाॅ. चीमा ने कहा कि सरकार को स्कूल प्रबंधकों द्वारा बच्चों के लिए वर्दियां खरीदने वाले पुराने सिस्टम को लागू करना चाहिए, क्योंकि नए टैंडरिंग सिस्टम से वर्दियां लेट होने के अलावा विभिन्न स्कूलों के लिए अलग वर्दियां तथा उनके बंटवारे को लेकर कई समस्याएं आती हैं।

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