मंत्री रंधावा ने कसा पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर तंज,क्या मजबूरी था जो लाने पड़े किसान विरोधी कानून

पत्र लिख कहा मोदी सरकार की ओर से लाया किसान विरोधी बिल के बीज अकाली सरकार के साल 2013 में पाए किए गए एक्ट से हु-ब-हू मिले

कहा महज एक कुर्सी की खातिर किसानों के खिलाफ होकर मोदी हक में खड़ी अकाली दल 

गुरदासपुर, 16 सितंबर (मनन सैनी)। पंजाब के सहकारिता मंत्री एवं डेरा बाबा नानक हलके के विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल  पर तंज कसते हुए उनके नाम एक पत्र लिखा है। जिसमें रंधावा ने कहा कि पंजाब के किसान बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे है और आपकी सहयोगी पार्टी मोदी सरकार सरेआम किसानों के हकों पर डाका मार रही है। महज एक कुर्सी की खातिर किसानों के खिलाफ होकर मोदी सरकार के हक में खड़ी दिखाई दे रही है। 

पंजाब के लोगों ने आप को पांच बार मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया जो इतिहास में किसी ओर राजनितिक लीडर को नही दिया। परन्तु आज मुश्किल समय में किसानों के हक में खड़े होने की बजाए अकाली दल किसानों के हकों पर डाका मारने वालों के साथ खड़ी है। रंधावा ने कहा कि उन्हे बेहद ठेस लगी जब आपने किसान विरोधी 3 आर्डिनैंस का समर्थन करते हुए एक वीडियों संदेश पंजाब के लोगो को दिया। 

मंत्री रंधावा ने लिखा कि जब निजी तौर पर इस मजबूरी को तलाश करने किया तो हैरत हुई। मुझे हैरत हुई जब आपकी लीडरशिप तले अकाली दल की सरकार के समय अप्रैल 2013 में पास किए गए दी पंजाब कंट्रेक्ट फार्मिंग एक्ट 2013 को पड़ा। जो काफी हद तक मोदी सरकार की ओर से लाए गए  किसान विरोधी आर्डिनैंस से हू-ब-हू मिलता है। इस संबंधी उक्त कापी भेजते हुए रंधावा ने कहा कि वह महसूस करते है कि मोदी सरकार की ओर से लाए गए किसान विरोधी आर्डिनैंस के बीज आपकी तरफ से पास किए गए साल 2013 वाले एक्ट में मिलते है। 

द पंजाब कांट्रेक्ट फार्मिंग एक्ट 2013 जोकि उस समय आपकी सरकार की ओर से पास  किया गया था। जिसमें एक भी जगह पर यह नही लिखा गया था कि किसान की फसल को व्यापारी एमएसपी से कम नही खरीद सकता। इसके इलावा अगर व्यापारी किसान के साथ किए गए कांट्रेक्ट को रद्द करता है तो किसान के हुए नुुक्सान की भरपाई  किस तरह होगी इस संबंधी एक्ट में कोई भी स्पष्ट्रता नही दी गई। 

प्रकाश सिंह बादल पर तंज कसते हुए रंधावा ने कहा कि आपकी लीडरशिप में उस समय पंजाब राज्य शायद देश का ऐसा पहला राज्य होगा। जिसने अपने  किसान के उपर जुर्माने के साथ साथ सजा का भी प्रंबंध किया हो। इस एक्ट में किसान के उपर 5000 से लेकर 5 लाख रुपए तक के जुर्माना और एक माह की सजा का प्रावधान आपकी सरकार की ओर से किया गया था। इसी के साथ साथ किसान विरोधी एक अन्य प्रंबध किया गया जो किसान जुर्माने वाली रकम देने से मुकरने पर जुर्माने की रकम को किसान से जमीनी मालिया के तौर पर वसूल किया जाएगा। 

 इस सब के बावजूद इस एक्ट में किसान के साथ एक अन्य बड़ी बेइनसाफी की गई  कि अपने साथ हुए धक्के के खिलाफ किसान के पास कोर्ट जाने का रास्ता भी इस एक्ट के जरिए छीन लिया गया ।रंधावा ने कहा कि राज्य की आर्थिकता खेतीबाड़ी पर निर्भर है और राज्य के बहु गिनती लोक किसानी से जुड़े हुए है। इन्ही किसानों ने आप को सबसे ज्यादा समय पंजाब का मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया। ऐसे में आपकी कौन सी मजबूरी थी  जो आपकों किसान  विरोधी कानून लाने पड़े और पास करने पड़े। 

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