गुरदासपुर। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजनज (एनआरसी) वापिस लेने संबंधी गुरुवार को विभिन्न संगठनों ने डीसी कार्यालय के समक्ष धरना दिया। धरने के बाद भारत के राष्ट्रपति के नाम पर डीसी गुरदासपुर को मांग पत्र सौंपा गया।सतबीर सिंह सुलतानी, अमर क्रांति व अन्य नेताओं ने नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी धार्मिक लोगों में फूट डालने वाले है। ये भारतीय संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। सीएए व एनआरसी ने देश निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी है। उन्होंने मांग की है कि नागरिकता संशोधन कानून वापिस किया जाए। सीआरसी रद्द किया जाए। सीएए व एनआरसी का विरोध करने वाले गिरफ्तार किए विद्यार्थी, धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों, सामाजिक वर्कर व राजनीतिक सख्शीयतें रिहा की जाए। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस अत्याचार बंद करे। मोदी सरकार लोकसभा चुनावों में 39 फीसदी मत लेकर सत्ता में आई है। जबकि 61 फीसदी मत इसके विरुद्ध पड़ी है। इस लिए इस सरकार को ऐसे कानून बनाने का कोई भी अधिकार नहीं है। 15 दिसंबर को जामिया इस्लामियां यूनिवर्सिटीयों दिल्ली के विद्यार्थियों पर किए गए अत्याचार के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
सीएए तथा एनआरसी के खिलाफ डीसी दफतर समक्ष दिया धरना
