लोगों और लोकतंत्र के साथ धोखा है विधान सभा का एक दिवसीय सत्र – हरपाल सिंह चीमा

चण्डीगढ़, 17 अगस्त– आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता व नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब विधान सभा का सिर्फ एक दिवसीय मानसून सत्र बुलाऐ जाने पर तीखा प्रतीकर्म दिया है। ‘आप’ हैडक्वाटर से जारी बयान के द्वारा हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब और पंजाब कोरोना महामारी व माफिया राज समेत अनगिणत ऐसे मुद्दे, मुश्किलें और चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनके बारे में अमरिन्दर सिंह सरकार से जवाब मांगा जाना था, परंतु ‘राजा शाही सरकार’ लोकतंत्र का पवित्र मंदिर बोले जाते सदन में इन मुद्दों पर विपक्ष (आम आदमी पार्टी) के सवालों का सामना करने की हिम्मत नहीं रखती और जवाब देने से भाग रही है। 

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि शराब माफीए के जहरीली शराब के कहर, कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप, रेत माफिया समेत बहुभांती माफीए की अंधी लूट के साथ-साथ केंद्र सरकार के खेती विरोधी अध्यादेशों, बिजली संशोधन कानून-2020 और घातक इरादों पर आधारित आहलूवालीया समिति की खतरनाक सिफारिशों पर लम्बी बहस जरूरी हैं। जिस के लिए आम आदमी पार्टी विशेष और लाइव टैलिकास्ट सत्र की मांग करती आ रही है, परंतु अमरिन्दर सिंह सरकार ने विधान सभा के सत्र को सिर्फ एक दिन तक सीमित करके लोकतंत्र और लोगों के साथ धोखा किया है। चीमा ने मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह और स्पीकर राणा केपी सिंह को इस फैसले पर फिर से विचार करने की मांग करते कम से कम 15 दिन के सत्र की मांग की है।
    
       

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