सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कोविड महामारी पर राजनैतिक रोटियाँ सेकने वाले अकाली दल प्रधान कि की कड़ी आलोचना

कांग्रेसी मंत्री ने सुखबीर के बयान को फ्रंटलाईन स्वास्थ्य कामगारों का मनोबल कमजोर करने की भद्दी चाल करार दिया

सुखबीर बादल द्वारा राजसी इच्छाओं की पूर्ति के लिए अफवाहों में आए मासूम गाँव वासियों का सहारा लेना अति शर्मनाक और निंदनीय कारार
कोविड से निपटने के लिए राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह समर्थ

चंडीगढ़, 1 सितम्बरः सीनियर कांग्रेसी नेता और कैबिनेट मंत्री स.सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कोविड -19 से जूझ रहे राज्य सरकार का साथ देने की बजाय इस महामारी पर राजनैतिक रोटियाँ सेकने के लिए अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अकाली दल के प्रधान द्वारा अपनी राजसी इच्छाओं की पूर्ति के लिए अफवाहों का शिकार हुए मासूम गाँव वासियों का सहारा लेना अति शर्मनाक और निंदनीय काम है। उन्होंने कहा कि यदि सुखबीर बादल को राज्य से इतना ही प्यार है तो अपने ही सहयोग वाली केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार की मदद के लिए दबाव क्यों नहीं बनाता। पंजाब से अकाली दल के दोनों पति-पत्नी लोकसभा मैंबर केंद्र के से कुछ मांगने की बजाय हर समय बिना किसी बात के राज्य सरकार की निंदा करने का मौका ही ढूँढते रहते हैं।

अकाली दल के प्रधान द्वारा मंगलवार को कोविड -19 से निपटने के लिए राज्य सरकार की कोशिशों की निंदा करने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स. रंधावा ने कहा कि आज जब न सिर्फ पूरा देश बल्कि पूरी दुनिया इस महामारी के भयानक संकट से घिरी हुई है तो सुखबीर सिंह बादल राजनैतिक हितों की खातिर अपनी बयानबाजी करने से नहीं टल रहा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों पर शक प्रकट कर सुखबीर बादल ने अगली कतार में कोविड के खिलाफ लड़ रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य स्टाफ का हौसला पस्त करने की असफल कोशिश की है। अकाली दल का प्रधान गैर जिम्मेदाराना भूमिका अदा करता हुआ संकट की घड़ी में भी अपना राजसी एजेंडा आगे बढ़ा रहा है।

स. रंधावा ने कहा कि चाहिए तो यह था कि अकाली दल का प्रधान अपने वर्करों को कोविड -19 बारे सही जानकारी के लिए जागरूक करने और स्वास्थ्य कामगारों का सहयोग करने के लिए कहता जिससे लक्षण पाए जाने वाले मरीज का तुरंत टैस्ट करवाने के उपरांत इलाज शुरू हो जाये परंतु अकाली दल द्वारा राजनैतिक रोटियाँ सेकते हुए मासूम गाँव वासियों को राज्य सरकार के खिलाफ भड़काया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि समाज विरोधी तत्वों द्वारा अस्पतालों में दाखिल होने सम्बन्धी फैलाए जा रहे झूठे प्रचार का सहारा लेने वाले अकाली दल प्रधान ने इस महामारी को भी अपनी राजनीति चमकाने का जरिया समझा है।

स. रंधावा ने कहा कि राज्य सरकार समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ सख्ती से निपट रही है और अंग निकाले जाने के डर से लोगों को अस्पतालों में न जाने सम्बन्धी झूठे संदेश फैलाने वाले एक व्यक्ति को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। ऐसे समय पर सुखबीर का बयान राज्य सरकार की कोविड के खिलाफ जंग को कमजोर करने की भद्दी चाल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिना लक्षण वाले लोगों की परेशानी को घटाने के लिए घरेलू एकांतवास को उत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ गंभीर स्थिति वाले मरीजों को हस्पताल में दाखिल किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो मरीज घरेलू एकांतवास में नहीं रह सकते वह अपनी सुविधा अनुसार निजी सेवाओं या मुफ्त सरकारी सहूलतों का लाभ ले सकते हैं।
स. रंधावा ने कहा कि इस संकट के समय राज्य सरकार द्वारा अपनी पूरी ताकत झोंक कर हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं जिसका सबूत है कि कोविड के मामले में पंजाब की स्थिति देश के दूसरे राज्यों की अपेक्षा काबू में है। उन्होंने कहा कि इस महामारी की चपेट से अमरीका, यूरोपियन जैसे विकसित पश्चिमी मुल्क भी नहीं बच सके परंतु वहाँ से विरोधी पार्टियों ने कभी भी अपनी सरकार की कोशिशों की निंदा नहीं की।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने कोविड के खिलाफ अपनी जंग को तेज करते हुए टेस्टिंग भी बढ़ाई है और तीन प्लाज्मा बैंक भी स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब तक 10,62,667 टैस्ट हो चुके हैं और कुल 53,992 व्यक्ति पॉजिटिव पाए गए हैं जिनमें से 37027 तंदुरुस्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग बेमिसाल काम कर रहा है और राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में स्वास्थ्य कामगारों का मनोबल कमजोर करने वाले किसी भी नेता के रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगी और इसका कड़ा विरोध करती है।

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