कैप्टन-बादल-मोदी तीनों की है आपस में मिलीभुगत, एक योजना के अंतर्गत बयानबाजी कर करना चाहता हैं किसानों के संघर्ष को ‘तारपीडो’ -‘आप

-हरदीप पुरी और बादल जोड़ी गंदी राजनीति करके नहीं कर सकते पंजाब की जनता को गुमराह-भगवंत मान

– कैबिनेट मीटिंग की कार्यवाही वाले अहम ‘मिनट्स’ भाजपा-शिरोमणि अकाली दल करे जनतक, असलीयत आ जाएगी लोगों के सामने-भगवंत मान 

-अपनी आदत से मजबूर कैप्टन ने फिर की वायदा-खिलाफी, स्पैशल सत्र बुलाने वाले वायदे से पलटे 

चण्डीगढ़, 4 अक्तूबर।आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने बीते कुछ समय पहले पास हुए कृषि बिलों को लेकर कांग्रेस-शिरोमणि अकाली दल (बादल) और भाजपा की ओर से की जा रही गंदी राजनीति को पंजाब के समूह किसान हकों का कातिल करार देते कहा कि, ‘‘केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की ओर से कृषि अध्यादेशों को पास करवाने में हरसिमरत बादल द्वारा निभाई गई अहम भूमिका के बारे में बताना और साथ ही सुखबीर बादल का यह कहना कि यह सब कोरा झूठ है’’ का मकसद सिर्फ किसानों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना व किसानों के संघर्ष को ‘तारपीडो’ करना है।  

 पार्टी हैडक्वाटर से जारी बयान के द्वारा भगवंत मान ने सुखबीर बादल और हरदीप पुरी को किसान विरोधी बताते कहा कि अब यह पंजाब की जनता को गुमराह कर राजनैतिक लाभ नहीं ले सकते। मान ने कहा कि ‘आप’ और पंजाब की समूह किसान जत्थेबंदियां चाहतीं हैं कि कैबिनेट मीटिंग के दौरान कृषि अध्यादेशों को लागू करते समय जो भी कार्यवाही हुई है उस के ‘मिनट्स’ पंजाब के जनता सामने रखे जाएं, जिससे पता लगे सके कि काले कानूनों को पास करवाने में किस पार्टी ने अपनी अहम भूमिका निभाई है। 

    भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल (बादल) को भाजपा की ‘बी’ टीम और कांग्रेस भाजपा की समर्थक टीम कहते कहा कि कैप्टन-बादल-मोदी तीनों ही आपस में एकजुट हो कर एक योजना के अंतर्गत बयानबाजी करके किसानों के संघर्ष को ‘तारपीडो’ करना चाहते हैं। मान ने कहा कि किसान विरोधी पार्टियों को ऐसी बयानबाजी करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, क्योंकि भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के मैंबर कैबिनेट मीटिंग में शामिल थे, यदि वह चाहें तो इस मीटिंग के ‘मिनट्स’ पंजाब की जनता के सामने रख सकते हैं, जिससे हरसिमरत बादल की सच्चाई जनतक हो जाएगी कि किसान हितैषी हैं या किसान विरोधी। 

भगवंत मान ने कहा कि यदि हरसिमरत कौर बादल ने कृषि बिलों का विरोध किया था तो जब से यह बिल कैबिनेट में टेबल हुआ तब से लेकर अब तक हरसिमरत बादल और सुखबीर बादल अपना एक भी बयान या इंटरव्यू जनतक कर दें, जिस में उन्होंने कृषि बिलों का विरोध किया हो। मान ने कहा कि विरोध तो दूर इन्होंने पूरे पंजाब में भाजपा के नेताओं को साथ लेकर कृषि बिलों के समर्थन में बैठकें की और इस बिल का विरोध करने की बजाए, इन्होंने किसान जत्थेबंदियों को यह कहा कि वह समूह किसान जत्थेबंदियों को केंद्र सरकार के पास लेकर जाएंगे और उनके सवालों के जवाब देंगे। 

भगवंत मान ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल (बादल) अब किसानों के संघर्ष से डर कर बयानबाजी करके पंजाब की जनता को भरोसा दिलाना चाहती है कि हम पहले दिन से ही इस कानून के खिलाफ थे, परंतु अफसोस बादल जोड़ी यह नहीं जानती कि अब पंजाब की जनता अच्छी तरह से अवगत हो चुकी है कि यह कभी भी कानून के हक में नहीं थे और यह बयानबाज़ी करके सिर्फ नाटक कर रहे हैं। इस लिए किसान अब इनकी झूठी बातों में नहीं आऐंगे। 

भगवंत मान ने कहा कि मुख्य मंत्री अमरिन्दर सिंह ने सर्वदलीय मीटिंग में विभिन्न राजनैतिक पार्टियों और किसान जत्थेबंदियों से वायदा किया था कि वह कृषि बिलों को वापिस करवाने के लिए स्पैशल सत्र बुलाएंगे परंतु कैप्टन अमरिन्दर सिंह अपनी आदत से मजबूर हमेशा की तरह इस बार भी अपने वायदे से पलटते हुए यह कह रहे हैं कि अब स्पैशल सत्र बुलाने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि अब तो कृषि बिल  पास हो गया है। मान ने कहा कि यदि कैप्टन अमरिन्दर सिंह किसान हितैषी हैं तो वह तुरंत स्पैशल सत्र बुलाएं और पूरे पंजाब को खुली मंडी बनाने का कानून पास करें, जिससे पंजाब के किसानों और आढ़तियों को उनके हक मिल सकें। 

अंत में भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी का एक ही मकसद है कि पंजाब के समूह किसान जत्थेबंदियों के संघर्ष को मजबूत बनाना और इस किसान विरोधी काले कानून को किसी भी कीमत पर वापस करवा कर पंजाब को बर्बाद होने से बचाना। 

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